स्वास्थ्य की टीम ने 2000 खराब कुल्फी नष्ट करवाई:15 किलो सड़ा मावा फेंका, 5 मिठाइयों के नमूने लेकर लैब भेजा
सलूंबर जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को व्यापक कार्रवाई की। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लसाड़िया, लोदा और अग्गड़ क्षेत्र में निरीक्षण कर भारी मात्रा में दूषित खाद्य सामग्री जब्त की, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा दल ने लसाड़िया स्थित मेसर्स निलेश आइस क्रीम पर औचक निरीक्षण किया। यहां फ्रीजर में करीब 2000 पीस कुल्फी और 15 किलोग्राम मावा सड़ी-गली और बदबूदार हालत में पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया- यह खराब सामग्री खासतौर पर बच्चों को बेचने के लिए तैयार की जा रही थी, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। मौके पर ही नष्ट कराया खराब सामान टीम ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए विक्रेता की सहमति और गवाहों की मौजूदगी में पूरी खराब सामग्री को एक खड्डे में डालकर नष्ट करवा दिया। साथ ही संबंधित फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभिन्न स्थानों से लिए गए 5 नमूने, जांच के लिए भेजे गए निरीक्षण के दौरान टीम ने अलग-अलग स्थानों से कुल 5 नमूने एकत्रित किए। इनमें लसाड़िया से कुल्फी और चीनी, लोदा से मावा बर्फी और कुल्फी, तथा अग्गड़ बस स्टैंड स्थित डेयरी से दही का नमूना शामिल है। सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान लसाड़िया बस स्टैंड पर किराना और मिष्ठान व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री खुले में न रखें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का ही उपयोग करें। गर्मी के मौसम में निरीक्षण अभियान रहेगा जारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में कुल्फी, आइसक्रीम और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए जिले में निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी, प्रशिक्षु अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीना और सहायक शूरवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
सलूंबर जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को व्यापक कार्रवाई की। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लसाड़िया, लोदा और अग्गड़ क्षेत्र में निरीक्षण कर भारी मात्रा में दूषित खाद्य सामग्री जब्त की, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा दल ने लसाड़िया स्थित मेसर्स निलेश आइस क्रीम पर औचक निरीक्षण किया। यहां फ्रीजर में करीब 2000 पीस कुल्फी और 15 किलोग्राम मावा सड़ी-गली और बदबूदार हालत में पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया- यह खराब सामग्री खासतौर पर बच्चों को बेचने के लिए तैयार की जा रही थी, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। मौके पर ही नष्ट कराया खराब सामान टीम ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए विक्रेता की सहमति और गवाहों की मौजूदगी में पूरी खराब सामग्री को एक खड्डे में डालकर नष्ट करवा दिया। साथ ही संबंधित फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभिन्न स्थानों से लिए गए 5 नमूने, जांच के लिए भेजे गए निरीक्षण के दौरान टीम ने अलग-अलग स्थानों से कुल 5 नमूने एकत्रित किए। इनमें लसाड़िया से कुल्फी और चीनी, लोदा से मावा बर्फी और कुल्फी, तथा अग्गड़ बस स्टैंड स्थित डेयरी से दही का नमूना शामिल है। सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान लसाड़िया बस स्टैंड पर किराना और मिष्ठान व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री खुले में न रखें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का ही उपयोग करें। गर्मी के मौसम में निरीक्षण अभियान रहेगा जारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में कुल्फी, आइसक्रीम और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए जिले में निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी, प्रशिक्षु अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीना और सहायक शूरवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।