लिटिल एंजल्स स्कूल खुद छापकर बेच रहा किताबें:पीलीभीत में जिला प्रशासन सख्त, DIOS ने थमाया नोटिस

पीलीभीत में निजी स्कूलों द्वारा नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। शहर के लिटिल एंजल्स स्कूल पर आरोप है कि उसने खुद किताबें छापकर छात्रों को ऊंचे दामों पर बेचीं। जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए स्कूल को नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार, लिटिल एंजल्स स्कूल ने कक्षा 1 के छात्रों के लिए अंग्रेजी व्याकरण की एक बुकलेट स्वयं प्रकाशित की। आरोप है कि इस बुकलेट को छात्रों को अनिवार्य रूप से बेचा गया। इस पर न तो अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) अंकित था और न ही प्रकाशन के अन्य नियमों का पालन किया गया। अभिभावकों की शिकायत के अनुसार, इस बुकलेट के लिए प्रत्येक छात्र से 300 रुपये लिए जा रहे थे। यह राशि इसकी वास्तविक लागत से काफी अधिक बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर इस मामले का वीडियो वायरल होने और अभिभावकों की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजीव कुमार यादव ने स्कूल के प्रधानाचार्य एनसी पाठक और प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्कूल से पूछा गया है कि नियमों के विरुद्ध स्कूल परिसर में पुस्तकें क्यों बेची जा रही हैं। साथ ही, यह भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि इस अनियमितता के लिए स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना क्यों न लगाया जाए। यह पीलीभीत जिले में इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले अप्रैल में दिल्ली पब्लिक स्कूल और बीसलपुर के कैम स्कॉलर्स स्कूल में भी एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपने के आरोप सामने आए थे। दिल्ली पब्लिक स्कूल पर पूर्व में ही 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। DIOS राजीव कुमार यादव ने बताया कि यदि स्कूल से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामले को 'जिला शुल्क नियामक समिति' के समक्ष रखा जाएगा और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

May 10, 2026 - 10:35
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लिटिल एंजल्स स्कूल खुद छापकर बेच रहा किताबें:पीलीभीत में जिला प्रशासन सख्त, DIOS ने थमाया नोटिस
पीलीभीत में निजी स्कूलों द्वारा नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। शहर के लिटिल एंजल्स स्कूल पर आरोप है कि उसने खुद किताबें छापकर छात्रों को ऊंचे दामों पर बेचीं। जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए स्कूल को नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार, लिटिल एंजल्स स्कूल ने कक्षा 1 के छात्रों के लिए अंग्रेजी व्याकरण की एक बुकलेट स्वयं प्रकाशित की। आरोप है कि इस बुकलेट को छात्रों को अनिवार्य रूप से बेचा गया। इस पर न तो अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) अंकित था और न ही प्रकाशन के अन्य नियमों का पालन किया गया। अभिभावकों की शिकायत के अनुसार, इस बुकलेट के लिए प्रत्येक छात्र से 300 रुपये लिए जा रहे थे। यह राशि इसकी वास्तविक लागत से काफी अधिक बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर इस मामले का वीडियो वायरल होने और अभिभावकों की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजीव कुमार यादव ने स्कूल के प्रधानाचार्य एनसी पाठक और प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्कूल से पूछा गया है कि नियमों के विरुद्ध स्कूल परिसर में पुस्तकें क्यों बेची जा रही हैं। साथ ही, यह भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि इस अनियमितता के लिए स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना क्यों न लगाया जाए। यह पीलीभीत जिले में इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले अप्रैल में दिल्ली पब्लिक स्कूल और बीसलपुर के कैम स्कॉलर्स स्कूल में भी एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपने के आरोप सामने आए थे। दिल्ली पब्लिक स्कूल पर पूर्व में ही 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। DIOS राजीव कुमार यादव ने बताया कि यदि स्कूल से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामले को 'जिला शुल्क नियामक समिति' के समक्ष रखा जाएगा और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।