फरीदाबाद में सिटी बस ड्राइवरों की हड़ताल:वेतनवृद्धि के आश्वासन के बाद सेवाएं बहाल, ड्यूटी जाने वालों को हुई परेशानी

बल्लभगढ़ बस डिपो पर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बृहस्पतिवार सुबह सिटी बस ड्राइवरों ने हड़ताल कर दी। जिसके कारण करीब साढ़े 7 घंटे तक बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। हालांकि दोपहर में प्रबंधन की ओर से वेतन बढ़ाने का आश्वासन मिलने के बाद ड्राइवरों ने हड़ताल खत्म कर दी और बस सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो गईं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह से ही सिटी बसें नहीं चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ड्यूटी पर जाने वाले लोगों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी दिक्कतें आईं। बस सेवा बंद होने के कारण कई लोगों को मजबूरी में ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। जिससे उनका यात्रा खर्च भी बढ़ गया और समय पर अपने काम पर पहुंचना मुश्किल हो गया। जीएम के आश्वासन के बाद लौट ड्राइवर बस ड्राइवरों का कहना था कि लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग की जा रही थी, लेकिन प्रबंधन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ड्राइवरों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसी मांग को लेकर सभी ड्राइवर गुरुग्राम स्थित डिपो पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी मांग जीएम के सामने रखी। दोपहर करीब 12:30 बजे सिटी बस प्रबंधन और ड्राइवरों के बीच बातचीत हुई। बैठक के दौरान जीएम अमित ने ड्राइवरों को आश्वासन दिया कि उनके वेतन में लगभग 2900 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। जीएम के इस आश्वासन के बाद ड्राइवरों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया और वापस काम पर लौटने पर सहमति जताई। दोपहर 1:30 बजे पहली सिटी बस हड़ताल खत्म होने के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे बल्लभगढ़ बस अड्डे से पहली सिटी बस को रवाना किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे सभी रूटों पर बस सेवाएं बहाल होने लगीं और यातायात व्यवस्था सामान्य होने लगी। बताया जा रहा है कि सिटी बस ड्राइवरों का वर्तमान वेतन करीब 21 हजार 600 रुपए है, जिसमें अब 2 हजार 900 रुपए की बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया है। सिटी बस सेवा में कुल करीब 90 ड्राइवर कार्यरत हैं, जिनकी हड़ताल के कारण सुबह के समय बस सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई थीं। हालांकि प्रबंधन और ड्राइवरों के बीच समझौता होने के बाद अब बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

May 14, 2026 - 21:44
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फरीदाबाद में सिटी बस ड्राइवरों की हड़ताल:वेतनवृद्धि के आश्वासन के बाद सेवाएं बहाल, ड्यूटी जाने वालों को हुई परेशानी
बल्लभगढ़ बस डिपो पर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बृहस्पतिवार सुबह सिटी बस ड्राइवरों ने हड़ताल कर दी। जिसके कारण करीब साढ़े 7 घंटे तक बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। हालांकि दोपहर में प्रबंधन की ओर से वेतन बढ़ाने का आश्वासन मिलने के बाद ड्राइवरों ने हड़ताल खत्म कर दी और बस सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो गईं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह से ही सिटी बसें नहीं चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ड्यूटी पर जाने वाले लोगों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी दिक्कतें आईं। बस सेवा बंद होने के कारण कई लोगों को मजबूरी में ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। जिससे उनका यात्रा खर्च भी बढ़ गया और समय पर अपने काम पर पहुंचना मुश्किल हो गया। जीएम के आश्वासन के बाद लौट ड्राइवर बस ड्राइवरों का कहना था कि लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग की जा रही थी, लेकिन प्रबंधन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ड्राइवरों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसी मांग को लेकर सभी ड्राइवर गुरुग्राम स्थित डिपो पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी मांग जीएम के सामने रखी। दोपहर करीब 12:30 बजे सिटी बस प्रबंधन और ड्राइवरों के बीच बातचीत हुई। बैठक के दौरान जीएम अमित ने ड्राइवरों को आश्वासन दिया कि उनके वेतन में लगभग 2900 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। जीएम के इस आश्वासन के बाद ड्राइवरों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया और वापस काम पर लौटने पर सहमति जताई। दोपहर 1:30 बजे पहली सिटी बस हड़ताल खत्म होने के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे बल्लभगढ़ बस अड्डे से पहली सिटी बस को रवाना किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे सभी रूटों पर बस सेवाएं बहाल होने लगीं और यातायात व्यवस्था सामान्य होने लगी। बताया जा रहा है कि सिटी बस ड्राइवरों का वर्तमान वेतन करीब 21 हजार 600 रुपए है, जिसमें अब 2 हजार 900 रुपए की बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया है। सिटी बस सेवा में कुल करीब 90 ड्राइवर कार्यरत हैं, जिनकी हड़ताल के कारण सुबह के समय बस सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई थीं। हालांकि प्रबंधन और ड्राइवरों के बीच समझौता होने के बाद अब बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।