करनाल में चौथा आलू एक्सपो आयोजित:कृषि मंत्री ने आधुनिक खेती के मॉडलों का निरीक्षण किया, बोले-मनरेगा में सुधार जरूरी था

करनाल के शामगढ़ स्थित आलू प्रौद्योगिकी केंद्र में चौथा आलू एक्सपो आयोजित किया गया। जिस में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर मुख्यअतिथि शामिल हुए। उन्होंने केंद्र में चल रहे शोध कार्यों और आधुनिक खेती के मॉडलों का निरीक्षण किया। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाकर लागत घटाई जा सकती है और आमदनी बढ़ाई जा सकती है। मनरेगा को लेकर पूछे गए सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में कई खामियां आ गई थीं। पहले यह योजना केवल खड्डे खोदने और भरने तक सीमित रह गई थी, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। समय के अनुसार इसमें संशोधन किया गया है, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और टिकाऊ काम हो सकें, जिनसे गांवों को स्थायी फायदा मिले। अपराध नियंत्रण पर सख्त संदेश अपराध नियंत्रण के मुद्दे पर कृषि मंत्री ने कहा कि जिसकी जिम्मेदारी तय है, उसे उसे निभाना ही होगा। यदि कोई अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं है तो उसके अनुसार बदलाव किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए जवाबदेही जरूरी है और इसमें किसी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। पंजाब चुनाव पर कमल खिलने का दावा पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सभी पार्टियां जीत के इरादे से मैदान में उतरती हैं, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि इस बार पंजाब में बीजेपी के नेतृत्व में कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि जनता विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है, जिसका असर चुनाव परिणामों में दिखेगा। एरोपोनिक तकनीक बनी मुख्य आकर्षण एक्सपो में एरोपोनिक तकनीक से की जा रही खेती किसानों के लिए खास आकर्षण रही। इस तकनीक में आलू की जड़ें हवा में लटकी रहती हैं और उन्हें पोषक तत्वों का घोल दिया जाता है। इसमें मिट्टी या बड़े खेत की जरूरत नहीं होती। छतों और सीमित जगह पर भी खेती संभव होने से यह मॉडल छोटे किसानों और शहरी क्षेत्रों के लिए उपयोगी बताया गया। इसी तकनीक को किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस बार के आलू मेले में इसका विशेष प्रदर्शन किया गया। उन्नत किस्मों की बुकिंग से उपलब्धता कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस केंद्र में अधिक पैदावार देने वाली आलू की किस्में विकसित की जाती हैं। इन किस्मों को किसानों को बुकिंग के आधार पर उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सके। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से तैयार बीज से रोग कम लगते हैं और उत्पादन स्थिर रहता है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिल पाते हैं। एमएसपी पर सरकार की गारंटी का भरोसा मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि आलू और अन्य सब्जियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय है। यदि बाजार में कीमत एमएसपी से कम रहती है तो सरकार भरपाई करती है, ताकि किसान को नुकसान न हो। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जहां सबसे अधिक फसलों की एमएसपी पर खरीद और भरपाई की जाती है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य मिले। किसानों की बड़ी भागीदारी, कंपनियों की मजबूत मौजूदगी आलू एक्सपो में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 20 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। करीब 600 से ज्यादा किसानों ने पंजीकरण कर उन्नत किस्मों, भंडारण, प्रोसेसिंग और बाजार से जुड़ी जानकारियां लीं। किसानों में आधुनिक खेती को लेकर उत्साह साफ नजर आया। कई किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने के लिए मौके पर ही विशेषज्ञों से परामर्श भी लिया। खेती को लाभकारी बनाने पर फोकस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों को व्यावहारिक समाधान देने पर जोर दिया गया। नई तकनीकों से पानी, खाद और श्रम की बचत कैसे हो, इस पर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने बताया कि तकनीक और बाजार से सीधा जुड़ाव ही खेती को लाभकारी बना सकता है। एक्सपो के जरिए किसानों को यही संदेश दिया गया कि बदलते समय के साथ खेती के तरीके भी बदलने होंगे।

Jan 10, 2026 - 15:48
