बीजेपी नेता पर भारी पड़ा सैकड़ों गाड़ियों का काफिला, पार्टी ने जिला अध्यक्ष पद से की छुट्टी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की खुलेआम धज्जियां उड़ाने भाजपा नेता की उनके पद से छुट्टी कर दी है। पूरा मामला मध्यप्रदेश के भिड़ जिले का है, जहां भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को सैकड़ों गाड़ियों के ...
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की खुलेआम धज्जियां उड़ाने भाजपा नेता की उनके पद से छुट्टी कर दी है। पूरा मामला मध्यप्रदेश के भिड़ जिले का है, जहां भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ स्वागत जुलूस निकालने पर उनके पद से हटा दिया गया है। पार्टी ने यह कार्रवाई उनके स्वागत में निकाले गए सैकड़ों गाड़ियों के काफिले को अनुशासनहीनता मानते हुए की है। हाल ही में भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बनाए गए सज्जन सिंह यादव ग्वालियर से भिंड तक बड़े वाहन काफिले के साथ पहुंचे थे। इस दौरान करीब 100 से अधिक गाड़ियां शामिल थीं और शक्ति प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।
ग्वालियर से भिंड तक निकाले गए स्वागत काफिले में 100 से अधिक गाड़ी शामिल थी। सज्जन सिंह यादव का मालनपुर, गोहद चौराहा और मेहगांव सहित कई स्थानों पर उनके समर्थकों ने स्वागत किया था। वहीं स्वागत रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने सज्जन सिंह यादव को उनके पद से हटा दिया। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने तत्काल प्रभाव से उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी। जारी पत्र में कहा गया कि सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ रैली निकालना संगठन की मर्यादा और प्रधानमंत्री की अपील की अवहेलना है।प्रदेश संगठन ने इस कार्य को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है।
वहीं नवनियुक्त बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन यादव के कई लग्जरी गाड़ियों के साथ शहर में काफिले में निकलने पर भिडं बीजेपी जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया ने कहा यदि ऐसा है तो गलत है हमारे प्रदेश अध्यक्ष, हम सभी पीएम मोदी की अपील का पालन कर रहे हैं. जानकारी लेते हैं यदि पीएम मोदी जी की अपील का पालन नहीं हुआ तो जवाब तलब करेंगे.
संभवत देश में किसी भी राजनीतिक दल में इस प्रकार की यह पहली कार्रवाई है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को भाजपा संगठन के सख्त अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सार्वजनिक जीवन में सादगी और संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा।



