भिवानी में ग्रामीणों का प्रदर्शन:अंडरपास में जमा पानी निकालने की मांग, रेलमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, बोले- समाधान नहीं हुआ तो देंगे अनिश्चितकालीन धरना
भिवानी के गांव जाटू लोहारी स्थित रेलवे लाइन के अंडरपास में जमा पानी के स्थाई समाधान की मांग को लेकर चार गांवों के ग्रामीण व किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने विरोध स्वरूप तहसीलदार के कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया और तहसीलदार के माध्यम से रेलमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेल मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इस मामले लेकर रेल विभाग के आला अधिकारियों, सांसद, डीसी को मांगपत्र सौंप चुके है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जल्द ही विभिन्न किसान संगठन व सामाजिक संगठनों के सदस्यों की बैठक बुलाकर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। साथ में रेलवे की निर्माणाधीन दूसरी लाइन के पुलों के निर्माण को रोकने से संबंधित कदम उठाया जाएगा। स्थाई समाधान हो
गांव जाटू लोहारी, सुई, बलियाली व सुमड़ा खेड़ा के लोग सुबह तहसील कार्यालय पहुंचे और अंडरपास की जगह ओपन फाटक बनाए जाने या फिर अडरपास में जमा पानी के स्थाई समाधान की मांग को लेकर पूर्व पंच राजेंद्र की अध्यक्षता में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि हांसी-भिवानी रेलवे फाटक संख्या सी 60 व सी 62 की जगह अंडर पास बने हुए है। इन अंडरपासों में चार से पांच फीट तक पानी जमा है। इस पानी को निकाल दिया जाता है तो फिर से जमीन से रिसकर पानी जमा हो जाता है। जिस वजह से सी 60 अंडर से पास से करीब तीन सौ किसानों के खेतों में आना जाना बंद हो गया है। आने-जाने में लोगों को होती है परेशानी
उन्होंने कहा कि अंडरपास के पास एक बाबा भौमिया का मंदिर भी है। जिससे आसपास के गांवों के हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है। हर साल यहां पर मेले का भी आयोजन होता है। लेकिन इस बार रास्ता न होने की वजह से मेले का आयोजन नहीं हो पाया। जिस वजह से लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने बताया कि सी 62 अंडर पास से जाटू लोहारी से बलियाली व सुमड़ा खेड़ा के साथ संपर्क बनता है, लेकिन जलभराव की वजह से इन गांवों के लोगों को बवानीखेड़ा होकर बलियाली व सुमड़ा खेड़ा पहुंचना पड़ रहा है। उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से रेलमंत्री से उक्त अंडरपास की जगह ओपन फाटक बनाए जाने या फिर इन अंडरपास में जमा पानी की समस्या का स्थाई समाधान किए जाने की मांग की। मांग नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन धरना भी देंगे
धरने पर यह निणर्य लिया गया कि अगर अब भी उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जल्द ही किसान नेता व सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों की बैठक बुलाएंगे। इस मसले पर आगामी रणनीति तय करेंगे। किसान नेताओं ने बताया कि इस बैठक में यह भी फैसला लिया जाएगा कि अगर रेल मंत्रालय उनकी इस समस्या का समाधान नहीं करता तो वे सामाजिक संगठनो के सहयोग से अंडरपास के पास (जहां पर दूसरी रेलवे लाइन के लिए पुल बनाया जाना है) उस जगह पर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान करेंगे। जब तक उनकी इस समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक वे उसी जगह पर धरने पर बैठे रहेंगे। चार से पांच फीट जमा पानी
किसानों ने बताया कि रास्ते में अभी चार से पांच फीट तक पानी जमा है। जितना पानी निकाला जाता है। उतना ही पानी कुछ ही घंटों में इकट्ठा हो जाता है। ऐसे में किस तरह से वे अपने खेतों में जा पाएंगे और चले भी गए तो फसलों को निकालकर किस तरह से मंडी या फिर घरों तक लाएंगे। फिलहाल किसान दूसरी रेलवे लाइन बिछाने के लिए बनाए गए मिट्टी के बेड से होकर अपने खेतों तक पैदल पहुंच रहे है। लाइन बिछने के बाद तो उनका पूरी तरह से खेतों में आना व जाना बंद हो जाएगा। वहीं तहसीलदार विचित्रा नन्द ने बताया कि उनके पास गांव लोहारी जाटू के किसानों का ज्ञापन पत्र आया है। मांग है कि अंडरपास से पानी निकाला जाए, उनकी यह मांग सरकार को भेज दी जाएगी तथा उचित कार्रवाई अमल के लाई जाएगी।
