नवादा-वारिसलीगंज रेलखंड पर आरओबी बनेगा:लेवल क्रॉसिंग 33/B1 पर निर्माण प्रस्तावित, 1.50 एकड़ भूमि अधिग्रहण शुरू, जाम से मिलेगी राहत
नवादा-वारिसलीगंज रेलखंड पर एक रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह आरओबी वारिसलीगंज और नवादा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 33/B1 (रेलवे किलोमीटर 70/06–07) पर बनाया जाएगा। इसके लिए कुल 1.50116 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र को यातायात जाम से मुक्ति मिलेगी। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत, सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) और बहु-विषयक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, नवादा के समाहर्त्ता द्वारा प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना RFCTLARR अधिनियम की धारा 11(1) के तहत नवादा अंचल के मौजा मिर्जापुर में आने वाले भूखंडों के लिए प्रकाशित की गई है। क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी
अधिनियम की धारा 11(4) के अनुसार, इस अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से, प्रारंभिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का कोई भी हस्तांतरण (खरीद/बिक्री) जिला समाहर्त्ता की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, इस भूमि पर किसी प्रकार का भार या विल्लंगम भी उत्पन्न नहीं किया जा सकेगा। बिहार भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार नियमावली, 2014 की धारा 15 के तहत, हितबद्ध व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की तिथि से साठ (60) दिनों के भीतर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, नवादा के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इस भू-अर्जन प्रक्रिया के पूरा होने और आरओबी के निर्माण से क्षेत्र के निवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे आवागमन सुगम होगा, यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। यह परियोजना नवादा शहर को यातायात जाम की समस्या से भी बड़ी राहत प्रदान करेगी।
नवादा-वारिसलीगंज रेलखंड पर एक रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह आरओबी वारिसलीगंज और नवादा रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 33/B1 (रेलवे किलोमीटर 70/06–07) पर बनाया जाएगा। इसके लिए कुल 1.50116 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र को यातायात जाम से मुक्ति मिलेगी। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत, सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) और बहु-विषयक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, नवादा के समाहर्त्ता द्वारा प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अधिसूचना RFCTLARR अधिनियम की धारा 11(1) के तहत नवादा अंचल के मौजा मिर्जापुर में आने वाले भूखंडों के लिए प्रकाशित की गई है। क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी
अधिनियम की धारा 11(4) के अनुसार, इस अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से, प्रारंभिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का कोई भी हस्तांतरण (खरीद/बिक्री) जिला समाहर्त्ता की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, इस भूमि पर किसी प्रकार का भार या विल्लंगम भी उत्पन्न नहीं किया जा सकेगा। बिहार भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार नियमावली, 2014 की धारा 15 के तहत, हितबद्ध व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की तिथि से साठ (60) दिनों के भीतर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, नवादा के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इस भू-अर्जन प्रक्रिया के पूरा होने और आरओबी के निर्माण से क्षेत्र के निवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे आवागमन सुगम होगा, यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। यह परियोजना नवादा शहर को यातायात जाम की समस्या से भी बड़ी राहत प्रदान करेगी।