पाली बाजार में होली की रंगीन रौनक:गदा-त्रिशूल पिचकारियों का आकर्षण, 2 मार्च को होगा होलिका दहन, 3 को खेलेंगे होली
पाली शहर में होली के त्योहार को लेकर बाजार पूरी तरह रंगों में रंग गया है। सूरजपोल से सोमनाथ मन्दिर की ओर जाने वाले मार्ग पर रविवार को रंग-गुलाल, पिचकारियों और मुखौटों की दुकानें सजी नजर आईं। बच्चों से लेकर युवाओं तक में इस बार खास तरह की पिचकारियों और हर्बल गुलाल को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। गदा-त्रिशूल और तीर-कमान की पिचकारियों का आकर्षण इस बार बाजार में पारंपरिक पिचकारियों के साथ-साथ गदा, त्रिशूल, तीर-कमान, कुल्हाड़ी, बांसुरी और बीन के आकार की पिचकारियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कार्टून पात्रों वाली और लंबी पिचकारियां भी बच्चों को खूब लुभा रही हैं। पिचकारियों की कीमत 50 रुपए से लेकर 500 रुपए तक है। वहीं 50 रुपए में अलग-अलग तरह के मुखौटे उपलब्ध हैं। हर्बल गुलाल 50 रुपए पाव के हिसाब से बिक रही है। सिलेंडर से निकलेगी हर्बल गुलाल बाजार में इस बार विशेष प्रकार के सिलेंडर भी उपलब्ध हैं, जिनसे आग नहीं बल्कि बटन दबाते ही हर्बल गुलाल निकलती है। युवाओं में यह नया प्रयोग खासा लोकप्रिय हो रहा है। बच्चों और महिलाओं में उत्साह खरीदारी के दौरान 10 साल की यशिता अपनी मां के साथ बाजार में मिली। उसने बताया कि उसने अपनी पसंद की बार्बी गुड़िया वाली पिचकारी खरीदी है। साथ ही कई गुब्बारे भी लिए हैं, जिनमें रंग-पानी भरकर वह घर की बालकनी से लोगों पर डालते हुए ‘हैप्पी होली’ बोलेगी। डोली नाम की एक महिला ने बताया कि उन्होंने बच्चों के लिए पिचकारियां और अपने लिए खुशबूदार हर्बल गुलाल खरीदी है, जो त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाती। 12 वर्ष की इतिश्री ने बताया कि उसने अपने पसंदीदा रंगों की चार-पांच हर्बल गुलाल खरीदी हैं, जिनसे वह दोस्तों और परिवार के साथ होली खेलेगी। होली की तिथियां इस बार होली मनाने की तारीख को लेकर कुछ संशय जरूर है, लेकिन पाली में अधिकतर लोग 2 और 3 मार्च को त्योहार मनाएंगे। 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, जिसका श्रेष्ठ समय शाम 6:22 बजे से 8:53 बजे तक रहेगा। वहीं 3 मार्च को धुलंडी मनाई जाएगी। चंग की थाप पर झूमते लोग बाजार में खरीदारी के साथ-साथ होली के गीतों और चंग की थाप पर लोग झूमते नजर आए। महिलाओं और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कुल मिलाकर पाली का बाजार इस समय पूरी तरह होली के रंग में रंगा हुआ है और हर गली-मोहल्ले में त्योहार की उमंग साफ झलक रही है।
पाली शहर में होली के त्योहार को लेकर बाजार पूरी तरह रंगों में रंग गया है। सूरजपोल से सोमनाथ मन्दिर की ओर जाने वाले मार्ग पर रविवार को रंग-गुलाल, पिचकारियों और मुखौटों की दुकानें सजी नजर आईं। बच्चों से लेकर युवाओं तक में इस बार खास तरह की पिचकारियों और हर्बल गुलाल को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। गदा-त्रिशूल और तीर-कमान की पिचकारियों का आकर्षण इस बार बाजार में पारंपरिक पिचकारियों के साथ-साथ गदा, त्रिशूल, तीर-कमान, कुल्हाड़ी, बांसुरी और बीन के आकार की पिचकारियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कार्टून पात्रों वाली और लंबी पिचकारियां भी बच्चों को खूब लुभा रही हैं। पिचकारियों की कीमत 50 रुपए से लेकर 500 रुपए तक है। वहीं 50 रुपए में अलग-अलग तरह के मुखौटे उपलब्ध हैं। हर्बल गुलाल 50 रुपए पाव के हिसाब से बिक रही है। सिलेंडर से निकलेगी हर्बल गुलाल बाजार में इस बार विशेष प्रकार के सिलेंडर भी उपलब्ध हैं, जिनसे आग नहीं बल्कि बटन दबाते ही हर्बल गुलाल निकलती है। युवाओं में यह नया प्रयोग खासा लोकप्रिय हो रहा है। बच्चों और महिलाओं में उत्साह खरीदारी के दौरान 10 साल की यशिता अपनी मां के साथ बाजार में मिली। उसने बताया कि उसने अपनी पसंद की बार्बी गुड़िया वाली पिचकारी खरीदी है। साथ ही कई गुब्बारे भी लिए हैं, जिनमें रंग-पानी भरकर वह घर की बालकनी से लोगों पर डालते हुए ‘हैप्पी होली’ बोलेगी। डोली नाम की एक महिला ने बताया कि उन्होंने बच्चों के लिए पिचकारियां और अपने लिए खुशबूदार हर्बल गुलाल खरीदी है, जो त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाती। 12 वर्ष की इतिश्री ने बताया कि उसने अपने पसंदीदा रंगों की चार-पांच हर्बल गुलाल खरीदी हैं, जिनसे वह दोस्तों और परिवार के साथ होली खेलेगी। होली की तिथियां इस बार होली मनाने की तारीख को लेकर कुछ संशय जरूर है, लेकिन पाली में अधिकतर लोग 2 और 3 मार्च को त्योहार मनाएंगे। 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, जिसका श्रेष्ठ समय शाम 6:22 बजे से 8:53 बजे तक रहेगा। वहीं 3 मार्च को धुलंडी मनाई जाएगी। चंग की थाप पर झूमते लोग बाजार में खरीदारी के साथ-साथ होली के गीतों और चंग की थाप पर लोग झूमते नजर आए। महिलाओं और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कुल मिलाकर पाली का बाजार इस समय पूरी तरह होली के रंग में रंगा हुआ है और हर गली-मोहल्ले में त्योहार की उमंग साफ झलक रही है।