आजकल मलेशिया में धर्म और जाति को लेकर काफी खींचतान चल रही है और मलेशिया में आजकल एक नाम भी बहुत ज़्यादा सुर्खियों में है और वह है मोहम्मद ज़मरी विनोथ। ज़मरी पहले हिंदू थे, लेकिन इस्लाम अपनाने के बाद वे एक ऐसे प्रचारक बन गए हैं जो अक्सर हिंदुओं के खिलाफ बयान देते रहते हैं। खासकर जब से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे की बात चली है, ज़मरी के सुर और भी तेज़ हो गए हैं। ज़मरी की वजह से वहां के हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। चलिए, ज़रा विस्तार से समझते हैं कि यह शख्स कौन है, इसका इतिहास क्या है और इसकी बयानबाजी के पीछे असली हाथ किसका है।
कौन है मोहम्मद ज़मरी विनोथ?
मोहम्मद ज़मरी विनोथ आज एक कट्टर इस्लामिक प्रचारक के रूप में जाना जाता है, लेकिन उसकी कहानी थोड़ी अलग है।
ज़मरी का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था। बाद में उसने इस्लाम अपना लिया। अक्सर देखा गया है कि धर्म परिवर्तन करने वाले कुछ लोग अपनी पुरानी पहचान को गलत साबित करने के लिए ज़्यादा आक्रामक हो जाते हैं, ज़मरी के साथ भी कुछ ऐसा ही है।
ज़मरी कोई नया नाम नहीं है। साल 2019 में उसे हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था। उस पर आरोप था कि उसने एक स्पीच के दौरान हिंदू देवताओं और उनकी मान्यताओं का मज़ाक उड़ाया, जिससे मलेशिया में काफी दंगे जैसी स्थिति बन गई थी।
ज़ाकिर नाइक का 'चेला'
ज़मरी विनोथ खुद को विवादित भारतीय प्रचारक ज़ाकिर नाइक का शागिर्द मानता है। ज़ाकिर नाइक, जो खुद भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और नफरत फैलाने के आरोपों में वॉन्टेड है, आजकल मलेशिया में शरण लिए हुए है।
ज़मरी की स्पीच देने का तरीका बिल्कुल ज़ाकिर नाइक जैसा है। वह उसी की तरह स्टेज पर खड़े होकर दूसरे धर्मों की किताबों के हवाले देता है और उन्हें गलत साबित करने की कोशिश करता है। ज़ाकिर नाइक की तरह ही ज़मरी भी 'तुलनात्मक धर्म' (Comparative Religion) के नाम पर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है। वह युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल करता है।
हिंदुओं के खिलाफ 'नफरत की दुकान'
मलेशिया की सरकार भले ही इसे एक मल्टी-कल्चरल देश कहे, लेकिन ज़मरी जैसे लोग इस छवि को खराब कर रहे हैं। ज़मरी अक्सर हिंदू मंदिरों के निर्माण या वहां होने वाले उत्सवों के खिलाफ भीड़ को उकसाता है। फेसबुक और यूट्यूब पर उसके लाखों फॉलोअर्स हैं, जहाँ वह लगातार ऐसी वीडियो डालता है जिसमें हिंदुओं को मलेशिया की 'इस्लामिक पहचान' के लिए खतरा बताया जाता है।
PM मोदी के दौरे को बनाया हथियार
जब से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे की चर्चा शुरू हुई है, ज़मरी ने इसे एक राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। वह दावा करता है कि मोदी सरकार "हिंदू राष्ट्रवादी" है और उनका मलेशिया आना यहां के मुसलमानों के लिए खतरा है। उसका मकसद इस दौरे के बहाने स्थानीय मुसलमानों को डराकर अपने पीछे लामबंद (Mobilize) करना है।
मलेशिया में रहने वाले अल्पसंख्यक (खासकर हिंदू) ज़मरी विनोथ की हरकतों से डरे हुए हैं। ज़ाकिर नाइक के नक्शेकदम पर चलते हुए ज़मरी जिस तरह की कट्टरता फैला रहा है, वह न केवल मलेशिया के आंतरिक भाईचारे को खत्म कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश की छवि बिगाड़ रही है।