भिवानी के गांव जाटू लोहारी स्थित रेलवे लाइन के अंडरपास में जमा पानी के स्थाई समाधान की मांग को लेकर चार गांवों के ग्रामीण व किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने विरोध स्वरूप तहसीलदार के कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया और तहसीलदार के माध्यम से रेलमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेल मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इस मामले लेकर रेल विभाग के आला अधिकारियों, सांसद, डीसी को मांगपत्र सौंप चुके है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जल्द ही विभिन्न किसान संगठन व सामाजिक संगठनों के सदस्यों की बैठक बुलाकर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। साथ में रेलवे की निर्माणाधीन दूसरी लाइन के पुलों के निर्माण को रोकने से संबंधित कदम उठाया जाएगा। स्थाई समाधान हो
गांव जाटू लोहारी, सुई, बलियाली व सुमड़ा खेड़ा के लोग सुबह तहसील कार्यालय पहुंचे और अंडरपास की जगह ओपन फाटक बनाए जाने या फिर अडरपास में जमा पानी के स्थाई समाधान की मांग को लेकर पूर्व पंच राजेंद्र की अध्यक्षता में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि हांसी-भिवानी रेलवे फाटक संख्या सी 60 व सी 62 की जगह अंडर पास बने हुए है। इन अंडरपासों में चार से पांच फीट तक पानी जमा है। इस पानी को निकाल दिया जाता है तो फिर से जमीन से रिसकर पानी जमा हो जाता है। जिस वजह से सी 60 अंडर से पास से करीब तीन सौ किसानों के खेतों में आना जाना बंद हो गया है। आने-जाने में लोगों को होती है परेशानी
उन्होंने कहा कि अंडरपास के पास एक बाबा भौमिया का मंदिर भी है। जिससे आसपास के गांवों के हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है। हर साल यहां पर मेले का भी आयोजन होता है। लेकिन इस बार रास्ता न होने की वजह से मेले का आयोजन नहीं हो पाया। जिस वजह से लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने बताया कि सी 62 अंडर पास से जाटू लोहारी से बलियाली व सुमड़ा खेड़ा के साथ संपर्क बनता है, लेकिन जलभराव की वजह से इन गांवों के लोगों को बवानीखेड़ा होकर बलियाली व सुमड़ा खेड़ा पहुंचना पड़ रहा है। उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से रेलमंत्री से उक्त अंडरपास की जगह ओपन फाटक बनाए जाने या फिर इन अंडरपास में जमा पानी की समस्या का स्थाई समाधान किए जाने की मांग की। मांग नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन धरना भी देंगे
धरने पर यह निणर्य लिया गया कि अगर अब भी उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जल्द ही किसान नेता व सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों की बैठक बुलाएंगे। इस मसले पर आगामी रणनीति तय करेंगे। किसान नेताओं ने बताया कि इस बैठक में यह भी फैसला लिया जाएगा कि अगर रेल मंत्रालय उनकी इस समस्या का समाधान नहीं करता तो वे सामाजिक संगठनो के सहयोग से अंडरपास के पास (जहां पर दूसरी रेलवे लाइन के लिए पुल बनाया जाना है) उस जगह पर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान करेंगे। जब तक उनकी इस समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक वे उसी जगह पर धरने पर बैठे रहेंगे। चार से पांच फीट जमा पानी
किसानों ने बताया कि रास्ते में अभी चार से पांच फीट तक पानी जमा है। जितना पानी निकाला जाता है। उतना ही पानी कुछ ही घंटों में इकट्ठा हो जाता है। ऐसे में किस तरह से वे अपने खेतों में जा पाएंगे और चले भी गए तो फसलों को निकालकर किस तरह से मंडी या फिर घरों तक लाएंगे। फिलहाल किसान दूसरी रेलवे लाइन बिछाने के लिए बनाए गए मिट्टी के बेड से होकर अपने खेतों तक पैदल पहुंच रहे है। लाइन बिछने के बाद तो उनका पूरी तरह से खेतों में आना व जाना बंद हो जाएगा। वहीं तहसीलदार विचित्रा नन्द ने बताया कि उनके पास गांव लोहारी जाटू के किसानों का ज्ञापन पत्र आया है। मांग है कि अंडरपास से पानी निकाला जाए, उनकी यह मांग सरकार को भेज दी जाएगी तथा उचित कार्रवाई अमल के लाई जाएगी।