सिरसा के नाथुसरी चौपटा में आंधी का प्रकोप:गौशाला में दो शेड टूटे और एक मकान की छत गिरी, गाय बाल-बाल बचीं

सिरसा जिले के चोपटा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जारी आंधी के प्रकोप से जनजीवन प्रभावित हुआ। रविवार रात को आई तेज आंधी के कारण नाथूसरी कलां स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती गौशाला में भारी नुकसान हुआ। आंधी से गौशाला के दो लोहे के शेड और पास के एक मकान की छत उड़ गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया। गौशाला समिति के सदस्यों ने बताया कि रात को आई आंधी इतनी भीषण थी कि 85x45 फीट का एक लोहे का शेड उखड़कर दूर जा गिरा। इसके अलावा, गायों के लिए बना 20x22 फीट का एक और लोहे का शेड भी अपनी जगह से उखड़ गया। पास के एक मकान की छत की टाइलें भी उड़ गईं, जिससे गौशाला को काफी आर्थिक क्षति हुई है। गनीमत रही कि आंधी के समय गायें दूर बंधी हुई थीं, जिससे उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। गौशाला में 600 से अधिक गोवंश की सेवा की जाती है। ये घटना रात करीब 12 बजे के आसपास की है। बारिश या ओलावृष्टि होने से टली। तेज आंधी में उड़ा शेड, गायों के लिए बनी मुश्किल वहीं, गौशाला समिति के सदस्य हनुमान सिंह कासनियां, हरि सिंह, कुलदीप, सतीश कुमार, आत्माराम, महेंद्र सिंह और सुरजीत ने बताया कि एक शेड का उपयोग गायों के लिए तूड़ी रखने के लिए किया जाता था, जबकि दूसरे में गर्मी और सर्दी के मौसम में गायों को बांधा जाता था। अब उनके लिए परेशानी बन गई है। दोनों शेडों के गिरने से अब गौशाला के संचालन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गौशाला समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने सरकार से इस नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।

May 4, 2026 - 14:14
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सिरसा के नाथुसरी चौपटा में आंधी का प्रकोप:गौशाला में दो शेड टूटे और एक मकान की छत गिरी, गाय बाल-बाल बचीं
सिरसा जिले के चोपटा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जारी आंधी के प्रकोप से जनजीवन प्रभावित हुआ। रविवार रात को आई तेज आंधी के कारण नाथूसरी कलां स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती गौशाला में भारी नुकसान हुआ। आंधी से गौशाला के दो लोहे के शेड और पास के एक मकान की छत उड़ गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया। गौशाला समिति के सदस्यों ने बताया कि रात को आई आंधी इतनी भीषण थी कि 85x45 फीट का एक लोहे का शेड उखड़कर दूर जा गिरा। इसके अलावा, गायों के लिए बना 20x22 फीट का एक और लोहे का शेड भी अपनी जगह से उखड़ गया। पास के एक मकान की छत की टाइलें भी उड़ गईं, जिससे गौशाला को काफी आर्थिक क्षति हुई है। गनीमत रही कि आंधी के समय गायें दूर बंधी हुई थीं, जिससे उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। गौशाला में 600 से अधिक गोवंश की सेवा की जाती है। ये घटना रात करीब 12 बजे के आसपास की है। बारिश या ओलावृष्टि होने से टली। तेज आंधी में उड़ा शेड, गायों के लिए बनी मुश्किल वहीं, गौशाला समिति के सदस्य हनुमान सिंह कासनियां, हरि सिंह, कुलदीप, सतीश कुमार, आत्माराम, महेंद्र सिंह और सुरजीत ने बताया कि एक शेड का उपयोग गायों के लिए तूड़ी रखने के लिए किया जाता था, जबकि दूसरे में गर्मी और सर्दी के मौसम में गायों को बांधा जाता था। अब उनके लिए परेशानी बन गई है। दोनों शेडों के गिरने से अब गौशाला के संचालन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गौशाला समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने सरकार से इस नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।