भागलपुर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कैंपस को खाली कराया गया, चप्पे-चप्पे की तलाशी; ईमेल में लिखा- रिमोट से ब्लास्ट करेंगे
भागलपुर सिविल कोर्ट को 11 दिन के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरे मेल में लिखा है कि जज के चैंबर और वॉशरूम में RDX रखे हैं। रिमोट से ब्लास्ट करेंगे। इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी तरह का मेल भेजा गया था। धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया है। वकील और जज अपने चैंबर से बाहर निकल गए हैं। सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कोर्ट को बंद कर दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। मौके पर बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौजूद हैं। फिलहाल विस्फोटक होने की जानकारी कैंपस में हर कोने की गहन जांच की जा रही है। हालांकि किसी तरह के विस्फोटक होने की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सख्त कार्रवाई की मांग इस तरह बार-बार मिल रही धमकियों से अधिवक्ताओं में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। जिला कोर्ट के वकील अंजनी दुबे ने कहा कि 28 जनवरी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, लेकिन उस मामले में सख्त और ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी का नतीजा है कि अपराधी दोबारा माननीय न्यायालय को चुनौती दे रहे हैं। ई-मेल भेजने वाले की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाए और ऐसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगे।
Feb 9, 2026 - 13:03
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भागलपुर सिविल कोर्ट को 11 दिन के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरे मेल में लिखा है कि जज के चैंबर और वॉशरूम में RDX रखे हैं। रिमोट से ब्लास्ट करेंगे। इससे पहले 28 जनवरी को भी इसी तरह का मेल भेजा गया था। धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया है। वकील और जज अपने चैंबर से बाहर निकल गए हैं। सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कोर्ट को बंद कर दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। मौके पर बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौजूद हैं। फिलहाल विस्फोटक होने की जानकारी कैंपस में हर कोने की गहन जांच की जा रही है। हालांकि किसी तरह के विस्फोटक होने की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सख्त कार्रवाई की मांग इस तरह बार-बार मिल रही धमकियों से अधिवक्ताओं में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। जिला कोर्ट के वकील अंजनी दुबे ने कहा कि 28 जनवरी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, लेकिन उस मामले में सख्त और ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी का नतीजा है कि अपराधी दोबारा माननीय न्यायालय को चुनौती दे रहे हैं। ई-मेल भेजने वाले की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाए और ऐसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगे।
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