शिकारी जानवरों ने 150 भेड़ों का किया शिकार:राघवा गांव में पशुपालक देरावरसिंह को लाखों का हुआ नुकसान, इलाके में दहशत

जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्र रामगढ़ के राघवा गांव में बीती रात अज्ञात जंगली जानवरों ने खौफनाक मंजर पैदा कर दिया। राघवा गांव में स्थित देरावरसिंह की ढाणी में एक पशुबाड़े में सो रही भेड़ों पर हिंसक जानवरों के झुंड ने हमला बोल दिया। इस हमले में 150 भेड़ों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुंचाा, तो चारों तरफ लहूलुहान भेड़ें देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक साथ हमले से ग्रामीण अचंभित ग्रामीणों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों का शिकार किसी एक जानवर के बस की बात नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि हमला करने वाले जानवरों की संख्या एक से अधिक थी। सभी मृत भेड़ों के गर्दन और शरीर पर नुकीले दांतों के गहरे निशान मिले हैं। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस- प्रशासनिक और चिकित्सा टीम ने किया मौका मुआयना सूचना पर हल्का पटवारी ने मौके पर पहुँचकर नुकसान का आकलन किया और रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद रामगढ़ पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचित किया गया। वन विभाग के अधिकारी अब जानवरों के पगमार्क (पदचिह्न) के जरिए हमलावर प्रजाति की पहचान करने में जुटे हैं। वहीं, पशु चिकित्सालय की टीम ने मौके पर ही मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। रामगढ़ थाना प्रभारी भूटाराम विश्नोई ने बताया- "हमें सूचना मिली थी कि देरावरसिंह की ढाणी में अज्ञात जानवरों ने भेड़ों पर हमला किया है। पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया है और वन विभाग को सूचित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया कुत्तों द्वारा हमला लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आर्थिक सहायता की मांग पशुपालक देरावरसिंह के लिए यह किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि उनकी आजीविका का एकमात्र साधन ये पशु ही थे।

Feb 9, 2026 - 13:04
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शिकारी जानवरों ने 150 भेड़ों का किया शिकार:राघवा गांव में पशुपालक देरावरसिंह को लाखों का हुआ नुकसान, इलाके में दहशत
जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्र रामगढ़ के राघवा गांव में बीती रात अज्ञात जंगली जानवरों ने खौफनाक मंजर पैदा कर दिया। राघवा गांव में स्थित देरावरसिंह की ढाणी में एक पशुबाड़े में सो रही भेड़ों पर हिंसक जानवरों के झुंड ने हमला बोल दिया। इस हमले में 150 भेड़ों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुंचाा, तो चारों तरफ लहूलुहान भेड़ें देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक साथ हमले से ग्रामीण अचंभित ग्रामीणों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों का शिकार किसी एक जानवर के बस की बात नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि हमला करने वाले जानवरों की संख्या एक से अधिक थी। सभी मृत भेड़ों के गर्दन और शरीर पर नुकीले दांतों के गहरे निशान मिले हैं। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस- प्रशासनिक और चिकित्सा टीम ने किया मौका मुआयना सूचना पर हल्का पटवारी ने मौके पर पहुँचकर नुकसान का आकलन किया और रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद रामगढ़ पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचित किया गया। वन विभाग के अधिकारी अब जानवरों के पगमार्क (पदचिह्न) के जरिए हमलावर प्रजाति की पहचान करने में जुटे हैं। वहीं, पशु चिकित्सालय की टीम ने मौके पर ही मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। रामगढ़ थाना प्रभारी भूटाराम विश्नोई ने बताया- "हमें सूचना मिली थी कि देरावरसिंह की ढाणी में अज्ञात जानवरों ने भेड़ों पर हमला किया है। पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया है और वन विभाग को सूचित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया कुत्तों द्वारा हमला लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आर्थिक सहायता की मांग पशुपालक देरावरसिंह के लिए यह किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि उनकी आजीविका का एकमात्र साधन ये पशु ही थे।