बांका के तालाब में मछलियों की मौत:मछली पालक बोला- ₹8 लाख का नुकसान हुआ, ठंड की आशंका, सरकारी मदद की मांग
बांका जिले के सहायक थाना नवादा बाजार क्षेत्र के गोसाई चक गांव में गुरुवार को एक तालाब में अज्ञात कारणों से लगभग 80 क्विंटल मछलियों की मौत हो गई। इस घटना से मछली पालक गुलाब मोहन सिंह को करीब 8 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इतनी बड़ी नुकसान से गरीब मछली पालक काफी सदमे में है। गुलाब मोहन सिंह ने पहली बार मछली पालन का यह कार्य शुरू किया था। उन्होंने अपनी जमीन पर एक बड़ा तालाब खुदवाकर उसमें छोटे आकार की मछलियां डाली थीं और लगातार उनकी देखरेख कर रहे थे। मछलियां अब काफी बड़ी हो चुकी थीं और उन्हें जल्द ही बाजार में बेचने की योजना थी। मरी हुई मछलियां पानी के ऊपर तैर रही थीं
गुरुवार को जब गुलाब मोहन सिंह मछलियों को दाना देने तालाब पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि सभी मछलियां मरी हुई पानी के ऊपर तैर रही थीं। इस दृश्य को देखकर वे हैरान रह गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मेहनत और निवेश बर्बाद
मछलियों की मौत के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। गुलाब मोहन सिंह ने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कर्ज लेकर मछली पालन का यह व्यवसाय शुरू किया था। इस हादसे ने उनकी वर्षों की मेहनत और निवेश को बर्बाद कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
ठंड के कारण मछली के मरने की आशंका जाहिर की जा रही है। इस घटना के बाद मछली पालक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने कहा कि वर्षों की मेहनत पल भर में बर्बाद हो गया। सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग
इस भारी नुकसान से निराश होकर मछली पालक गुलाब मोहन सिंह ने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों ने समय रहते उन्हें समझा-बुझाकर ऐसा कोई भी गलत कदम उठाने से रोका। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित मछली पालक को सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है। शुक्रवार को मत्स्य विभाग को मछली पालक द्वारा आवेदन दिया जाएगा।
Jan 9, 2026 - 11:51
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बांका जिले के सहायक थाना नवादा बाजार क्षेत्र के गोसाई चक गांव में गुरुवार को एक तालाब में अज्ञात कारणों से लगभग 80 क्विंटल मछलियों की मौत हो गई। इस घटना से मछली पालक गुलाब मोहन सिंह को करीब 8 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इतनी बड़ी नुकसान से गरीब मछली पालक काफी सदमे में है। गुलाब मोहन सिंह ने पहली बार मछली पालन का यह कार्य शुरू किया था। उन्होंने अपनी जमीन पर एक बड़ा तालाब खुदवाकर उसमें छोटे आकार की मछलियां डाली थीं और लगातार उनकी देखरेख कर रहे थे। मछलियां अब काफी बड़ी हो चुकी थीं और उन्हें जल्द ही बाजार में बेचने की योजना थी। मरी हुई मछलियां पानी के ऊपर तैर रही थीं
गुरुवार को जब गुलाब मोहन सिंह मछलियों को दाना देने तालाब पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि सभी मछलियां मरी हुई पानी के ऊपर तैर रही थीं। इस दृश्य को देखकर वे हैरान रह गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मेहनत और निवेश बर्बाद
मछलियों की मौत के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। गुलाब मोहन सिंह ने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कर्ज लेकर मछली पालन का यह व्यवसाय शुरू किया था। इस हादसे ने उनकी वर्षों की मेहनत और निवेश को बर्बाद कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
ठंड के कारण मछली के मरने की आशंका जाहिर की जा रही है। इस घटना के बाद मछली पालक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने कहा कि वर्षों की मेहनत पल भर में बर्बाद हो गया। सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग
इस भारी नुकसान से निराश होकर मछली पालक गुलाब मोहन सिंह ने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों ने समय रहते उन्हें समझा-बुझाकर ऐसा कोई भी गलत कदम उठाने से रोका। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित मछली पालक को सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है। शुक्रवार को मत्स्य विभाग को मछली पालक द्वारा आवेदन दिया जाएगा।
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