अजीत डोभाल का युवाओं से सवाल, इतिहास ने हमें सबक दिया, क्या हमने सीखा?

Ajit Doval news in hindi : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल शनिवार को 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक समय अत्यधिक विकसित सभ्यता था। हमने किसी का मंदिर नहीं तोड़ा, कहीं लूटपाट नहीं की, किसी देश ...

Jan 10, 2026 - 15:49
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अजीत डोभाल का युवाओं से सवाल, इतिहास ने हमें सबक दिया, क्या हमने सीखा?

ajit doval Ajit Doval news in hindi : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल शनिवार को 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक समय अत्यधिक विकसित सभ्यता था। हमने किसी का मंदिर नहीं तोड़ा, कहीं लूटपाट नहीं की, किसी देश पर हमला नहीं किया, जब दुनिया पिछड़ी हुई थी। लेकिन हमने अपनी सुरक्षा के खतरों को नहीं समझा। इतिहास ने हमें सबक दिया जब हम उदासीन रहे। सवाल है- क्या हमने वह सबक सीखा? क्या आने वाली पीढ़ियां उसे याद रखेंगी? अगर वे भूल गईं, तो यह देश के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होगी।

 

उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास अपमान और बेबसी से भरा रहा है। हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए बड़ी कुर्बानियां दीं, अपमान सहा, बेबसी के दौर देखे। कई लोग फांसी पर चढ़े, हमारे गांव जलाए गए, सभ्यता को नष्ट किया गया, मंदिरों को लूटा गया और हम मूक दर्शक बने रहे। हमें अपने अतीत का बदला लेना होगा और भारत को फिर महान बनाना होगा।

 

एनएसए डोभाल ने कहा कि दुनिया भर में चल रहे सभी संघर्ष और युद्ध इसलिए हैं क्योंकि कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं और इसके लिए अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अगर आप शक्तिशाली हैं, तो आप स्वतंत्र रहेंगे। अगर आत्मविश्वास नहीं है, तो सारी शक्ति और हथियार बेकार हैं।

 

उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में ऐसा नेतृत्व होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उनकी प्रतिबद्धता, समर्पण और कड़ी मेहनत हम सभी के लिए प्रेरणा है। जैसा कि नेपोलियन ने एक बार कहा था कि मैं एक भेड़ के नेतृत्व में 1000 शेरों से नहीं डरता, बल्कि एक शेर के नेतृत्व में 1000 भेड़ों से डरता हूं। 

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश को ऐसे मुकाम पर ले गए हैं कि अगर यह ऑटो पायलट पर भी चलता रहे, तो भी यह विकसित भारत बन जाएगा।

 

एनएसए डोभाल ने कहा, 'मेरा कार्यक्षेत्र अलग है, मेरा अनुभव अलग है, और युवाओं के साथ उम्र का बहुत बड़ा अंतर है। आपमें से अधिकांश मुझसे 60 वर्ष से अधिक छोटे हैं, इसलिए मैं थोड़ा असमंजस में था कि आऊं या नहीं। मेरा जन्म स्वतंत्र भारत में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता-पूर्व भारत में हुआ था। मेरी जवानी तो कब की बीत चुकी है।'

 

उन्होंने कहा कि आज इतना कुछ बदल गया है कि मुझे सब कुछ पता नहीं है। लेकिन एक बात समान है, चाहे आप इसे महसूस करें या न करें - एक छोटी सी बात जो आपके जीवन की दिशा तय करती है: निर्णय लेने की क्षमता। आप सभी हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं, और जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, आपको हर कदम पर फैसले लेने होंगे। भारत विकसित होगा, यह निश्चित है।'

edited by : Nrapendra Gupta