2 दिन से नहीं जला 20 घरों का चूल्हा:गायघाट में दरोगा की गिरफ्तारी की मांग, भूखे बैठे लोग, पप्पू यादव बोले-पटना तक करेंगे आंदोलन
मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड के चोरनिया गांव में जगतवीर राय की मौत के बाद गांव शोक और गुस्से में है। 2 दिनों से गांव के कई घरों में चूल्हा नहीं जला है। जगतवीर के परिजन और आस पड़ोस के लोग गुरुवार दोपहर तक थानेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बैठे हुए थे। मृतक के भाई राम सागर राय ने बताया कि जबतक दरवाजे पर शव रहता है, तबतक हम खाना नहीं खाते हैं। अंतिम संस्कार के बिना हमलोग कुछ नहीं खाएंगे। मनोज राय ने बताया कि शरबत पानी पीकर बैठे हुए है। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद ही खाना होगा। परिजन और आस-पड़ोस के लोग न्याय की मांग को लेकर लगातार उनके दरवाजे पर धरने पर बैठे रहे। भूख-प्यास की परवाह किए बिना, सबकी एक ही मांग थी—जगतवीर राय को इंसाफ मिले। गुरुवार दोपहर तक स्थिति जस की तस बनी रही। लोग आरोपी थाना अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। इस बीच कई जनप्रतिनिधि भी गांव पहुंचे। पूर्णिया सांसद बोले- पटना तक करेंगे आंदोलन पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लोकसभा में उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो मुजफ्फरपुर से पटना तक आंदोलन करेंगे। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद दोपहर में से गांववालों ने जगतवीर राय के शव को अंतिम विदाई दी। जानिए क्या है पूरा मामला… घटना मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र के असिया गांव की है। मंगलवार देर रात पुलिस पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। आरोपी को पकड़ने की कोशिश होते ही ग्रामीण उग्र हो गए और विरोध शुरू हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस पर हमला हुआ तो जवानों ने बचाव में हवाई फायरिंग की। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से भी गोलीबारी हुई। इसी दौरान जगवीर राय को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। बुधवार को दिनभर गहमागहमी के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया, जहां ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, पूर्व विधायक निरंजन राय और पारू विधायक शंकर यादव समेत अन्य नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उग्र भीड़ ने पुलिस के 2 गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में गायघाट थानेदार और दो अन्य जवान घायल हुए हैं। घटना के दौरान बचाव में पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई है। ग्रामीणों की तरफ से भी फायरिंग की गई, जिसमें 60 साल के बुजुर्ग को गोली लगी। उनकी मौत हो गई।
मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड के चोरनिया गांव में जगतवीर राय की मौत के बाद गांव शोक और गुस्से में है। 2 दिनों से गांव के कई घरों में चूल्हा नहीं जला है। जगतवीर के परिजन और आस पड़ोस के लोग गुरुवार दोपहर तक थानेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बैठे हुए थे। मृतक के भाई राम सागर राय ने बताया कि जबतक दरवाजे पर शव रहता है, तबतक हम खाना नहीं खाते हैं। अंतिम संस्कार के बिना हमलोग कुछ नहीं खाएंगे। मनोज राय ने बताया कि शरबत पानी पीकर बैठे हुए है। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद ही खाना होगा। परिजन और आस-पड़ोस के लोग न्याय की मांग को लेकर लगातार उनके दरवाजे पर धरने पर बैठे रहे। भूख-प्यास की परवाह किए बिना, सबकी एक ही मांग थी—जगतवीर राय को इंसाफ मिले। गुरुवार दोपहर तक स्थिति जस की तस बनी रही। लोग आरोपी थाना अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। इस बीच कई जनप्रतिनिधि भी गांव पहुंचे। पूर्णिया सांसद बोले- पटना तक करेंगे आंदोलन पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लोकसभा में उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो मुजफ्फरपुर से पटना तक आंदोलन करेंगे। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद दोपहर में से गांववालों ने जगतवीर राय के शव को अंतिम विदाई दी। जानिए क्या है पूरा मामला… घटना मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र के असिया गांव की है। मंगलवार देर रात पुलिस पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। आरोपी को पकड़ने की कोशिश होते ही ग्रामीण उग्र हो गए और विरोध शुरू हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस पर हमला हुआ तो जवानों ने बचाव में हवाई फायरिंग की। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से भी गोलीबारी हुई। इसी दौरान जगवीर राय को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। बुधवार को दिनभर गहमागहमी के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया, जहां ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, पूर्व विधायक निरंजन राय और पारू विधायक शंकर यादव समेत अन्य नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उग्र भीड़ ने पुलिस के 2 गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में गायघाट थानेदार और दो अन्य जवान घायल हुए हैं। घटना के दौरान बचाव में पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई है। ग्रामीणों की तरफ से भी फायरिंग की गई, जिसमें 60 साल के बुजुर्ग को गोली लगी। उनकी मौत हो गई।