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करनाल में चौथा आलू एक्सपो आयोजित:कृषि मंत्री ने आधुनिक खेती के मॉडलों का निरीक्षण किया, बोले-मनरेगा में सुधार जरूरी था
करनाल के शामगढ़ स्थित आलू प्रौद्योगिकी केंद्र में चौथा आलू एक्सपो आयोजित किया गया। जिस में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा बतौर मुख्यअतिथि शामिल हुए। उन्होंने केंद्र में चल रहे शोध कार्यों और आधुनिक खेती के मॉडलों का निरीक्षण किया। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाकर लागत घटाई जा सकती है और आमदनी बढ़ाई जा सकती है। मनरेगा को लेकर पूछे गए सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में कई खामियां आ गई थीं। पहले यह योजना केवल खड्डे खोदने और भरने तक सीमित रह गई थी, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। समय के अनुसार इसमें संशोधन किया गया है, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और टिकाऊ काम हो सकें, जिनसे गांवों को स्थायी फायदा मिले। अपराध नियंत्रण पर सख्त संदेश अपराध नियंत्रण के मुद्दे पर कृषि मंत्री ने कहा कि जिसकी जिम्मेदारी तय है, उसे उसे निभाना ही होगा। यदि कोई अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं है तो उसके अनुसार बदलाव किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए जवाबदेही जरूरी है और इसमें किसी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। पंजाब चुनाव पर कमल खिलने का दावा पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सभी पार्टियां जीत के इरादे से मैदान में उतरती हैं, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि इस बार पंजाब में बीजेपी के नेतृत्व में कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि जनता विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है, जिसका असर चुनाव परिणामों में दिखेगा। एरोपोनिक तकनीक बनी मुख्य आकर्षण एक्सपो में एरोपोनिक तकनीक से की जा रही खेती किसानों के लिए खास आकर्षण रही। इस तकनीक में आलू की जड़ें हवा में लटकी रहती हैं और उन्हें पोषक तत्वों का घोल दिया जाता है। इसमें मिट्टी या बड़े खेत की जरूरत नहीं होती। छतों और सीमित जगह पर भी खेती संभव होने से यह मॉडल छोटे किसानों और शहरी क्षेत्रों के लिए उपयोगी बताया गया। इसी तकनीक को किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस बार के आलू मेले में इसका विशेष प्रदर्शन किया गया। उन्नत किस्मों की बुकिंग से उपलब्धता कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस केंद्र में अधिक पैदावार देने वाली आलू की किस्में विकसित की जाती हैं। इन किस्मों को किसानों को बुकिंग के आधार पर उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सके। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से तैयार बीज से रोग कम लगते हैं और उत्पादन स्थिर रहता है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिल पाते हैं। एमएसपी पर सरकार की गारंटी का भरोसा मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि आलू और अन्य सब्जियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय है। यदि बाजार में कीमत एमएसपी से कम रहती है तो सरकार भरपाई करती है, ताकि किसान को नुकसान न हो। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जहां सबसे अधिक फसलों की एमएसपी पर खरीद और भरपाई की जाती है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य मिले। किसानों की बड़ी भागीदारी, कंपनियों की मजबूत मौजूदगी आलू एक्सपो में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 20 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। करीब 600 से ज्यादा किसानों ने पंजीकरण कर उन्नत किस्मों, भंडारण, प्रोसेसिंग और बाजार से जुड़ी जानकारियां लीं। किसानों में आधुनिक खेती को लेकर उत्साह साफ नजर आया। कई किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने के लिए मौके पर ही विशेषज्ञों से परामर्श भी लिया। खेती को लाभकारी बनाने पर फोकस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों को व्यावहारिक समाधान देने पर जोर दिया गया। नई तकनीकों से पानी, खाद और श्रम की बचत कैसे हो, इस पर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने बताया कि तकनीक और बाजार से सीधा जुड़ाव ही खेती को लाभकारी बना सकता है। एक्सपो के जरिए किसानों को यही संदेश दिया गया कि बदलते समय के साथ खेती के तरीके भी बदलने होंगे।