घोसी सांसद ने स्मार्ट मीटर अनियमितता पर CBI जांच मांगी:प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उपभोक्ताओं के शोषण का आरोप

घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय ने उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्मार्ट प्री-पेड मीटरों की स्थापना में कथित अनियमितताओं और उपभोक्ताओं के शोषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। सांसद राय ने अपने पत्र में लोकसभा की कार्यवाही का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल, 2026 को विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सदन में स्पष्ट किया था कि सरकार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बाध्य नहीं कर रही है। इसके बावजूद, मऊ जिले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा लगभग 1.35 लाख स्मार्ट मीटर बिना उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों को 'सरकारी आदेश' के नाम पर भ्रामक तरीके से स्थापित किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत असामान्य रूप से अधिक दर्ज हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, बिजली के बिल पहले की तुलना में लगभग दोगुने आ रहे हैं। सांसद ने अपने पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की सहमति नहीं ली जा रही है, जो सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। राय ने यह भी आशंका जताई है कि सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच मिलीभगत है, जिसका उद्देश्य भविष्य में वितरण व्यवसाय (डिस्कॉम) के निजीकरण के दौरान इन कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाना हो सकता है। सांसद राजीव राय ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि मऊ जिले में स्मार्ट मीटरों की स्थापना और उनकी कार्यप्रणाली की स्वतंत्र व व्यापक समीक्षा की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने सहमति नहीं दी है, उन्हें अपनी पसंद का बिजली मीटर चुनने का विकल्प दिया जाए। इसके अतिरिक्त, विवादित मीटरों की किसी तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच और कैलिब्रेशन कराया जाए। सांसद ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है, ताकि निजी कंपनियों और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके।

May 1, 2026 - 22:07
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घोसी सांसद ने स्मार्ट मीटर अनियमितता पर CBI जांच मांगी:प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उपभोक्ताओं के शोषण का आरोप
घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय ने उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्मार्ट प्री-पेड मीटरों की स्थापना में कथित अनियमितताओं और उपभोक्ताओं के शोषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। सांसद राय ने अपने पत्र में लोकसभा की कार्यवाही का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल, 2026 को विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सदन में स्पष्ट किया था कि सरकार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बाध्य नहीं कर रही है। इसके बावजूद, मऊ जिले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा लगभग 1.35 लाख स्मार्ट मीटर बिना उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों को 'सरकारी आदेश' के नाम पर भ्रामक तरीके से स्थापित किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत असामान्य रूप से अधिक दर्ज हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, बिजली के बिल पहले की तुलना में लगभग दोगुने आ रहे हैं। सांसद ने अपने पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की सहमति नहीं ली जा रही है, जो सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। राय ने यह भी आशंका जताई है कि सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच मिलीभगत है, जिसका उद्देश्य भविष्य में वितरण व्यवसाय (डिस्कॉम) के निजीकरण के दौरान इन कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाना हो सकता है। सांसद राजीव राय ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि मऊ जिले में स्मार्ट मीटरों की स्थापना और उनकी कार्यप्रणाली की स्वतंत्र व व्यापक समीक्षा की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने सहमति नहीं दी है, उन्हें अपनी पसंद का बिजली मीटर चुनने का विकल्प दिया जाए। इसके अतिरिक्त, विवादित मीटरों की किसी तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच और कैलिब्रेशन कराया जाए। सांसद ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है, ताकि निजी कंपनियों और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके।