कुलदीप वत्स ने कांग्रेस नेताओं को ठहराया हार का जिम्मेदार:बोले-पार्टी में गुटबाजी से हुआ नुकसान, पैसे लेकर भरवाए फॉर्म, स्वाभिमान से समझौता नहीं

झज्जर में अपने जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने दीपेंद्र हुड्डा के जाने के तुरंत बाद बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। दरअसल, कुछ ही देर पहले दीपेंद्र हुड्डा ने कुलदीप वत्स के निवास पर कहा था कि हरियाणा का चुनाव भाजपा ने अपने हर तरह के इंतजाम करके जीता है। लेकिन दीपेंद्र के जाते ही कुलदीप वत्स ने इस दावे को नकारते हुए कांग्रेस की हार के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं को जिम्मेदार ठहरा दिया। वत्स ने कहा कि 2024 का चुनाव जनता ने नहीं हराया। कोई किसी वहम में न रहे, हमें अपने लोगों ने हराया है। जो बड़े नेता थे, उन्होंने चुनाव हराया। भले अब कोई कुछ भी बोल रहा हो, लेकिन सच्चाई यही है कि कांग्रेस अपनी वजह से हारी है।” उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता का इसमें कोई दोष नहीं है। हुड्डा के खास रहे पूर्व प्रभारी पर लगाए आरोप कुलदीप वत्स ने कहा कि पूछो उस प्रभारी से कि हर सीट से 100 लोगों के 20-20 हजार रुपए लेकर फार्म क्यों भरवाए गए? उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर जरूरत से ज्यादा उम्मीदवार खड़े कर दिए गए, जिससे पार्टी के भीतर भ्रम और गुटबाजी पैदा हुई। बराबर में उम्मीदवार खड़े कर दिए, हार का कारण खुद कांग्रेस वत्स ने कहा कि कई सीटों पर जानबूझकर ऐसे उम्मीदवार खड़े कर दिए गए, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस अपनी हार की जिम्मेदार खुद है और इसके लिए जनता को दोष देना गलत होगा। कसूर जनता का नहीं, हमारे नेताओं का है उन्होंने कहा कि “हरियाणा की जनता का कोई कसूर नहीं है, कसूर हमारे नेताओं का है। वत्स ने बताया कि उन्होंने यह बात खुलकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के सामने भी रखी है। वत्स ने कहा कि बड़े नेताओं को तय करना होगा कि वे कांग्रेस के बारे में सोचेंगे या नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा अगर नहीं सोचना तो वर्कर से साफ कह दो कि हमने आपस में लड़ना है और तुमने मरना है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर भी उठाए सवाल राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कुलदीप वत्स ने कहा कि “हां, 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, लेकिन क्रॉस वोट क्यों हुई, इसके पीछे कौन था, इसकी तह तक कोई नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। हुड्डा नहीं होते तो और बुरा हाल होता वत्स ने कहा कि “अगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा वहां नहीं बैठे होते तो कांग्रेस का और बुरा हाल होता। इससे उन्होंने एक तरफ हुड्डा के नेतृत्व का समर्थन किया, तो दूसरी ओर बाकी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे साबित हो सकता है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया गया। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। कुछ बड़े नेता अंबेडकरवादी सोच के नहीं वत्स ने कहा कि कांग्रेस में कुछ बड़े नेता ऐसे हैं जो अंबेडकरवादी सोच के नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में सभी वर्गों और 36 बिरादरी का सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा को भी बता दिया है कि जब तक पार्टी में 36 बिरादरी का गुलदस्ता नहीं बनेगा और लोग एक-दूसरे का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक कांग्रेस पार्टी उठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा हो या फिर सेंटर दोनों ही स्थानों पर कुछ मठाधीश है, जोकि भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस और राहुल गांधी जी का सौंदा कर रहे है। वर्कर को बब्बर शेर कहते हैं, ऊपर बैठे लोग खत्म कर रहे वत्स ने कहा कि राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को बब्बर शेर कहते हैं, लेकिन उन्हीं के ऊपर ऐसे लोग बैठे हैं जो कार्यकर्ताओं को खत्म कर रहे हैं और कमजोर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आसपास कुछ लोगों ने मकड़जाल बना रखा है। कांग्रेस में बैठे मगरमच्छों को राहुल गांधी को पहचानना पड़ेगा। कुलदीप वत्स ने कहा कि जैसे रावण युद्ध में विभीषण की वजह से हारा था, वैसे ही राहुल गांधी के पास भी कुछ विभीषण हैं, जो पार्टी के अंदर रहकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सीएम के कार्यक्रम में आने पर भी दिया जवाब अपने भतीजों की शादी में सीएम के आने को लेकर उठे सवालों पर वत्स ने कहा-“क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर सीएम नहीं जाते? क्या अभय सिंह चौटाला के घर नहीं जाते?” उन्होंने कहा कि उन्होंने सम्मानपूर्वक सीएम को कार्ड देकर बुलाया था, इसलिए वे आए थे। मैं हुड्डा के साथ हूं, लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं वत्स ने कहा कि वह भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हैं, लेकिन अगर कोई उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाएगा तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। अंत में कुलदीप वत्स ने कहा मुझे नहीं पता मेरे बयानों के क्या परिणाम होंगे, लेकिन मैं परिणाम से डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मैं सच बोलने वाला व्यक्ति हूं।

May 5, 2026 - 21:55
