यमुनानगर की फैक्ट्री में CM फ्लाइंग की रेड:खैर की लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा; छिलाई के बाद दूसरी जगह सप्लाई करते है

यमुनानगर के जगाधरी स्थित शांती कॉलोनी में आज बुधवार देर शाम सीएम फ्लाइंग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक फैक्ट्री में छापेमारी की। इस दौरान टीम को मौके से खैर की लकड़ी से भरा हुआ एक ट्रक बरामद हुआ, जिसे तुरंत कब्जे में ले लिया गया। फैक्ट्री परिसर में चारों ओर खैर की लकड़ी का छिलका बिखरा हुआ मिला, जिससे यहां लंबे समय से अवैध रूप से खैर की लकड़ी की प्रोसेसिंग और कारोबार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। छोटे वाहनों में फैर्क्टी तक लाई जाती थी खैर सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि उन्हें लगातार सूचना मिल रही थी कि प्रतापनगर क्षेत्र से खैर की लकड़ी को छोटी गाड़ियों के माध्यम से चोरी-छिपे इस फैक्ट्री तक पहुंचाया जाता है। यहां पर लकड़ियों को इकट्ठा कर उनका छिलका उतारा जाता था और फिर अच्छी क्वालिटी की लकड़ी को बड़े ट्रकों में भरकर आगे दूसरे जिलों और राज्यों में सप्लाई किया जाता था। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने बुधवार शाम को फैक्ट्री में अचानक रेड की। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के अंदर एक ट्रक खैर की लकड़ी से पूरी तरह लोड खड़ा मिला। टीम ने मौके पर ही ट्रक को कब्जे में लेकर उसमें भरी लकड़ी का वजन कराने की बात कही, ताकि लकड़ी की कुल मात्रा और उसकी कीमत का आकलन किया जा सके। नियमित रूप से किया जा रहा था छिलाई का काम मौके पर बड़ी मात्रा में खैर का छिलका भी मिला, जो इस बात का संकेत है कि फैक्ट्री में नियमित रूप से लकड़ी की छिलाई का काम किया जा रहा था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि यहां लकड़ी की क्वालिटी के आधार पर उसे अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर आगे भेजा जाता था, जिससे अधिक मुनाफा कमाया जा सके। फिलहाल टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह फैक्ट्री किसके नाम पर संचालित हो रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं कि लकड़ी कहां से लाई जा रही थी और किन-किन स्थानों पर सप्लाई की जा रही थी।

Apr 1, 2026 - 22:09
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यमुनानगर की फैक्ट्री में CM फ्लाइंग की रेड:खैर की लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा; छिलाई के बाद दूसरी जगह सप्लाई करते है
यमुनानगर के जगाधरी स्थित शांती कॉलोनी में आज बुधवार देर शाम सीएम फ्लाइंग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक फैक्ट्री में छापेमारी की। इस दौरान टीम को मौके से खैर की लकड़ी से भरा हुआ एक ट्रक बरामद हुआ, जिसे तुरंत कब्जे में ले लिया गया। फैक्ट्री परिसर में चारों ओर खैर की लकड़ी का छिलका बिखरा हुआ मिला, जिससे यहां लंबे समय से अवैध रूप से खैर की लकड़ी की प्रोसेसिंग और कारोबार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। छोटे वाहनों में फैर्क्टी तक लाई जाती थी खैर सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि उन्हें लगातार सूचना मिल रही थी कि प्रतापनगर क्षेत्र से खैर की लकड़ी को छोटी गाड़ियों के माध्यम से चोरी-छिपे इस फैक्ट्री तक पहुंचाया जाता है। यहां पर लकड़ियों को इकट्ठा कर उनका छिलका उतारा जाता था और फिर अच्छी क्वालिटी की लकड़ी को बड़े ट्रकों में भरकर आगे दूसरे जिलों और राज्यों में सप्लाई किया जाता था। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने बुधवार शाम को फैक्ट्री में अचानक रेड की। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के अंदर एक ट्रक खैर की लकड़ी से पूरी तरह लोड खड़ा मिला। टीम ने मौके पर ही ट्रक को कब्जे में लेकर उसमें भरी लकड़ी का वजन कराने की बात कही, ताकि लकड़ी की कुल मात्रा और उसकी कीमत का आकलन किया जा सके। नियमित रूप से किया जा रहा था छिलाई का काम मौके पर बड़ी मात्रा में खैर का छिलका भी मिला, जो इस बात का संकेत है कि फैक्ट्री में नियमित रूप से लकड़ी की छिलाई का काम किया जा रहा था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि यहां लकड़ी की क्वालिटी के आधार पर उसे अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर आगे भेजा जाता था, जिससे अधिक मुनाफा कमाया जा सके। फिलहाल टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह फैक्ट्री किसके नाम पर संचालित हो रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं कि लकड़ी कहां से लाई जा रही थी और किन-किन स्थानों पर सप्लाई की जा रही थी।