रग्बी में बिहार की बेटियों का शानदार प्रदर्शन:रजत पदक किया हासिल; नालंदा की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम
बिहार की बेटियों ने एक बार फिर खेल के मैदान में अपनी धाक जमाते हुए राज्य का मान बढ़ाया है। जनवरी के अंतिम दिनों से लेकर फरवरी के शुरुआत तक देश के दो प्रमुख शहरों में रग्बी प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें बिहार की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उड़ीसा के कलिंगा स्टेडियम में 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच आयोजित खेलो इंडिया स्मिता लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार की रग्बी बालिकाओं ने इतिहास रच दिया। तीनों आयु वर्गों में पदक हासिल करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। बिहार टीम ने रजत पदक जीता सीनियर वर्ग में रजत पदक, सब जूनियर वर्ग में रजत पदक और जूनियर आयु वर्ग में कांस्य पदक जीतकर बिहार की बेटियों ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत के आगे कोई बाधा टिक नहीं सकती। इसी कड़ी में राजधानी दिल्ली में 30 जनवरी से 3 फरवरी तक चली राष्ट्रीय विद्यालय रग्बी खेल प्रतियोगिता में अंडर-19 बालिका वर्ग में भी बिहार टीम ने रजत पदक अपने नाम किया। नालंदा की बेटियों का विशेष योगदान शानदार सफलता में नालंदा की बेटियों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज के अनुसार, बिहार टीम में नालंदा की कुल 9 खिलाड़ी शामिल थीं, जिन्होंने अपने दमदार प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। रेशमा कुमारी ने अकेले दम पर जिले का प्रतिनिधित्व किया सीनियर वर्ग में अल्पना कुमारी, चुनचुन कुमारी और धर्मशिला कुमारी ने अनुभव और कौशल का बेहतरीन संगम दिखाया। जूनियर वर्ग में रेशमा कुमारी ने अकेले दम पर जिले का प्रतिनिधित्व किया, जबकि सब जूनियर वर्ग में कोमल कुमारी, प्रियांशु कुमारी और खुशी कुमारी ने अपनी ऊर्जा और जोश से विरोधी टीमों को चुनौती दी। अंडर-19 बालिका वर्ग में अर्चना कुमारी और काजल कुमारी ने आक्रामक और अनुशासित खेल का प्रदर्शन करते हुए कई महत्वपूर्ण गोल दागे। खेल अधिकारियों और संरक्षकों की प्रतिक्रिया ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार के खेल जगत से जुड़े अधिकारियों और संरक्षकों ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। ग्रामीण विकास मंत्री सह रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के संरक्षक श्रवण कुमार ने इस जीत को राज्य में खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय प्रकाश मयुख, सचिव पंकज ज्योति, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्र शंकरण और कार्यकारी निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी ने भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के अध्यक्ष मुन्नालाल, उपाध्यक्ष उमेश पासवान, जिला खेल पदाधिकारी शालिनी प्रकाश सहित कई खेल प्रेमियों ने इस जीत को नालंदा के लिए गौरव का विषय बताया। खेल विकास की नई दिशा यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलें, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। बिहार में महिला खेलों के विकास की दिशा में यह एक सकारात्मक संकेत है। रग्बी जैसे कठिन खेल में बिहार की बेटियों की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
बिहार की बेटियों ने एक बार फिर खेल के मैदान में अपनी धाक जमाते हुए राज्य का मान बढ़ाया है। जनवरी के अंतिम दिनों से लेकर फरवरी के शुरुआत तक देश के दो प्रमुख शहरों में रग्बी प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें बिहार की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उड़ीसा के कलिंगा स्टेडियम में 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच आयोजित खेलो इंडिया स्मिता लीग राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार की रग्बी बालिकाओं ने इतिहास रच दिया। तीनों आयु वर्गों में पदक हासिल करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। बिहार टीम ने रजत पदक जीता सीनियर वर्ग में रजत पदक, सब जूनियर वर्ग में रजत पदक और जूनियर आयु वर्ग में कांस्य पदक जीतकर बिहार की बेटियों ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत के आगे कोई बाधा टिक नहीं सकती। इसी कड़ी में राजधानी दिल्ली में 30 जनवरी से 3 फरवरी तक चली राष्ट्रीय विद्यालय रग्बी खेल प्रतियोगिता में अंडर-19 बालिका वर्ग में भी बिहार टीम ने रजत पदक अपने नाम किया। नालंदा की बेटियों का विशेष योगदान शानदार सफलता में नालंदा की बेटियों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के महासचिव रेंसी राकेश राज के अनुसार, बिहार टीम में नालंदा की कुल 9 खिलाड़ी शामिल थीं, जिन्होंने अपने दमदार प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। रेशमा कुमारी ने अकेले दम पर जिले का प्रतिनिधित्व किया सीनियर वर्ग में अल्पना कुमारी, चुनचुन कुमारी और धर्मशिला कुमारी ने अनुभव और कौशल का बेहतरीन संगम दिखाया। जूनियर वर्ग में रेशमा कुमारी ने अकेले दम पर जिले का प्रतिनिधित्व किया, जबकि सब जूनियर वर्ग में कोमल कुमारी, प्रियांशु कुमारी और खुशी कुमारी ने अपनी ऊर्जा और जोश से विरोधी टीमों को चुनौती दी। अंडर-19 बालिका वर्ग में अर्चना कुमारी और काजल कुमारी ने आक्रामक और अनुशासित खेल का प्रदर्शन करते हुए कई महत्वपूर्ण गोल दागे। खेल अधिकारियों और संरक्षकों की प्रतिक्रिया ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार के खेल जगत से जुड़े अधिकारियों और संरक्षकों ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। ग्रामीण विकास मंत्री सह रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के संरक्षक श्रवण कुमार ने इस जीत को राज्य में खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय प्रकाश मयुख, सचिव पंकज ज्योति, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्र शंकरण और कार्यकारी निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी ने भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ नालंदा के अध्यक्ष मुन्नालाल, उपाध्यक्ष उमेश पासवान, जिला खेल पदाधिकारी शालिनी प्रकाश सहित कई खेल प्रेमियों ने इस जीत को नालंदा के लिए गौरव का विषय बताया। खेल विकास की नई दिशा यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलें, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। बिहार में महिला खेलों के विकास की दिशा में यह एक सकारात्मक संकेत है। रग्बी जैसे कठिन खेल में बिहार की बेटियों की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।