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कुलदीप वत्स ने कांग्रेस नेताओं को ठहराया हार का जिम्मेदार:बोले-पार्टी में गुटबाजी से हुआ नुकसान, पैसे लेकर भरवाए फॉर्म, स्वाभिमान से समझौता नहीं
झज्जर में अपने जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने दीपेंद्र हुड्डा के जाने के तुरंत बाद बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। दरअसल, कुछ ही देर पहले दीपेंद्र हुड्डा ने कुलदीप वत्स के निवास पर कहा था कि हरियाणा का चुनाव भाजपा ने अपने हर तरह के इंतजाम करके जीता है। लेकिन दीपेंद्र के जाते ही कुलदीप वत्स ने इस दावे को नकारते हुए कांग्रेस की हार के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं को जिम्मेदार ठहरा दिया। वत्स ने कहा कि 2024 का चुनाव जनता ने नहीं हराया। कोई किसी वहम में न रहे, हमें अपने लोगों ने हराया है। जो बड़े नेता थे, उन्होंने चुनाव हराया। भले अब कोई कुछ भी बोल रहा हो, लेकिन सच्चाई यही है कि कांग्रेस अपनी वजह से हारी है।” उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता का इसमें कोई दोष नहीं है। हुड्डा के खास रहे पूर्व प्रभारी पर लगाए आरोप कुलदीप वत्स ने कहा कि पूछो उस प्रभारी से कि हर सीट से 100 लोगों के 20-20 हजार रुपए लेकर फार्म क्यों भरवाए गए? उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर जरूरत से ज्यादा उम्मीदवार खड़े कर दिए गए, जिससे पार्टी के भीतर भ्रम और गुटबाजी पैदा हुई। बराबर में उम्मीदवार खड़े कर दिए, हार का कारण खुद कांग्रेस वत्स ने कहा कि कई सीटों पर जानबूझकर ऐसे उम्मीदवार खड़े कर दिए गए, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस अपनी हार की जिम्मेदार खुद है और इसके लिए जनता को दोष देना गलत होगा। कसूर जनता का नहीं, हमारे नेताओं का है उन्होंने कहा कि “हरियाणा की जनता का कोई कसूर नहीं है, कसूर हमारे नेताओं का है। वत्स ने बताया कि उन्होंने यह बात खुलकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के सामने भी रखी है। वत्स ने कहा कि बड़े नेताओं को तय करना होगा कि वे कांग्रेस के बारे में सोचेंगे या नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा अगर नहीं सोचना तो वर्कर से साफ कह दो कि हमने आपस में लड़ना है और तुमने मरना है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर भी उठाए सवाल राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कुलदीप वत्स ने कहा कि “हां, 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, लेकिन क्रॉस वोट क्यों हुई, इसके पीछे कौन था, इसकी तह तक कोई नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। हुड्डा नहीं होते तो और बुरा हाल होता वत्स ने कहा कि “अगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा वहां नहीं बैठे होते तो कांग्रेस का और बुरा हाल होता। इससे उन्होंने एक तरफ हुड्डा के नेतृत्व का समर्थन किया, तो दूसरी ओर बाकी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे साबित हो सकता है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया गया। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। कुछ बड़े नेता अंबेडकरवादी सोच के नहीं वत्स ने कहा कि कांग्रेस में कुछ बड़े नेता ऐसे हैं जो अंबेडकरवादी सोच के नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में सभी वर्गों और 36 बिरादरी का सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा को भी बता दिया है कि जब तक पार्टी में 36 बिरादरी का गुलदस्ता नहीं बनेगा और लोग एक-दूसरे का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक कांग्रेस पार्टी उठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा हो या फिर सेंटर दोनों ही स्थानों पर कुछ मठाधीश है, जोकि भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस और राहुल गांधी जी का सौंदा कर रहे है। वर्कर को बब्बर शेर कहते हैं, ऊपर बैठे लोग खत्म कर रहे वत्स ने कहा कि राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को बब्बर शेर कहते हैं, लेकिन उन्हीं के ऊपर ऐसे लोग बैठे हैं जो कार्यकर्ताओं को खत्म कर रहे हैं और कमजोर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आसपास कुछ लोगों ने मकड़जाल बना रखा है। कांग्रेस में बैठे मगरमच्छों को राहुल गांधी को पहचानना पड़ेगा। कुलदीप वत्स ने कहा कि जैसे रावण युद्ध में विभीषण की वजह से हारा था, वैसे ही राहुल गांधी के पास भी कुछ विभीषण हैं, जो पार्टी के अंदर रहकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सीएम के कार्यक्रम में आने पर भी दिया जवाब अपने भतीजों की शादी में सीएम के आने को लेकर उठे सवालों पर वत्स ने कहा-“क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर सीएम नहीं जाते? क्या अभय सिंह चौटाला के घर नहीं जाते?” उन्होंने कहा कि उन्होंने सम्मानपूर्वक सीएम को कार्ड देकर बुलाया था, इसलिए वे आए थे। मैं हुड्डा के साथ हूं, लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं वत्स ने कहा कि वह भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हैं, लेकिन अगर कोई उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाएगा तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। अंत में कुलदीप वत्स ने कहा मुझे नहीं पता मेरे बयानों के क्या परिणाम होंगे, लेकिन मैं परिणाम से डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मैं सच बोलने वाला व्यक्ति हूं।