श्रावस्ती में युवती की घर में मिली थी लाश:एक सप्ताह बाद भी हत्या की गुत्थी अनसुलझी, परिवार मे इकलौती थी युवती
श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना क्षेत्र के शाहपुर बदगदवा गांव में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला एक सप्ताह बाद भी अनसुलझा है। मृतका की पहचान पंचूराम की बेटी सुनीता देवी के रूप में हुई है। उसका शव बीते शुक्रवार देर शाम घर के भीतर खून से लथपथ मिला था। युवती के गले पर धारदार हथियार से कट के निशान पाए गए थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात सुनीता अपनी मां कलावती के पास ही दूसरी चारपाई पर सो रही थी। देर रात जब कलावती की नींद खुली, तो उन्होंने बेटी को मृत अवस्था में देखा। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए थे, लेकिन सप्ताह भर बाद अभी तक घटना राज ही बना है और घटना के पीछे की वजह भी सामने नहीं आ पाई है। सुनीता अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और अविवाहित थी। स्थानीय लोगों के बीच संपत्ति विवाद या पारिवारिक रंजिश की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि परिवार की पूरी संपत्ति भविष्य में सुनीता को ही मिलनी थी। बताया जा रहा है कि सुनीता की मां कलावती थोड़ी मंदबुद्धि हैं, जबकि पिता पंचूराम वृद्ध और असहाय अवस्था में हैं। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर रहे हैं। और ना ही घटना से संबंधित कुछ भी जानकारी दे पा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर के अंदर सो रही युवती की हत्या किसने और क्यों की। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इस सवाल का जवाब न सिर्फ परिजन, बल्कि पूरा इलाका जानना चाहता है।
श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना क्षेत्र के शाहपुर बदगदवा गांव में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला एक सप्ताह बाद भी अनसुलझा है। मृतका की पहचान पंचूराम की बेटी सुनीता देवी के रूप में हुई है। उसका शव बीते शुक्रवार देर शाम घर के भीतर खून से लथपथ मिला था। युवती के गले पर धारदार हथियार से कट के निशान पाए गए थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात सुनीता अपनी मां कलावती के पास ही दूसरी चारपाई पर सो रही थी। देर रात जब कलावती की नींद खुली, तो उन्होंने बेटी को मृत अवस्था में देखा। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए थे, लेकिन सप्ताह भर बाद अभी तक घटना राज ही बना है और घटना के पीछे की वजह भी सामने नहीं आ पाई है। सुनीता अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और अविवाहित थी। स्थानीय लोगों के बीच संपत्ति विवाद या पारिवारिक रंजिश की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि परिवार की पूरी संपत्ति भविष्य में सुनीता को ही मिलनी थी। बताया जा रहा है कि सुनीता की मां कलावती थोड़ी मंदबुद्धि हैं, जबकि पिता पंचूराम वृद्ध और असहाय अवस्था में हैं। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर रहे हैं। और ना ही घटना से संबंधित कुछ भी जानकारी दे पा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर के अंदर सो रही युवती की हत्या किसने और क्यों की। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इस सवाल का जवाब न सिर्फ परिजन, बल्कि पूरा इलाका जानना चाहता है।