सहरसा मंडल कारा में विचाराधीन बंदी ने की आत्महत्या:हत्या के आरोप को लेकर जेल में बंद था, परिजनों ने जांच की मांग की
सहरसा मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन बंदी की मौत का मामला सामने आया है। मो. इरशाद (28) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना गुरुवार दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच हुई, जब उसका शव जेल के एक ट्रेनिंग हॉल में रस्सी के फंदे से लटका मिला। जेल अधीक्षक निरंजन पंडित ने इस घटना की पुष्टि की है। मृतक मोहम्मद इरशाद सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र का निवासी था। उस पर सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के वार्ड 25 निवासी मोहम्मद नूर आलम का बेटा जावेद (25) की हत्या कर शव दफनाने का आरोप था। जावेद का अपहरण 13 जुलाई 2024 को हुआ था और पुलिस ने 17 दिनों बाद उसका शव बरामद किया था। इरशाद को इस मामले में 29 जुलाई 2024 से सहरसा जेल में बंद किया गया था। मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देता था जेल अधीक्षक के अनुसार, बंदी इरशाद का व्यवहार जेल में अच्छा था। वह मशरूम की खेती के मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देता था। उसका शव उसी हॉल में लटका मिला जहां मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता था। गुरुवार को ट्रेनिंग रूम मे गया और बाहर नही निकला। ज़ब ट्रेनिंग हॉल मे जेल कर्मी गए तो उसको लटका देखा। अब आत्महत्या कैसे और क्यों कर लिया यह पता नही चल सका है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई सहरसा सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और उसे सदर अस्पताल भेजा गया है। मृतक के परिजनों ने इस मामले में जिला प्रशासन से विस्तृत जांच की मांग की है।
Oct 30, 2025 - 21:41
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सहरसा मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन बंदी की मौत का मामला सामने आया है। मो. इरशाद (28) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना गुरुवार दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच हुई, जब उसका शव जेल के एक ट्रेनिंग हॉल में रस्सी के फंदे से लटका मिला। जेल अधीक्षक निरंजन पंडित ने इस घटना की पुष्टि की है। मृतक मोहम्मद इरशाद सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र का निवासी था। उस पर सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के वार्ड 25 निवासी मोहम्मद नूर आलम का बेटा जावेद (25) की हत्या कर शव दफनाने का आरोप था। जावेद का अपहरण 13 जुलाई 2024 को हुआ था और पुलिस ने 17 दिनों बाद उसका शव बरामद किया था। इरशाद को इस मामले में 29 जुलाई 2024 से सहरसा जेल में बंद किया गया था। मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देता था जेल अधीक्षक के अनुसार, बंदी इरशाद का व्यवहार जेल में अच्छा था। वह मशरूम की खेती के मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देता था। उसका शव उसी हॉल में लटका मिला जहां मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता था। गुरुवार को ट्रेनिंग रूम मे गया और बाहर नही निकला। ज़ब ट्रेनिंग हॉल मे जेल कर्मी गए तो उसको लटका देखा। अब आत्महत्या कैसे और क्यों कर लिया यह पता नही चल सका है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई सहरसा सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और उसे सदर अस्पताल भेजा गया है। मृतक के परिजनों ने इस मामले में जिला प्रशासन से विस्तृत जांच की मांग की है।
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