पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का विरोध:किशनगंज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला जलाया
किशनगंज में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुभाषपल्ली चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन कर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह कार्यक्रम जिला कांग्रेस अध्यक्ष इमाम अली चिंटू की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव शंभू यादव ने इसका नेतृत्व किया। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) असगर अली पीटर, महिला नेत्री ईला देवी, वरिष्ठ कांग्रेसी अरुण कुमार, पूर्व जिला युवा अध्यक्ष सरफराज खान रिंकू, सलीम और शुभम दास सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। ''पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम'' कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उनका कहना था कि पप्पू यादव हाल ही में नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और एक छात्रा की मौत के मामले में केंद्र व राज्य सरकार की आलोचना कर रहे थे। गौरतलब है कि पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार (6 फरवरी 2026) देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला 1995 का है, जिसमें पटना के गर्दनीबाग थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और किराए के मकान पर अवैध कब्जे से जुड़े आरोप लगे थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके आवास पर काफी गहमागहमी रही पटना की विशेष अदालत ने सुनवाई में बार-बार अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया था। गिरफ्तारी के दौरान उनके आवास पर काफी गहमागहमी रही, जहां पप्पू यादव ने इसे राजनीतिक साजिश और उन्हें मारने की कोशिश बताया था। गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले IGIMS और फिर PMCH में भर्ती कराया गया। अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया था। फिलहाल, इलाज के बाद वे बेऊर जेल में हैं। पप्पू यादव को तत्काल रिहा करने की मांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान मांग की कि पप्पू यादव को तत्काल रिहा किया जाए, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रताड़ना माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव बिहार की बेटी के न्याय के लिए आवाज उठा रहे थे। इस घटना ने किशनगंज सहित पूरे बिहार में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, जहां विभिन्न दलों के नेताओं ने भी पप्पू यादव के समर्थन में बयान दिए हैं।
किशनगंज में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुभाषपल्ली चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन कर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह कार्यक्रम जिला कांग्रेस अध्यक्ष इमाम अली चिंटू की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव शंभू यादव ने इसका नेतृत्व किया। प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) असगर अली पीटर, महिला नेत्री ईला देवी, वरिष्ठ कांग्रेसी अरुण कुमार, पूर्व जिला युवा अध्यक्ष सरफराज खान रिंकू, सलीम और शुभम दास सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। ''पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम'' कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उनका कहना था कि पप्पू यादव हाल ही में नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और एक छात्रा की मौत के मामले में केंद्र व राज्य सरकार की आलोचना कर रहे थे। गौरतलब है कि पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार (6 फरवरी 2026) देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला 1995 का है, जिसमें पटना के गर्दनीबाग थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और किराए के मकान पर अवैध कब्जे से जुड़े आरोप लगे थे। गिरफ्तारी के दौरान उनके आवास पर काफी गहमागहमी रही पटना की विशेष अदालत ने सुनवाई में बार-बार अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया था। गिरफ्तारी के दौरान उनके आवास पर काफी गहमागहमी रही, जहां पप्पू यादव ने इसे राजनीतिक साजिश और उन्हें मारने की कोशिश बताया था। गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले IGIMS और फिर PMCH में भर्ती कराया गया। अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया था। फिलहाल, इलाज के बाद वे बेऊर जेल में हैं। पप्पू यादव को तत्काल रिहा करने की मांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान मांग की कि पप्पू यादव को तत्काल रिहा किया जाए, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रताड़ना माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव बिहार की बेटी के न्याय के लिए आवाज उठा रहे थे। इस घटना ने किशनगंज सहित पूरे बिहार में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, जहां विभिन्न दलों के नेताओं ने भी पप्पू यादव के समर्थन में बयान दिए हैं।