सोनीपत में 35 लाख की ठगी में दो अरेस्ट:इंश्योरेंस पॉलिसी के जाल में फंसाया, पुलिस ने बैंक डिटेल लेकर UP में की रेड

सोनीपत पुलिस कमिश्नर ममता सिंह (IPS, ADGP) के मार्गदर्शन और पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर कुशल पाल सिंह के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 35 लाख 28 हजार 10 रुपए की ठगी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में ओम प्रकाश उर्फ गुड्डू निवासी मेरठ, हाल निवासी चंदौली, उत्तर प्रदेश और नागेंद्र निवासी चंदौली, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। ठगी के 71 हजार रुपए बैंक में होल्ड करवाए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत ने बताया कि सोनीपत के सैनीपुरा गांव निवासी 30 जनवरी 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। राजेश ने बताया कि उनकी बजाज आलियांज कंपनी में एक बीमा पॉलिसी थी, जिसमें कोरोना महामारी के बाद से उन्होंने कोई लेन-देन नहीं किया था। 16 सितंबर 2024 को राजेश के पास एक महिला का फोन आया। उसने कहा कि "आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी की जो जमा पूंजी है, उसे आप निकलवा लीजिए, लेकिन उसके लिए आपको अपनी बाकी किस्तें जमा करानी होंगी।" महिला की बातों में आकर राजेश ने किस्त जमा कर दी। इसके बाद अजय नाम के एक व्यक्ति और एक अन्य महिला ने भी फोन करके उन्हें जमा पूंजी निकालने का झांसा दिया। आरोपियों ने राजेश को अपने जाल में ऐसा फंसाया कि उन्होंने गूगल पे और फोन पे के जरिए नागेंद्र, ओमप्रकाश और सुशील के बैंक खातों में कुल 35 लाख 28 हजार 10 रुपए ट्रांसफर कर दिए। ये सभी खाते फर्जी दस्तावेजों पर खुलवाए गए थे। मेहनत की पूरी कमाई ठगों ने हड़पी शिकायतकर्ता राजेश ने अपनी बरसों की मेहनत की कमाई इस उम्मीद में उन खातों में डाल दी कि उनकी बंद पड़ी पॉलिसी का पैसा वापस मिल जाएगा। कोरोना काल की आर्थिक मार के बाद राजेश अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित निकालना चाहते थे, लेकिन साइबर अपराधियों ने उनकी इसी मजबूरी और भरोसे का फायदा उठाया। परिवार पिछले कई महीनों से भारी मानसिक तनाव और लाचारी से गुजर रहा था। थाना साइबर सोनीपत के प्रबंधक निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम जिसमें एएसआई संजय, एएसआई नरेंद्र, सिपाही सुमित और मुख्य सिपाही विनोद शामिल रहे ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यूपी में छापेमारी की। पुलिस ने वहां से ठगी की वारदात में शामिल दो युवकों को पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में 71 हजार रुपए की राशि को तुरंत होल्ड करवा दिया है। ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। दोनों को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

May 4, 2026 - 14:14
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सोनीपत में 35 लाख की ठगी में दो अरेस्ट:इंश्योरेंस पॉलिसी के जाल में फंसाया, पुलिस ने बैंक डिटेल लेकर UP में की रेड
सोनीपत पुलिस कमिश्नर ममता सिंह (IPS, ADGP) के मार्गदर्शन और पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर कुशल पाल सिंह के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 35 लाख 28 हजार 10 रुपए की ठगी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में ओम प्रकाश उर्फ गुड्डू निवासी मेरठ, हाल निवासी चंदौली, उत्तर प्रदेश और नागेंद्र निवासी चंदौली, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। ठगी के 71 हजार रुपए बैंक में होल्ड करवाए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत ने बताया कि सोनीपत के सैनीपुरा गांव निवासी 30 जनवरी 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। राजेश ने बताया कि उनकी बजाज आलियांज कंपनी में एक बीमा पॉलिसी थी, जिसमें कोरोना महामारी के बाद से उन्होंने कोई लेन-देन नहीं किया था। 16 सितंबर 2024 को राजेश के पास एक महिला का फोन आया। उसने कहा कि "आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी की जो जमा पूंजी है, उसे आप निकलवा लीजिए, लेकिन उसके लिए आपको अपनी बाकी किस्तें जमा करानी होंगी।" महिला की बातों में आकर राजेश ने किस्त जमा कर दी। इसके बाद अजय नाम के एक व्यक्ति और एक अन्य महिला ने भी फोन करके उन्हें जमा पूंजी निकालने का झांसा दिया। आरोपियों ने राजेश को अपने जाल में ऐसा फंसाया कि उन्होंने गूगल पे और फोन पे के जरिए नागेंद्र, ओमप्रकाश और सुशील के बैंक खातों में कुल 35 लाख 28 हजार 10 रुपए ट्रांसफर कर दिए। ये सभी खाते फर्जी दस्तावेजों पर खुलवाए गए थे। मेहनत की पूरी कमाई ठगों ने हड़पी शिकायतकर्ता राजेश ने अपनी बरसों की मेहनत की कमाई इस उम्मीद में उन खातों में डाल दी कि उनकी बंद पड़ी पॉलिसी का पैसा वापस मिल जाएगा। कोरोना काल की आर्थिक मार के बाद राजेश अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित निकालना चाहते थे, लेकिन साइबर अपराधियों ने उनकी इसी मजबूरी और भरोसे का फायदा उठाया। परिवार पिछले कई महीनों से भारी मानसिक तनाव और लाचारी से गुजर रहा था। थाना साइबर सोनीपत के प्रबंधक निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम जिसमें एएसआई संजय, एएसआई नरेंद्र, सिपाही सुमित और मुख्य सिपाही विनोद शामिल रहे ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यूपी में छापेमारी की। पुलिस ने वहां से ठगी की वारदात में शामिल दो युवकों को पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में 71 हजार रुपए की राशि को तुरंत होल्ड करवा दिया है। ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। दोनों को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।