भिवानी में 36 बिरादरी की महापंचायत:31 सदस्यीय कमेटी गठित, युवाओं को भटकाव और नशे से बचाने का प्रयास
भिवानी जिले की खावा गांव में 36 बिरादरी की एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिकता के प्रभाव से बचाकर सही दिशा देना और समाज में बढ़ती सामाजिक कुरीतियों, नशे की लत तथा युवाओं के पथभ्रष्ट होने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना है। महापंचायत में केवल विचार-विमर्श तक सीमित न रहते हुए जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का संकल्प लिया गया। इसके लिए सर्वसम्मति से 31 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी पूर्ण रूप से पंजीकृत होगी, ताकि इसके कार्यों को सामाजिक और कानूनी मान्यता मिल सके। स्कूल कॉलेज जाने वाले छात्रों पर नजर रखेगी कमेटी यह कमेटी स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखेगी, ताकि उन्हें शिक्षा से भटकने से रोका जा सके। यदि किसी बच्चे या युवा के व्यवहार को लेकर समाज में कोई चिंता सामने आती है, तो कमेटी अभिभावकों से शालीनता और तथ्यों के साथ संवाद स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य टकराव के बजाय समाधान निकालना है। महापंचायत में लिव-इन रिलेशनशिप और माता-पिता की सहमति के बिना लिए जा रहे निर्णयों को सामाजिक ढांचे के लिए चुनौती माना गया। युवाओं को परिवार, संस्कार और सामाजिक मर्यादाओं की अहमियत समझाने पर जोर दिया गया। महापंचायत में भरत सिंह ढुल को सर्वसम्मति से कमेटी का प्रधान चुना गया है। 36 बिरादरी के लोगों ने दी अपनी सहमति पंचायत के दौरान लिए गए निर्णयों को बलबीर ढुल और राजबीर ढुल ने उपस्थित समाज के समक्ष पढ़कर सुनाया। इन निर्णयों पर 36 बिरादरी के लोगों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति दी। महापंचायत को संबोधित करते हुए युद्धवीर मंगल सिंह खरेटा ने कहा कि युवाओं का पथभ्रष्ट होना केवल किसी एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की हार है। नशे की गिरफ्त और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन हमारे भविष्य को खोखला कर रहा है। अब चुप रहकर तमाशा देखने का समय नहीं, बल्कि संगठित होकर सुधार की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। खावा गांव से शुरू हुई यह पहल भटके हुए युवाओं के लिए एक सुरक्षा कवच बनेगी। आगे आकर जिम्मेदारी उठाने पड़ेगी खावा गांव की यह महापंचायत इस बात का उदाहरण है कि जब सामाजिक चुनौतियां बढ़ती हैं, तो समाज को स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। यदि इस मॉडल को अन्य गांव भी अपनाते हैं, तो एक स्वस्थ, संस्कारयुक्त और सुरक्षित समाज की परिकल्पना साकार हो सकती है। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश ढुल, दयानंद नंबरदार, महेंद्र सिंह नंबरदार, ग्राम पंचायत के सभी पंच तथा समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कमेटी में शामिल सदस्य कमेटी में भरत सिंह, युद्धवीर मंगल सिंह खरेटा, राजबीर, धर्मा पंडित, श्यामु, महेंद्र नंबरदार, भजनलाल, बलवान, मेवा सिंह, धर्मपाल, जगदीश धानक, प्रदीप धानक, सुनील, अजीत, श्रीभगवान, मोहनलाल, श्रवण नाई, सूबे सिंह और बिजेराम है। इसके साथ ही इस कमेटी में राजपाल सांगवान, कुलदीप भॉकर, विजय सिंह, मान सिंह नाई, सूरजभान नांगल, राजेश, सुनील, लीलूराम, बलबीर, दयानंद, जगदीश, धर्मबीर व महेश को सदस्य नियुक्त किया गया।
भिवानी जिले की खावा गांव में 36 बिरादरी की एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिकता के प्रभाव से बचाकर सही दिशा देना और समाज में बढ़ती सामाजिक कुरीतियों, नशे की लत तथा युवाओं के पथभ्रष्ट होने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना है। महापंचायत में केवल विचार-विमर्श तक सीमित न रहते हुए जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का संकल्प लिया गया। इसके लिए सर्वसम्मति से 31 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी पूर्ण रूप से पंजीकृत होगी, ताकि इसके कार्यों को सामाजिक और कानूनी मान्यता मिल सके। स्कूल कॉलेज जाने वाले छात्रों पर नजर रखेगी कमेटी यह कमेटी स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखेगी, ताकि उन्हें शिक्षा से भटकने से रोका जा सके। यदि किसी बच्चे या युवा के व्यवहार को लेकर समाज में कोई चिंता सामने आती है, तो कमेटी अभिभावकों से शालीनता और तथ्यों के साथ संवाद स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य टकराव के बजाय समाधान निकालना है। महापंचायत में लिव-इन रिलेशनशिप और माता-पिता की सहमति के बिना लिए जा रहे निर्णयों को सामाजिक ढांचे के लिए चुनौती माना गया। युवाओं को परिवार, संस्कार और सामाजिक मर्यादाओं की अहमियत समझाने पर जोर दिया गया। महापंचायत में भरत सिंह ढुल को सर्वसम्मति से कमेटी का प्रधान चुना गया है। 36 बिरादरी के लोगों ने दी अपनी सहमति पंचायत के दौरान लिए गए निर्णयों को बलबीर ढुल और राजबीर ढुल ने उपस्थित समाज के समक्ष पढ़कर सुनाया। इन निर्णयों पर 36 बिरादरी के लोगों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति दी। महापंचायत को संबोधित करते हुए युद्धवीर मंगल सिंह खरेटा ने कहा कि युवाओं का पथभ्रष्ट होना केवल किसी एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की हार है। नशे की गिरफ्त और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन हमारे भविष्य को खोखला कर रहा है। अब चुप रहकर तमाशा देखने का समय नहीं, बल्कि संगठित होकर सुधार की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। खावा गांव से शुरू हुई यह पहल भटके हुए युवाओं के लिए एक सुरक्षा कवच बनेगी। आगे आकर जिम्मेदारी उठाने पड़ेगी खावा गांव की यह महापंचायत इस बात का उदाहरण है कि जब सामाजिक चुनौतियां बढ़ती हैं, तो समाज को स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। यदि इस मॉडल को अन्य गांव भी अपनाते हैं, तो एक स्वस्थ, संस्कारयुक्त और सुरक्षित समाज की परिकल्पना साकार हो सकती है। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश ढुल, दयानंद नंबरदार, महेंद्र सिंह नंबरदार, ग्राम पंचायत के सभी पंच तथा समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कमेटी में शामिल सदस्य कमेटी में भरत सिंह, युद्धवीर मंगल सिंह खरेटा, राजबीर, धर्मा पंडित, श्यामु, महेंद्र नंबरदार, भजनलाल, बलवान, मेवा सिंह, धर्मपाल, जगदीश धानक, प्रदीप धानक, सुनील, अजीत, श्रीभगवान, मोहनलाल, श्रवण नाई, सूबे सिंह और बिजेराम है। इसके साथ ही इस कमेटी में राजपाल सांगवान, कुलदीप भॉकर, विजय सिंह, मान सिंह नाई, सूरजभान नांगल, राजेश, सुनील, लीलूराम, बलबीर, दयानंद, जगदीश, धर्मबीर व महेश को सदस्य नियुक्त किया गया।