औरंगाबाद में नहर निर्माण कंपनी की लापरवाही बनी जानलेवा:गड्ढे में डूबकर 5वीं के छात्र की मौत, परिजन बोले- सुरक्षा के इंतजाम होते तो बेटा जिंदा होता
औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड अंतर्गत धनाव गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में 13 साल के नाबालिग की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान धनाव गांव निवासी रंजीत कुमार सिंह के पुत्र अंश कुमार सिसौदिया के रूप में हुई है, जो पांचवीं कक्षा का छात्र था। जानकारी के अनुसार, उत्तर कोयल नहर का निर्माण करा रही एक कंपनी की ओर से नहर से सटे रामरेखा नदी के पास गड्ढा खोदा गया था। निर्माण कार्य के दौरान बने इस गड्ढे में बारिश और आसपास के जलभराव के कारण काफी पानी जमा हो गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी द्वारा इस खतरनाक गड्ढे के चारों ओर किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया था, जिससे यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शी बोले- अनियंत्रित होकर नाबालिग गड्ढे में गिरा था मंगलवार को अंश कुमार किसी काम से घर से निकला था और उसी दौरान वह गड्ढे के पास पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह अचानक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिर पड़ा। गड्ढे में मौजूद पत्थरों से टकराने के बाद वह पानी में डूब गया। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अंश नहाने के उद्देश्य से गड्ढे में उतरा था, लेकिन गहराई अधिक होने और चोट लगने की वजह से बाहर नहीं निकल सका। जब काफी देर तक अंश घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता होने लगी। परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए। खोजबीन के दौरान गड्ढे के पास उसकी चप्पल मिली, जिसके बाद लोगों ने शक के आधार पर पानी में तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद गड्ढे से उसका शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया घटना की सूचना मिलते ही देव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कंपनी द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते तो इस तरह की घटना नहीं होती। सरगांवा पंचायत के मुखिया विनोद सिंह ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे पंचायत में शोक का माहौल है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक अंश अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड अंतर्गत धनाव गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में 13 साल के नाबालिग की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान धनाव गांव निवासी रंजीत कुमार सिंह के पुत्र अंश कुमार सिसौदिया के रूप में हुई है, जो पांचवीं कक्षा का छात्र था। जानकारी के अनुसार, उत्तर कोयल नहर का निर्माण करा रही एक कंपनी की ओर से नहर से सटे रामरेखा नदी के पास गड्ढा खोदा गया था। निर्माण कार्य के दौरान बने इस गड्ढे में बारिश और आसपास के जलभराव के कारण काफी पानी जमा हो गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी द्वारा इस खतरनाक गड्ढे के चारों ओर किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया था, जिससे यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शी बोले- अनियंत्रित होकर नाबालिग गड्ढे में गिरा था मंगलवार को अंश कुमार किसी काम से घर से निकला था और उसी दौरान वह गड्ढे के पास पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह अचानक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिर पड़ा। गड्ढे में मौजूद पत्थरों से टकराने के बाद वह पानी में डूब गया। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अंश नहाने के उद्देश्य से गड्ढे में उतरा था, लेकिन गहराई अधिक होने और चोट लगने की वजह से बाहर नहीं निकल सका। जब काफी देर तक अंश घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता होने लगी। परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए। खोजबीन के दौरान गड्ढे के पास उसकी चप्पल मिली, जिसके बाद लोगों ने शक के आधार पर पानी में तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद गड्ढे से उसका शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया घटना की सूचना मिलते ही देव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कंपनी द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते तो इस तरह की घटना नहीं होती। सरगांवा पंचायत के मुखिया विनोद सिंह ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे पंचायत में शोक का माहौल है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक अंश अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।