मध्य पूर्व संकट : स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आपात स्थिति, परमाणु सुरक्षा के प्रति चिंता

मध्य पूर्व में अमेरिका व इसराइल द्वारा ईरान पर हवाई कार्रवाई, ईरान के पलटवार ड्रोन व मिसाइल हमलों और लेबनान में हिज़बुल्लाह व इसराइली बलों में लड़ाई के बीच पूरे क्षेत्र में संकट अब भी धधक रहा है, जिसकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, लाखों ...

Mar 19, 2026 - 20:19
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मध्य पूर्व संकट : स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आपात स्थिति, परमाणु सुरक्षा के प्रति चिंता

Health Emergencies Following Attacks in Middle East मध्य पूर्व में अमेरिका व इसराइल द्वारा ईरान पर हवाई कार्रवाई, ईरान के पलटवार ड्रोन व मिसाइल हमलों और लेबनान में हिज़बुल्लाह व इसराइली बलों में लड़ाई के बीच पूरे क्षेत्र में संकट अब भी धधक रहा है, जिसकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, लाखों विस्थापित हुए हैं और मानवीय स्थिति निरन्तर बिगड़ रही है। यूएन एजेंसियां, बढ़ती चुनौतियों के बावजूद, ज़रूरतमन्दों तक राहत पहुंचाने के लिए जुटी हैं। इस बीच, ईरान के बुशहर परमाणु प्लांट पर भी मिसाइल गिरने की ख़बर है, लेकिन उसे किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची है।

 

स्वास्थ्य आपात स्थिति की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि मध्य पूर्व में हिंसक टकराव की वजह से सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए आपात स्थिति पैदा हो गई है। मृतकों व घायलों का आंकड़ा बढ़ रहा है और अनेक देशों में विस्थापितों की संख्या में भी निरन्तर वृद्धि हो रही है।

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ईरान में अब तक 1,440 लोगों के मारे जाने की ख़बर है और 18 हज़ार से अधिक घायल हुए हैं। वहीं लेबनान में 886 लोगों की जान गई है और 2 हज़ार से ज़्यादा घायल हैं। लेबनान में विस्थापितों की संख्या में भी तेज़ी से उछाल आया है और अब तक लगभग 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। हिज़बुल्लाह द्वारा इसराइल पर रॉकेट हमले किए जाने के बाद इसराइली सैन्यबलों ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू की है और स्थानीय लोगों को जगह छोड़कर जाने के आदेश दिए हैं। 

 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने पिछले कुछ हफ़्तों में स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों पर किए गए हमलों की पुष्टि की है, जिनमें स्वास्थ्यकर्मी भी मारे गए हैं और पहले से ही दबाव झेल रही सेवाओं में और व्यवधान आया है। WHO ने आगाह किया है कि स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की सुलभता कठिन होती जा रही है, जबकि इस क्षेत्र में तेल भंडारों व ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की वजह से पर्यावरण और स्वास्थ्य सम्बन्धी जोखिम उपज रहे हैं। 

 

बुशहर परमाणु प्लांट हमले की चपेट में

ईरान ने अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सूचित किया है कि मंगलवार शाम को बुशहर परमाणु प्लांट के परिसर पर एक मिसाइल आकर गिरी। इस घटना में प्लांट को किसी प्रकार की क्षति पहुंचने या किसी कर्मचारी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। यह संयंत्र देश की राजधानी तेहरान से 750 किलोमीटर दूर फ़ारस की खाड़ी के तट पर स्थित है।

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IAEA के महानिदेशक रफ़ाएल मारियानो ग्रोस्सी ने सभी युद्धरत पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह किया है ताकि टकराव के दौरान किसी भी प्रकार के परमाणु हादसे के जोखिम को टाला जा सके।

 

यूनीसेफ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ाया दायरा

इस बीच, संयु्क्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने ईरान में बच्चों और उनके परिवारों के लिए अति आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने के लिए अपना समर्थन बढ़ाया है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों से बड़े पैमाने पर देश में स्वास्थ्य आवश्यकताएं पैदा हुई हैं। 

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ईरान में स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर, यूनीसेफ़ ने सचल स्वास्थ्य टीम, प्राथमिक स्वास्थ्य देखबाल के लिए टैंट और आपात मेडिकल किट की व्यवस्था की है। अतिरिक्त चिकित्सा सामग्री को मुहैया कराने की तैयारी की जा रही है। इन प्रयासों के तहत 2.26 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने की कोशिशें की जा रही हैं। यूनीसेफ़ ने प्रभावित बच्चों के लिए मनोसामाजिक समर्थन में भी विस्तार किया है।