फरीदाबाद में म्हारी सड़क ऐप की शिकायतों पर सख्ती:600 किमी नेटवर्क का होगा ग्राउंड सर्वे, 15 दिन में निपटान अनिवार्य

फरीदाबाद शहर में सड़कों की स्थिति को लेकर किए गए दावों की हकीकत जानने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग की टीम अब फिल्ड में उतरकर करीब 600 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का निरीक्षण करेगी और वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि जिन सड़कों को खराब बताया गया है, उनके सुधार के लिए नगर निगम द्वारा कोई ठोस योजना या बजट (एस्टीमेट) तैयार किया गया है या नहीं। म्हारी सड़क एप पर दर्ज शिकायतों को लेकर भी अब सख्ती बढ़ा दी गई है। पिछले 6 महीनों में 180 शिकायतें सामने आई थीं, जिनके समाधान का दावा अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में किया था। अब इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित एसडीओ और कार्यकारी अभियंताओं से शपथ पत्र भी लिए गए हैं, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। 15 दिन में निपटारा जरूरी एप के जरिए आने वाली हर शिकायत का समाधान 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है। यदि तय समय में काम पूरा नहीं होता, तो संबंधित अधिकारी को देरी का कारण बताना पड़ता है। नगर निगम कमीश्नर ने कहा कि आम आदमी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते है। वे टूटी सड़कों की फोटो अपलोड कर सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मरम्मत से लेकर पुनर्निर्माण तक की जांच नगर निगम ने सड़क मरम्मत के लिए गुरुग्राम की एक एजेंसी से करार किया हुआ है, जो आधुनिक तकनीक और रेडीमेड मैटेरियल से गड्ढों को भरने का काम करती है। हालांकि जिन सड़कों की हालत ज्यादा खराब है, उनके लिए नए सिरे से निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाता है। टीम यह भी जांचेगी कि ऐसे मामलों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी हुई है या नहीं। 4 सदस्यीय टीम करेगी 10 दिन का सर्वे निरीक्षण के लिए एक कार्यकारी अभियंता और 3 जूनियर इंजीनियरों की एक टीम गठित की गई है। यह टीम अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर करीब 10 दिनों तक सड़कों की स्थिति का जायजा लेगी। शहर में कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं, जिन पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। सीएम स्तर पर निगरानी, लापरवाही पर सख्ती निगर निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा के अनुसार, “म्हारी सड़क” एप पर आने वाली शिकायतों की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री स्तर पर की जा रही है। ऐसे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

May 4, 2026 - 14:14
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फरीदाबाद में म्हारी सड़क ऐप की शिकायतों पर सख्ती:600 किमी नेटवर्क का होगा ग्राउंड सर्वे, 15 दिन में निपटान अनिवार्य
फरीदाबाद शहर में सड़कों की स्थिति को लेकर किए गए दावों की हकीकत जानने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग की टीम अब फिल्ड में उतरकर करीब 600 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का निरीक्षण करेगी और वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि जिन सड़कों को खराब बताया गया है, उनके सुधार के लिए नगर निगम द्वारा कोई ठोस योजना या बजट (एस्टीमेट) तैयार किया गया है या नहीं। म्हारी सड़क एप पर दर्ज शिकायतों को लेकर भी अब सख्ती बढ़ा दी गई है। पिछले 6 महीनों में 180 शिकायतें सामने आई थीं, जिनके समाधान का दावा अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में किया था। अब इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित एसडीओ और कार्यकारी अभियंताओं से शपथ पत्र भी लिए गए हैं, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। 15 दिन में निपटारा जरूरी एप के जरिए आने वाली हर शिकायत का समाधान 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है। यदि तय समय में काम पूरा नहीं होता, तो संबंधित अधिकारी को देरी का कारण बताना पड़ता है। नगर निगम कमीश्नर ने कहा कि आम आदमी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते है। वे टूटी सड़कों की फोटो अपलोड कर सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मरम्मत से लेकर पुनर्निर्माण तक की जांच नगर निगम ने सड़क मरम्मत के लिए गुरुग्राम की एक एजेंसी से करार किया हुआ है, जो आधुनिक तकनीक और रेडीमेड मैटेरियल से गड्ढों को भरने का काम करती है। हालांकि जिन सड़कों की हालत ज्यादा खराब है, उनके लिए नए सिरे से निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाता है। टीम यह भी जांचेगी कि ऐसे मामलों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी हुई है या नहीं। 4 सदस्यीय टीम करेगी 10 दिन का सर्वे निरीक्षण के लिए एक कार्यकारी अभियंता और 3 जूनियर इंजीनियरों की एक टीम गठित की गई है। यह टीम अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर करीब 10 दिनों तक सड़कों की स्थिति का जायजा लेगी। शहर में कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं, जिन पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। सीएम स्तर पर निगरानी, लापरवाही पर सख्ती निगर निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा के अनुसार, “म्हारी सड़क” एप पर आने वाली शिकायतों की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री स्तर पर की जा रही है। ऐसे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।