जहानाबाद के पतियामा गांव पहुंचे सांसद पप्पू यादव:हॉस्टल की सुरक्षा पर उठाए सवाल, बोले- यह सिर्फ एक बेटी नहीं, बल्कि सिस्टम और समाज की गंभीर नाकामी का मामला

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने जहानाबाद जिले के पतियामा गांव पहुंचकर हालिया घटना को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे केवल एक बेटी से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि समाज, प्रशासन और पूरी व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया। सांसद ने कहा कि जब तक सत्ता और सिस्टम में बैठे लोग सुरक्षित रहेंगे और समाज की बेटियां असुरक्षित रहेंगी, तब तक ऐसे सवाल उठते रहेंगे। उन्होंने इस घटना को चेतावनी बताते हुए कहा कि अब भी यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। समाज और व्यवस्था पर उठाए सवाल सांसद पप्पू यादव ने घटना के कई पहलुओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि बच्ची मोबाइल पर कुछ खोज कर रही थी, तो उसका एक निश्चित समय और व्यवहारिक पैटर्न रहा होगा। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि उसने अपने परिवार से इस बारे में कोई बात क्यों नहीं की। उ​​​​​​न्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत चूक नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे सामाजिक दबाव, डर या किसी प्रकार की लापरवाही भी हो सकती है। सांसद ने इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पप्पू यादव ने घेरी सरकार, बोले - कब तक असुरक्षित रहेंगी बेटियां? पप्पू यादव ने हॉस्टल संचालक की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जिस स्थान पर बच्ची रह रही थी, वहां उसकी निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी। हॉस्टल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों से कैसे बच सकता है, यह बड़ा सवाल है। सांसद ने मुजफ्फरपुर जैसी पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हर बार सिस्टम जांच का भरोसा देकर मामला शांत कर देता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए और व्यवस्था में ठोस सुधार जरूरी है।

Jan 15, 2026 - 12:10
 0
जहानाबाद के पतियामा गांव पहुंचे सांसद पप्पू यादव:हॉस्टल की सुरक्षा पर उठाए सवाल, बोले- यह सिर्फ एक बेटी नहीं, बल्कि सिस्टम और समाज की गंभीर नाकामी का मामला
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने जहानाबाद जिले के पतियामा गांव पहुंचकर हालिया घटना को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे केवल एक बेटी से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि समाज, प्रशासन और पूरी व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया। सांसद ने कहा कि जब तक सत्ता और सिस्टम में बैठे लोग सुरक्षित रहेंगे और समाज की बेटियां असुरक्षित रहेंगी, तब तक ऐसे सवाल उठते रहेंगे। उन्होंने इस घटना को चेतावनी बताते हुए कहा कि अब भी यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। समाज और व्यवस्था पर उठाए सवाल सांसद पप्पू यादव ने घटना के कई पहलुओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि बच्ची मोबाइल पर कुछ खोज कर रही थी, तो उसका एक निश्चित समय और व्यवहारिक पैटर्न रहा होगा। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि उसने अपने परिवार से इस बारे में कोई बात क्यों नहीं की। उ​​​​​​न्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत चूक नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे सामाजिक दबाव, डर या किसी प्रकार की लापरवाही भी हो सकती है। सांसद ने इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पप्पू यादव ने घेरी सरकार, बोले - कब तक असुरक्षित रहेंगी बेटियां? पप्पू यादव ने हॉस्टल संचालक की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जिस स्थान पर बच्ची रह रही थी, वहां उसकी निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी। हॉस्टल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों से कैसे बच सकता है, यह बड़ा सवाल है। सांसद ने मुजफ्फरपुर जैसी पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हर बार सिस्टम जांच का भरोसा देकर मामला शांत कर देता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए और व्यवस्था में ठोस सुधार जरूरी है।