हरियाणा का बजट 2026-27:यमुनानगर को खेल, उद्योग और जैविक खेती में सौगात, बनेगा नया स्टेडियम, जैविक किसानों के लिए मंडी में विशेष स्थान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट में यमुनानगर जिले के लिए खेल, उद्योग और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं से जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने और युवाओं को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। इसके तहत यमुनानगर में भी आधुनिक सुविधाओं से लैस सिंथेटिक ट्रैक तैयार किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का मौका मिलेगा। खेलो इंडिया लघु केंद्र होगा स्थापित इसके साथ ही जिले में एक खेलो इंडिया लघु केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जिसका संचालन किसी पूर्व चैंपियन खिलाड़ी द्वारा किया जाएगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। यमुनानगर उन 12 जिलों में शामिल है, जहां 21 नए खेल स्टेडियम बनाए जाएंगे। इससे जिले में खेल अवसंरचना को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, ‘मिशन ओलंपिक 2036’ के तहत वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभा खोज अभियान भी चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर 30 सितंबर 2026 तक ‘फिट हरियाणा अभियान’ शुरू किया जाएगा, जिसका लाभ यमुनानगर के युवाओं और आम नागरिकों को भी मिलेगा। मंडी में जैविक किसानों को विशेष स्थान पंचकूला, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी, नारनौल के साथ यमुनानगर की जिला मंडी में भी जैविक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए विशेष स्थान दिया जाएगा। इससे जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 500 करोड़ का ‘सक्षम’ फंड यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र को भी बजट में राहत मिली है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा पूर्ववर्ती पंजाब राज्य में स्थापित सोनीपत, हिसार, अंबाला शहर, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला के साथ-साथ यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इन क्षेत्रों को उद्योग विभाग और बाद में HSIIDC को स्थानांतरित किया गया था, लेकिन वर्तमान में ये नगर निकाय सीमा में आ चुके हैं और यहां इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति खराब है। उद्योगपतियों की इस समस्या को समझते हुए, सरकार ने वर्ष 2026-27 में "सक्षम" नाम से 500 करोड़ रुपए की राशि का एक विशेष फंड बनाने का निर्णय लिया है। इस फंड का उद्देश्य इन शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाना है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। यह घोषणा सरकार की उद्योगों के विकास और समर्थन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Mar 2, 2026 - 15:59
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हरियाणा का बजट 2026-27:यमुनानगर को खेल, उद्योग और जैविक खेती में सौगात, बनेगा नया स्टेडियम, जैविक किसानों के लिए मंडी में विशेष स्थान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट में यमुनानगर जिले के लिए खेल, उद्योग और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं से जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने और युवाओं को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। इसके तहत यमुनानगर में भी आधुनिक सुविधाओं से लैस सिंथेटिक ट्रैक तैयार किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का मौका मिलेगा। खेलो इंडिया लघु केंद्र होगा स्थापित इसके साथ ही जिले में एक खेलो इंडिया लघु केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जिसका संचालन किसी पूर्व चैंपियन खिलाड़ी द्वारा किया जाएगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। यमुनानगर उन 12 जिलों में शामिल है, जहां 21 नए खेल स्टेडियम बनाए जाएंगे। इससे जिले में खेल अवसंरचना को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, ‘मिशन ओलंपिक 2036’ के तहत वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभा खोज अभियान भी चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर 30 सितंबर 2026 तक ‘फिट हरियाणा अभियान’ शुरू किया जाएगा, जिसका लाभ यमुनानगर के युवाओं और आम नागरिकों को भी मिलेगा। मंडी में जैविक किसानों को विशेष स्थान पंचकूला, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी, नारनौल के साथ यमुनानगर की जिला मंडी में भी जैविक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए विशेष स्थान दिया जाएगा। इससे जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 500 करोड़ का ‘सक्षम’ फंड यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र को भी बजट में राहत मिली है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा पूर्ववर्ती पंजाब राज्य में स्थापित सोनीपत, हिसार, अंबाला शहर, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला के साथ-साथ यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इन क्षेत्रों को उद्योग विभाग और बाद में HSIIDC को स्थानांतरित किया गया था, लेकिन वर्तमान में ये नगर निकाय सीमा में आ चुके हैं और यहां इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति खराब है। उद्योगपतियों की इस समस्या को समझते हुए, सरकार ने वर्ष 2026-27 में "सक्षम" नाम से 500 करोड़ रुपए की राशि का एक विशेष फंड बनाने का निर्णय लिया है। इस फंड का उद्देश्य इन शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाना है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। यह घोषणा सरकार की उद्योगों के विकास और समर्थन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।