आस्था के नाम पर ‘अतिक्रमण’ बर्दाश्त नहींः महापौर
आस्था के नाम पर ‘अतिक्रमण’ बर्दाश्त नहींः महापौर
आस्था के नाम पर ‘अतिक्रमण’ बर्दाश्त नहींः महापौर
- सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाला कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा
रूद्रपुर। गंगापुर रोड शैलजा फार्म स्थित विवादित स्थल से अतिक्रमण हटाए जाने की बड़ी कार्रवाई के दौरान महापौर ने मौका मुआयना कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगर निगम की टीम ने इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 6 एकड़ भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। इस अवसर पर महापौर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक स्थल की आड़ में सरकारी भूमि पर कब्जा जमाना ‘लैंड जिहाद’ की श्रेणी में आता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महापौर ने बताया कि इस 6 एकड़ बेशकीमती भूमि पर वर्षों से कब्जा जमाया गया था। इस मामले में आरोपी कालनेमि बाबा ने न केवल पुलिस और प्रशासन को चुनौती दी, बल्कि न्यायालय को भी गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में अवैध अतिक्रमण और लैंड जिहाद और कालनेमि बाबाओं के विरुद्ध जो अभियान चलाया जा रहा है, आज की कार्रवाई उसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। महापौर ने कहा कि प्रशासन पहले ही कई बार नोटिस जारी कर कब्जा छोड़ने की हिदायत दे चुका था, लेकिन हठधर्मिता के चलते अंततः यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
महापौर ने कहा कि पिछले दिनों कुछ लोग नगर निगम की कार्यवाही को धर्म विशेष के विरुद्ध बता रहे थे। नगर निगम ने खेड़ा में ईदगाह की आड़ में कब्जाई गई करोड़ों की भूमि मुक्त कराई गई थी और किच्छा रोड पर भी मंदिर की आड़ में किए गए अवैध कब्जे को हटाया गया था। आज की कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नगर निगम का अभियान निष्पक्ष और पारदर्शी है। निगम का उद्देश्य किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी संपत्तियों को भू-माफियाओं के चंगुल से छुड़ाना है।
महापौर ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध यह अभियान भविष्य में भी इसी तीव्रता के साथ जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुक्त कराई गई भूमि की उचित घेराबंदी की जाए ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके। इस भूमि का उपयोग भविष्य में जनहितकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।



