पलवल में किसानों ने डीसी को दिया मांग पत्र:मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल खोलने की मांग, फसल नुकसान का मुआवजा देने की अपील
पलवल जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उपायुक्त (डीसी) से मुलाकात कर जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्म चंद घुधेरा, रूप राम तेवतिया, ताराचंद प्रधान और राजकुमार ओलिहान जैसे नेता शामिल थे। किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि तकनीकी कारणों से कुछ किसानों की फसल का 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो सका है। इससे उन्हें अपनी फसल बेचने में परेशानी आ रही है। उन्होंने अनुरोध किया कि पोर्टल को फिर से खोलकर ऐसे किसानों को पंजीकरण के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। किसानों की मुआवजे की मांग की मोर्चा ने मार्च महीने में हुई बारिश और आंधी से रबी फसल को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग उठाई। इसके अतिरिक्त, किसान नेताओं ने बताया कि अगस्त-सितंबर 2025 में भारी बारिश और जलभराव के कारण पलवल जिले में खरीफ फसल नष्ट हो गई थी। किसान बोले- घोषणा के बावजूद नहीं मिला मुआवजा इस नुकसान के मुआवजे की मांग किसान मोर्चा ने कई बार प्रदर्शनों और ज्ञापनों के माध्यम से जिला प्रशासन और सरकार के सामने उठाई थी, लेकिन सरकार की घोषणा के बावजूद पलवल जिले के किसानों को खरीफ फसल के नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिला है। शुगर मिल पलवल के प्रबंधन मंडल का चुनाव कराने की मांग किसान नेताओं ने यह भी कहा कि शुगर मिल पलवल के प्रबंधन मंडल के चुनाव लंबे समय से नहीं कराए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शुगर मिल के निदेशकों के चुनाव शीघ्र कराए जाएं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसान मोर्चा के नेताओं को आश्वासन दिया कि पोर्टल को दोबारा खुलवाने के लिए सरकार को पत्र लिखा जा रहा है। उपायुक्त कहा कि किसानों को कोई दिक्कत न आए, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
पलवल जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उपायुक्त (डीसी) से मुलाकात कर जिले के किसानों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्म चंद घुधेरा, रूप राम तेवतिया, ताराचंद प्रधान और राजकुमार ओलिहान जैसे नेता शामिल थे। किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि तकनीकी कारणों से कुछ किसानों की फसल का 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो सका है। इससे उन्हें अपनी फसल बेचने में परेशानी आ रही है। उन्होंने अनुरोध किया कि पोर्टल को फिर से खोलकर ऐसे किसानों को पंजीकरण के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। किसानों की मुआवजे की मांग की मोर्चा ने मार्च महीने में हुई बारिश और आंधी से रबी फसल को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग उठाई। इसके अतिरिक्त, किसान नेताओं ने बताया कि अगस्त-सितंबर 2025 में भारी बारिश और जलभराव के कारण पलवल जिले में खरीफ फसल नष्ट हो गई थी। किसान बोले- घोषणा के बावजूद नहीं मिला मुआवजा इस नुकसान के मुआवजे की मांग किसान मोर्चा ने कई बार प्रदर्शनों और ज्ञापनों के माध्यम से जिला प्रशासन और सरकार के सामने उठाई थी, लेकिन सरकार की घोषणा के बावजूद पलवल जिले के किसानों को खरीफ फसल के नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिला है। शुगर मिल पलवल के प्रबंधन मंडल का चुनाव कराने की मांग किसान नेताओं ने यह भी कहा कि शुगर मिल पलवल के प्रबंधन मंडल के चुनाव लंबे समय से नहीं कराए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शुगर मिल के निदेशकों के चुनाव शीघ्र कराए जाएं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसान मोर्चा के नेताओं को आश्वासन दिया कि पोर्टल को दोबारा खुलवाने के लिए सरकार को पत्र लिखा जा रहा है। उपायुक्त कहा कि किसानों को कोई दिक्कत न आए, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।