सीकर के BSF जवान सुल्तान सिंह का निधन:ड्यूटी‌ के दौरान हार्ट अटैक से मौत, अलोदा से सांवलपुरा तक निकलेगी तिरंगा यात्रा

सीकर जिले के खाटूश्यामजी क्षेत्र के रहने वाले BSF जवान सुल्तान सिंह नटवाड़िया का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। सुल्तान सिंह नटवाड़िया BSF की 90वीं बटालियन में गुजरात के गांधीधाम में तैनात थे। सुल्तान सिंह के निधन की सूचना मिलते ही सांवलपुरा गांव स्थित उनके निवास पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। शहीद सुल्तान सिंह को अंतिम सम्मान देने के लिए गुरुवार सुबह 9 बजे अलोदा सदर थाने से तिरंगा रैली निकाली जाएगी। यह रैली अलोदा से शुरू होकर उनके पैतृक गांव सांवलपुरा तक जाएगी। तिरंगा यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व सैनिक संगठन और आसपास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। शहीद सुल्तान सिंह के पिता हरलाल सिंह नटवाड़िया और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन साथ ही उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व भी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सुल्तान सिंह हमेशा ऊर्जा से भरे रहते थे और युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। खाटूश्यामजी और सांवलपुरा क्षेत्र के व्यापारियों ने भी शहीद के सम्मान में दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है। सुल्तान सिंह की पार्थिव देह के पहुंचने से पहले प्रशासन ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सुल्तान सिंह को अंतिम विदाई दी जाएगी।

May 6, 2026 - 22:33
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सीकर के BSF जवान सुल्तान सिंह का निधन:ड्यूटी‌ के दौरान हार्ट अटैक से मौत, अलोदा से सांवलपुरा तक निकलेगी तिरंगा यात्रा
सीकर जिले के खाटूश्यामजी क्षेत्र के रहने वाले BSF जवान सुल्तान सिंह नटवाड़िया का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। सुल्तान सिंह नटवाड़िया BSF की 90वीं बटालियन में गुजरात के गांधीधाम में तैनात थे। सुल्तान सिंह के निधन की सूचना मिलते ही सांवलपुरा गांव स्थित उनके निवास पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। शहीद सुल्तान सिंह को अंतिम सम्मान देने के लिए गुरुवार सुबह 9 बजे अलोदा सदर थाने से तिरंगा रैली निकाली जाएगी। यह रैली अलोदा से शुरू होकर उनके पैतृक गांव सांवलपुरा तक जाएगी। तिरंगा यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व सैनिक संगठन और आसपास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। शहीद सुल्तान सिंह के पिता हरलाल सिंह नटवाड़िया और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन साथ ही उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व भी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सुल्तान सिंह हमेशा ऊर्जा से भरे रहते थे और युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। खाटूश्यामजी और सांवलपुरा क्षेत्र के व्यापारियों ने भी शहीद के सम्मान में दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है। सुल्तान सिंह की पार्थिव देह के पहुंचने से पहले प्रशासन ने भी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सुल्तान सिंह को अंतिम विदाई दी जाएगी।