दिल्ली में BS-6 से नीचे के वाहनों की एंट्री बंद:सोनीपत में सीजन की पहली धुंध पड़ी; आंखों में जलन, ठंड का एहसास
दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ सोनीपत जिले में भी प्रदूषण और फॉग का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। 1 नवंबर की सुबह पहली बार हल्की धुंध छाई, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में हल्की ठंडक भी महसूस की जा रही है, जो सर्दी के आगमन का संकेत दे रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 317 तक पहुंचा सोनीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 31 अक्टूबर शाम 4 बजे तक 317 दर्ज किया गया। यह स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे सांस और आंखों की समस्याएं बढ़ने की संभावना रहती है। प्रदूषण के कारण लोगों को सुबह टहलने या व्यायाम करने में भी दिक्कत हो रही है। गोहाना में सुबह सड़कों पर छाई हल्की धुंध सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में सुबह के समय जब लोग अपने घरों से निकले तो सड़कों पर हल्की धुंध दिखाई दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह के समय आंखों में जलन और गले में खराश महसूस हो रही है। दुकानदारों ने बताया कि जैसे ही वे दुकान के लिए निकले, हवा में हल्की ठंडक के साथ फॉग का असर साफ महसूस हुआ। दिल्ली में प्रदूषण को लेकर बढ़े प्रतिबंध दिल्ली में बढ़ते पॉल्यूशन को देखते हुए प्रशासन ने बी-4 और बी-5 श्रेणी के कामर्शियल वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। केवल बी-6 मानक वाले वाहनों को ही एंट्री की अनुमति दी गई है। इसका सीधा असर एनसीआर के इलाकों, खासकर सोनीपत और बहालगढ़ रूट पर चलने वाले ट्रांसपोर्टर्स पर भी पड़ेगा। मौसम में बदलाव, ठंड ने दी दस्तक स्थानीय लोगों ने बताया कि आज सुबह पहली बार ठंड का एहसास हुआ। बुजुर्गों ने कहा कि ठंड की शुरुआत एक महीने देर से हुई है। पिछले साल अक्टूबर में ही सर्दी ने दस्तक दे दी थी, जबकि इस बार नवंबर के पहले दिन फॉग और ठंडक महसूस हुई है। किसानों को बारिश की चिंता कई किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में बारिश हुई, तो रबी फसलों की बिजाई प्रभावित हो सकती है। कई इलाकों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। वहीं, प्रदूषण और मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोग भी सतर्क हो गए हैं। हरियाणा दिवस पर सर्दी का स्वागत 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस बार राज्य दिवस पर सर्दी की दस्तक भी महसूस हुई है। बुजुर्गों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव के साथ अब सुबह-शाम गरम कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है।
दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ सोनीपत जिले में भी प्रदूषण और फॉग का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। 1 नवंबर की सुबह पहली बार हल्की धुंध छाई, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में हल्की ठंडक भी महसूस की जा रही है, जो सर्दी के आगमन का संकेत दे रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 317 तक पहुंचा सोनीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 31 अक्टूबर शाम 4 बजे तक 317 दर्ज किया गया। यह स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे सांस और आंखों की समस्याएं बढ़ने की संभावना रहती है। प्रदूषण के कारण लोगों को सुबह टहलने या व्यायाम करने में भी दिक्कत हो रही है। गोहाना में सुबह सड़कों पर छाई हल्की धुंध सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में सुबह के समय जब लोग अपने घरों से निकले तो सड़कों पर हल्की धुंध दिखाई दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह के समय आंखों में जलन और गले में खराश महसूस हो रही है। दुकानदारों ने बताया कि जैसे ही वे दुकान के लिए निकले, हवा में हल्की ठंडक के साथ फॉग का असर साफ महसूस हुआ। दिल्ली में प्रदूषण को लेकर बढ़े प्रतिबंध दिल्ली में बढ़ते पॉल्यूशन को देखते हुए प्रशासन ने बी-4 और बी-5 श्रेणी के कामर्शियल वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। केवल बी-6 मानक वाले वाहनों को ही एंट्री की अनुमति दी गई है। इसका सीधा असर एनसीआर के इलाकों, खासकर सोनीपत और बहालगढ़ रूट पर चलने वाले ट्रांसपोर्टर्स पर भी पड़ेगा। मौसम में बदलाव, ठंड ने दी दस्तक स्थानीय लोगों ने बताया कि आज सुबह पहली बार ठंड का एहसास हुआ। बुजुर्गों ने कहा कि ठंड की शुरुआत एक महीने देर से हुई है। पिछले साल अक्टूबर में ही सर्दी ने दस्तक दे दी थी, जबकि इस बार नवंबर के पहले दिन फॉग और ठंडक महसूस हुई है। किसानों को बारिश की चिंता कई किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में बारिश हुई, तो रबी फसलों की बिजाई प्रभावित हो सकती है। कई इलाकों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। वहीं, प्रदूषण और मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोग भी सतर्क हो गए हैं। हरियाणा दिवस पर सर्दी का स्वागत 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस बार राज्य दिवस पर सर्दी की दस्तक भी महसूस हुई है। बुजुर्गों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव के साथ अब सुबह-शाम गरम कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है।