पानीपत पहुंचे किसान नेता डल्लेवाल का बड़ा ऐलान:19 मार्च को दिल्ली में महापंचायत, एमएसपी और ट्रेड डील पर सरकार को घेरने की तैयारी
किसान आंदोलन की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है। कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसान जागृति यात्रा लेकर निकले दिग्गज किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल शनिवार को पानीपत पहुंचे। उनके साथ तमिलनाडु के किसान नेता पीआर पांड्यन और युवा किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ भी मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में डल्लेवाल ने मोदी सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों किसानों की महापंचायत करने का दावा किया। सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि 19 मार्च को होने वाली महापंचायत में देशभर से लाखों किसान जुटेंगे। इस दौरान लाखों किसानों के हस्ताक्षर वाला एक मांग पत्र सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार किसानों का मुख्य उद्देश्य सरकार को दो प्रमुख मांगों पर झुकने के लिए मजबूर करना है। देश भर में फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करना। दूसरा अमेरिका के साथ हाल ही में हुई व्यापारिक डील को रद्द कराना। "किसानों को बर्बाद कर रही है ट्रेड डील" डल्लेवाल ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश का अन्नदाता पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबा है और आत्महत्या कर रहा है। ऐसे में मोदी सरकार अमेरिका के साथ ट्रेड डील करके भारतीय किसानों की कमर तोड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान इस डील को हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे और सरकार को इसे वापस लेना ही होगा। 9 सूत्रीय मांगों पर जन-जागृति किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने बताया कि किसानों की कुल 9 मुख्य मांगें हैं, लेकिन MSP और ट्रेड डील रद्द करना सबसे प्राथमिकता पर है। उन्होंने कहा कि 'किसान जागृति यात्रा' के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि दिल्ली की महापंचायत ऐतिहासिक हो और सरकार पर प्रभावी दबाव बनाया जा सके। बढ़ सकती हैं सरकार की मुश्किलें पानीपत में किसान नेताओं के इस तीखे तेवर और दिल्ली कूच के ऐलान के बाद एक बार फिर सरकार और प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।



