मुजफ्फरपुर में कड़ाके की ठंड, दिन में भी राहत नहीं:न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस, विजिबिलिटी 200 मीटर; रेल सेवा पर असर
मुजफ्फरपुर में ठंड का प्रकोप जारी है। पछिया हवा के प्रभाव से कनकनी बढ़ गई है। जिससे सुबह से लेकर दिनभर तक ठंड का असर बना हुआ है। मौसम का मिजाज ऐसा है कि धूप निकलने के बाद भी राहत नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सर्द हवा चलने के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। सुबह के समय जिले में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 200 से 300 मीटर तक सिमट गई। जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। वाहनों की रफ्तार धीमी रही और चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। कोहरे और ठंड के कारण सड़क पर आम लोगों की आवाजाही कम नजर आई। निर्माण कार्य और बाहरी गतिविधियां ठप पड़ गई है, जिससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुबह काम की तलाश में निकलने वाले कई मजदूर निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हैं। फिलहाल राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल सत्तार ने बताया कि पछिया हवा के कारण ठंड का असर दिन में ज्यादा रहेगा। फिलहाल जिले में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन ठंडी हवा चलने से दिन के समय भी ठंड बनी रहेगी। अगले एक-दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं, इसलिए तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। ठंडी हवा और अधिक नमी के कारण तापमान का वास्तविक असर इससे भी कम महसूस किया गया। रात के समय तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। जिससे ठंड और बढ़ सकती है। जिले में 10 जनवरी तक स्कूल बंद बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालय (प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी सहित) 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, इससे ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सीमित समय में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की ठंड में सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। चौक-चौराहों पर लोग अलाव सेंकते नजर आए। कोहरे से यातायात पर असर घने कोहरे के कारण बसों और निजी वाहनों की रफ्तार कम रही, काम पर जाने वाले मजदूर और कर्मचारी देर से पहुंचे। सुबह की सैर और खुले में काम करने वाले परेशान दिखे। ठंड और शीतलहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है।
मुजफ्फरपुर में ठंड का प्रकोप जारी है। पछिया हवा के प्रभाव से कनकनी बढ़ गई है। जिससे सुबह से लेकर दिनभर तक ठंड का असर बना हुआ है। मौसम का मिजाज ऐसा है कि धूप निकलने के बाद भी राहत नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सर्द हवा चलने के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। सुबह के समय जिले में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 200 से 300 मीटर तक सिमट गई। जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। वाहनों की रफ्तार धीमी रही और चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। कोहरे और ठंड के कारण सड़क पर आम लोगों की आवाजाही कम नजर आई। निर्माण कार्य और बाहरी गतिविधियां ठप पड़ गई है, जिससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुबह काम की तलाश में निकलने वाले कई मजदूर निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हैं। फिलहाल राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल सत्तार ने बताया कि पछिया हवा के कारण ठंड का असर दिन में ज्यादा रहेगा। फिलहाल जिले में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन ठंडी हवा चलने से दिन के समय भी ठंड बनी रहेगी। अगले एक-दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं, इसलिए तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। ठंडी हवा और अधिक नमी के कारण तापमान का वास्तविक असर इससे भी कम महसूस किया गया। रात के समय तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। जिससे ठंड और बढ़ सकती है। जिले में 10 जनवरी तक स्कूल बंद बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालय (प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी सहित) 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, इससे ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सीमित समय में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की ठंड में सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। चौक-चौराहों पर लोग अलाव सेंकते नजर आए। कोहरे से यातायात पर असर घने कोहरे के कारण बसों और निजी वाहनों की रफ्तार कम रही, काम पर जाने वाले मजदूर और कर्मचारी देर से पहुंचे। सुबह की सैर और खुले में काम करने वाले परेशान दिखे। ठंड और शीतलहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है।