AR Rahman Birthday: संगीत के जादूगर AR Rahman का Birthday, जानें कैसे एक धुन ने दिलाई थी Global पहचान

भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध म्यूजिक सिंगर-कंपोजर एआर रहमान आज यानी की 06 जनवरी को अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। एआर रहमान एक बेहतरीन संगीतकार होने के साथ ही उस जुनून और संघर्ष की मिसाल हैं, जिसने उनको दुनिया के सबसे सम्मानित म्यूजिक आइकन में शामिल किया। एआर रहमान ने कई फिल्मों में गाने गाए हैं और कुछ फिल्मों में अपने शानदार म्यूजिक से दिल जीता है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एआर रहमान के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारतमिलनाडु में 06 जनवरी 1967 को एआर रहमान का जन्म हुआ था। उनका असली नाम दिलीप कुमार था। उनकी बहन की एक गंभीर बीमारी के दौरान एक पीर की दुआओं से उनको राहत मिली। जिसके बाद उनके पूरे परिवार ने इस्लाम धर्म में परिवर्तित हो गया। इस तरह से दिलीप कुमार का नाम बदलकर अल्लाह रखा रहमान हो गया।संगीत बना सहारामहज 15 साल की उम्र में कम अटेंडेंस की वजह से एआर रहमान को स्कूल छोड़ना पड़ा। वहीं परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्होंने इलैयाराजा की म्यूजिक ट्रिप में कीबोर्ड प्लेयर के रूप में काम करना शुरूकर दिया। यहीं से एआर रहमान के प्रोफेशनल करियर की नींव पड़ी। इसके बाद उनको ट्रिनिटी कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक पढ़ने की स्कॉलरशिप भी मिली थी।पहली कमाईसाल 1984 में एआर रहमान मशहूर संगीतकार रमेश नायडू के साथ काम करते थे। इस दौरान उनकी रोजाना की कमाई सिर्फ 100-200 रुपए हुआ करती थी। यहां से ही एआर रहमान के संघर्ष की असली कहानी शुरू हुई थी। हालांकि अक्सर लोग मानते हैं कि रहमान की पहली फिल्म 'रोजा' थी, लेकिन एआर रहमान का डेब्यू साल 1992 में आई फिल्म 'योधा' से हुआ था। वहीं 'रोजा' ने उनको देशभर में पहचान दिलाई थी।ऑस्कर तक सफरफिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' का गीत 'जय हो' पहले फिल्म 'युवराज' के लिए बना था। बाद में इस गाने ने एआर रहमान को दो ऑस्कर मिले। वहीं दिलचस्प बात यह है कि फिल्म 'ताल' के दौरान ही सुभाष घई ने एआर रहमान के ऑस्कर जीतने की घोषणा कर दी थी। लेकिन तब एआर रहमान ने इसको मजाक में लिया था।बता दें कि एआर रहमान को रात के सन्नाटे में संगीत रचना पसंद करते हैं और खुद को स्टूडियो में पूरी तरह से काम में डुबो देते हैं। टेक्नोलॉजी के प्रति एआर रहमान का लगाव आज भी उनके म्यूजिक में झलकता है।

Jan 6, 2026 - 16:19
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AR Rahman Birthday: संगीत के जादूगर AR Rahman का Birthday, जानें कैसे एक धुन ने दिलाई थी Global पहचान
भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध म्यूजिक सिंगर-कंपोजर एआर रहमान आज यानी की 06 जनवरी को अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। एआर रहमान एक बेहतरीन संगीतकार होने के साथ ही उस जुनून और संघर्ष की मिसाल हैं, जिसने उनको दुनिया के सबसे सम्मानित म्यूजिक आइकन में शामिल किया। एआर रहमान ने कई फिल्मों में गाने गाए हैं और कुछ फिल्मों में अपने शानदार म्यूजिक से दिल जीता है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एआर रहमान के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

तमिलनाडु में 06 जनवरी 1967 को एआर रहमान का जन्म हुआ था। उनका असली नाम दिलीप कुमार था। उनकी बहन की एक गंभीर बीमारी के दौरान एक पीर की दुआओं से उनको राहत मिली। जिसके बाद उनके पूरे परिवार ने इस्लाम धर्म में परिवर्तित हो गया। इस तरह से दिलीप कुमार का नाम बदलकर अल्लाह रखा रहमान हो गया।

संगीत बना सहारा

महज 15 साल की उम्र में कम अटेंडेंस की वजह से एआर रहमान को स्कूल छोड़ना पड़ा। वहीं परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्होंने इलैयाराजा की म्यूजिक ट्रिप में कीबोर्ड प्लेयर के रूप में काम करना शुरूकर दिया। यहीं से एआर रहमान के प्रोफेशनल करियर की नींव पड़ी। इसके बाद उनको ट्रिनिटी कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक पढ़ने की स्कॉलरशिप भी मिली थी।

पहली कमाई

साल 1984 में एआर रहमान मशहूर संगीतकार रमेश नायडू के साथ काम करते थे। इस दौरान उनकी रोजाना की कमाई सिर्फ 100-200 रुपए हुआ करती थी। यहां से ही एआर रहमान के संघर्ष की असली कहानी शुरू हुई थी। हालांकि अक्सर लोग मानते हैं कि रहमान की पहली फिल्म 'रोजा' थी, लेकिन एआर रहमान का डेब्यू साल 1992 में आई फिल्म 'योधा' से हुआ था। वहीं 'रोजा' ने उनको देशभर में पहचान दिलाई थी।

ऑस्कर तक सफर

फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' का गीत 'जय हो' पहले फिल्म 'युवराज' के लिए बना था। बाद में इस गाने ने एआर रहमान को दो ऑस्कर मिले। वहीं दिलचस्प बात यह है कि फिल्म 'ताल' के दौरान ही सुभाष घई ने एआर रहमान के ऑस्कर जीतने की घोषणा कर दी थी। लेकिन तब एआर रहमान ने इसको मजाक में लिया था।

बता दें कि एआर रहमान को रात के सन्नाटे में संगीत रचना पसंद करते हैं और खुद को स्टूडियो में पूरी तरह से काम में डुबो देते हैं। टेक्नोलॉजी के प्रति एआर रहमान का लगाव आज भी उनके म्यूजिक में झलकता है।