सिपाही बोला- “मुझे तोड़ना है तो हत्या करनी पड़ेगी”:तीसरे वीडियो में सुनील ने कहा- “क्या मैं आतंकवादी या नक्सलवादी हूं?”; भ्रष्टाचार और वसूली का आरोप

उत्तर प्रदेश पुलिस की लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात कॉन्स्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने लगातार तीसरा वीडियो जारी कर विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 7 मई और 8 मई के बाद अब 10 मई को जारी वीडियो में सिपाही ने खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग की है। “क्या मैं आतंकवादी या नक्सलवादी हूं?” वीडियो में सुनील शुक्ला भावुक अंदाज में कहते दिखाई दे रहे हैं कि, “मुख्यमंत्री जी, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मैं आतंकवादी हूं या नक्सलवादी हूं? क्या मैं किसी हत्या या अपराध का आरोपी हूं? फिर मेरे घर पर रात एक बजे पुलिस क्यों भेजी गई?” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर पर देर रात पुलिस पहुंची, जबकि वहां उनकी 60 वर्षीय मां और बहन रहती हैं। सिपाही के मुताबिक उनकी मां बीपी और शुगर की मरीज हैं तथा परिवार पहले से मानसिक तनाव में है। “मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया” वीडियो में सिपाही ने कहा कि उन्हें डराकर या दबाव बनाकर चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा, “मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया है। मुझे इस तरह तोड़ा नहीं जा सकेगा। अगर मुझे शांत करना है तो मेरी हत्या करनी पड़ेगी।” उन्होंने खुद को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित बताते हुए कहा कि शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है, लेकिन मानसिक रूप से नहीं तोड़ा जा सकता। ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली का आरोप कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है। वीडियो में दावा किया गया कि गार्ड कमांडर के माध्यम से सिपाहियों और दीवानों से करीब दो हजार रुपये प्रति माह लिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रकम नीचे से ऊपर तक अधिकारियों तक पहुंचती है और कई अधिकारी इस पूरी व्यवस्था में शामिल हैं। “पुलिस विभाग को काले अंग्रेज चला रहे” सुनील शुक्ला ने वीडियो में विभागीय कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “पुलिस विभाग को काले अंग्रेज चला रहे हैं।” उन्होंने गणना प्रभारी, आरआई और अन्य अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, वही लोग जांच करा रहे हैं। ऐसे में उन्हें निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं है। 2015 बैच के सिपाही हैं सुनील जानकारी के अनुसार सुनील कुमार शुक्ला मूल रूप से अमेठी के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2015 बैच के सिपाही हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी कर चुके हैं। अगस्त 2022 से उनकी तैनाती लखनऊ पुलिस लाइंस में बताई जा रही है। इससे पहले वह अंबेडकरनगर में तैनात रहे थे। पुलिस विभाग ने शुरू कराई जांच मामले में पुलिस विभाग का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण के लिए विभाग में स्थापित शिकायत निवारण तंत्र मौजूद है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जांच उन अधिकारियों से अलग अधिकारियों को सौंपी गई है, जो पुलिस लाइन का पर्यवेक्षण करते हैं। साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया विभागीय शिकायतों का माध्यम नहीं है और उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत विभागीय मामलों को सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है। इस संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

May 10, 2026 - 10:35
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सिपाही बोला- “मुझे तोड़ना है तो हत्या करनी पड़ेगी”:तीसरे वीडियो में सुनील ने कहा- “क्या मैं आतंकवादी या नक्सलवादी हूं?”; भ्रष्टाचार और वसूली का आरोप
उत्तर प्रदेश पुलिस की लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात कॉन्स्टेबल सुनील कुमार शुक्ला ने लगातार तीसरा वीडियो जारी कर विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 7 मई और 8 मई के बाद अब 10 मई को जारी वीडियो में सिपाही ने खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग की है। “क्या मैं आतंकवादी या नक्सलवादी हूं?” वीडियो में सुनील शुक्ला भावुक अंदाज में कहते दिखाई दे रहे हैं कि, “मुख्यमंत्री जी, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मैं आतंकवादी हूं या नक्सलवादी हूं? क्या मैं किसी हत्या या अपराध का आरोपी हूं? फिर मेरे घर पर रात एक बजे पुलिस क्यों भेजी गई?” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर पर देर रात पुलिस पहुंची, जबकि वहां उनकी 60 वर्षीय मां और बहन रहती हैं। सिपाही के मुताबिक उनकी मां बीपी और शुगर की मरीज हैं तथा परिवार पहले से मानसिक तनाव में है। “मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया” वीडियो में सिपाही ने कहा कि उन्हें डराकर या दबाव बनाकर चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा, “मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया है। मुझे इस तरह तोड़ा नहीं जा सकेगा। अगर मुझे शांत करना है तो मेरी हत्या करनी पड़ेगी।” उन्होंने खुद को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित बताते हुए कहा कि शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है, लेकिन मानसिक रूप से नहीं तोड़ा जा सकता। ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली का आरोप कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है। वीडियो में दावा किया गया कि गार्ड कमांडर के माध्यम से सिपाहियों और दीवानों से करीब दो हजार रुपये प्रति माह लिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रकम नीचे से ऊपर तक अधिकारियों तक पहुंचती है और कई अधिकारी इस पूरी व्यवस्था में शामिल हैं। “पुलिस विभाग को काले अंग्रेज चला रहे” सुनील शुक्ला ने वीडियो में विभागीय कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “पुलिस विभाग को काले अंग्रेज चला रहे हैं।” उन्होंने गणना प्रभारी, आरआई और अन्य अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, वही लोग जांच करा रहे हैं। ऐसे में उन्हें निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं है। 2015 बैच के सिपाही हैं सुनील जानकारी के अनुसार सुनील कुमार शुक्ला मूल रूप से अमेठी के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2015 बैच के सिपाही हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी कर चुके हैं। अगस्त 2022 से उनकी तैनाती लखनऊ पुलिस लाइंस में बताई जा रही है। इससे पहले वह अंबेडकरनगर में तैनात रहे थे। पुलिस विभाग ने शुरू कराई जांच मामले में पुलिस विभाग का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण के लिए विभाग में स्थापित शिकायत निवारण तंत्र मौजूद है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जांच उन अधिकारियों से अलग अधिकारियों को सौंपी गई है, जो पुलिस लाइन का पर्यवेक्षण करते हैं। साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया विभागीय शिकायतों का माध्यम नहीं है और उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत विभागीय मामलों को सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है। इस संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।