घरौंडा में स्वच्छ सर्वेक्षण के बीच सफाई व्यवस्था चरमराई:गंदगी के ढेर लगे, नाले ओवरफ्लो, नगर पालिका के आधे कर्मचारी हड़ताल पर
करनाल जिले के घरौंडा शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 चल रहा है, लेकिन इसी बीच सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ती नजर आ रही है। नगर पालिका के आधे से ज्यादा सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण शहर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। नाले ब्लॉक और ओवरफ्लो हो रहे हैं, जबकि कचरे के ढेर और डस्टबीनों के आसपास फैली गंदगी से लोग परेशान हैं। शहरवासियों में नगरपालिका के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। 1 मई से हड़ताल पर कर्मचारी, मांगों पर अड़े नगर पालिका के कुल 43 सफाई कर्मचारियों में से करीब 21 कर्मचारी 1 मई से हड़ताल पर हैं। ये कर्मचारी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और शहीद फायरकर्मियों के परिवारों को न्याय व मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। एसकेएस के प्रधान अंकित राणा ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती, धरना जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो इसे बड़े आंदोलन में बदला जाएगा।
22 कर्मचारियों के सहारे चल रही व्यवस्था फिलहाल केवल 22 कर्मचारी ही शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। इतने कम स्टाफ के चलते नियमित सफाई नहीं हो पा रही, जिससे हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। खूनी पुलिया की ओर जाने वाले नाले पूरी तरह ब्लॉक हो चुके हैं। करीब 15 दिन से सफाई नहीं होने के कारण नाला ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैल गया है। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बोले- स्वच्छता सिर्फ कागजों में स्थानीय निवासी सुनील, मेहर सिंह और माया देवी ने कहा कि शहर में स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने बताया कि नाले लंबे समय से ओवरफ्लो हैं, कचरे के ढेर लगे हैं और कोई सफाई करने नहीं आता। एक नाला तो निर्माण में लापरवाही के कारण पूरी तरह बंद हो चुका है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। नगर पालिका का दावा- लगातार प्रयास जारी नगर पालिका सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि हड़ताल के बावजूद सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी डोर टू डोर कचरा कलेक्ट कर रहे हैं और जहां कहीं ज्यादा समस्या सामने आती है, वहां तुरंत समाधान किया जाएगा।
करनाल जिले के घरौंडा शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 चल रहा है, लेकिन इसी बीच सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ती नजर आ रही है। नगर पालिका के आधे से ज्यादा सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण शहर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। नाले ब्लॉक और ओवरफ्लो हो रहे हैं, जबकि कचरे के ढेर और डस्टबीनों के आसपास फैली गंदगी से लोग परेशान हैं। शहरवासियों में नगरपालिका के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। 1 मई से हड़ताल पर कर्मचारी, मांगों पर अड़े नगर पालिका के कुल 43 सफाई कर्मचारियों में से करीब 21 कर्मचारी 1 मई से हड़ताल पर हैं। ये कर्मचारी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और शहीद फायरकर्मियों के परिवारों को न्याय व मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। एसकेएस के प्रधान अंकित राणा ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती, धरना जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो इसे बड़े आंदोलन में बदला जाएगा।
22 कर्मचारियों के सहारे चल रही व्यवस्था फिलहाल केवल 22 कर्मचारी ही शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। इतने कम स्टाफ के चलते नियमित सफाई नहीं हो पा रही, जिससे हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। खूनी पुलिया की ओर जाने वाले नाले पूरी तरह ब्लॉक हो चुके हैं। करीब 15 दिन से सफाई नहीं होने के कारण नाला ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैल गया है। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बोले- स्वच्छता सिर्फ कागजों में स्थानीय निवासी सुनील, मेहर सिंह और माया देवी ने कहा कि शहर में स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने बताया कि नाले लंबे समय से ओवरफ्लो हैं, कचरे के ढेर लगे हैं और कोई सफाई करने नहीं आता। एक नाला तो निर्माण में लापरवाही के कारण पूरी तरह बंद हो चुका है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। नगर पालिका का दावा- लगातार प्रयास जारी नगर पालिका सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि हड़ताल के बावजूद सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी डोर टू डोर कचरा कलेक्ट कर रहे हैं और जहां कहीं ज्यादा समस्या सामने आती है, वहां तुरंत समाधान किया जाएगा।