गयाजी में 13.07 एकड़ अवैध अफीम की खेती नष्ट:पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत की कार्रवाई; संबंधित थानों को निर्देश दिया
गया पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत कार्रवाई की है। मंगलवार को जिले में 13.07 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को नष्ट कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह अभियान विशेष रूप से नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्रों में चलाया गया था। इन क्षेत्रों में लंबे समय से अफीम की अवैध खेती की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के सत्यापन के बाद, संबंधित थानों की पुलिस टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों के सहयोग से खेतों में लगी अफीम की फसल को नष्ट किया। कार्रवाई के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इस कार्रवाई के साथ-साथ गया पुलिस ने व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान भी चलाया। पुलिस कर्मियों ने गांव-गांव जाकर आम नागरिकों को अफीम की खेती के कानूनी दुष्परिणामों, सामाजिक नुकसान और युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी। लोगों से अपील की गई कि वे मादक पदार्थों की खेती, बिक्री या तस्करी से दूर रहें और ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। सभी थानों को दिया गया आदेश गया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफीम व्यवसायियों और माफियाओं के खिलाफ लगातार विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सभी संबंधित थानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखें और किसी भी अवैध गतिविधि को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकें। इसके अतिरिक्त, वांछित और फरार अफीम व्यवसायियों और माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस और जनता का संयुक्त प्रयास आवश्यक है। गया पुलिस ने यह भी दोहराया कि भविष्य में ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
Jan 6, 2026 - 20:06
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गया पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत कार्रवाई की है। मंगलवार को जिले में 13.07 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को नष्ट कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह अभियान विशेष रूप से नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्रों में चलाया गया था। इन क्षेत्रों में लंबे समय से अफीम की अवैध खेती की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के सत्यापन के बाद, संबंधित थानों की पुलिस टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों के सहयोग से खेतों में लगी अफीम की फसल को नष्ट किया। कार्रवाई के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इस कार्रवाई के साथ-साथ गया पुलिस ने व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान भी चलाया। पुलिस कर्मियों ने गांव-गांव जाकर आम नागरिकों को अफीम की खेती के कानूनी दुष्परिणामों, सामाजिक नुकसान और युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी। लोगों से अपील की गई कि वे मादक पदार्थों की खेती, बिक्री या तस्करी से दूर रहें और ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। सभी थानों को दिया गया आदेश गया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफीम व्यवसायियों और माफियाओं के खिलाफ लगातार विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सभी संबंधित थानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखें और किसी भी अवैध गतिविधि को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकें। इसके अतिरिक्त, वांछित और फरार अफीम व्यवसायियों और माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस और जनता का संयुक्त प्रयास आवश्यक है। गया पुलिस ने यह भी दोहराया कि भविष्य में ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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