जमाबंदी को रद्द कर कब्जा मुक्त कराने की मांग:भोजपुर में भवन निर्माण विवाद को लेकर धरना, विधायक के खिलाफ की नारेबाजी
भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय में प्रस्तावित नए प्रखंड और अंचल कार्यालय भवन के निर्माण को लेकर आज जनआक्रोश देखने को मिला। अंचल कार्यालय की ओर से एनओसी वाली जगह मिली है। यहां भवन निर्माण कराने और कन्या प्रोजेक्ट 10+2 उच्च विद्यालय से सटे गलत तरीके से किए गए जमाबंदी को रद्द कर कब्जा मुक्त कराने की मांग है। इसको लेकर प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरने में अगिआंव के पूर्व विधायक शिव प्रकाश रंजन सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान बिहार सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कहा- कुछ लोग बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं धरने को संबोधित करते हुए चरपोखरी प्रखंड के पूर्व प्रमुख मनोज यादव ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय में नए भवन के निर्माण के लिए प्रखंड से अंचल कार्यालय को राशि आवंटित हो चुकी है और भवन निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध है। बावजूद इसके राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर कुछ लोग बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं, जिससे विकास काम बाधित हो रहा है। यह धरना लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम है और उम्मीद है कि जनहित से जुड़ी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। किसी भी पुराने भवन को नहीं तोड़ने की मांग धरनास्थल से वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांग है कि चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय भवन का निर्माण उसी स्थल पर किया जाए, जहां के लिए विधिवत एनओसी हासिल है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नए भवन निर्माण के बाद किसी भी पुराने भवन को नहीं तोड़ा जाए। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि भवन निर्माण के दौरान किसी भी हरे पेड़ की कटाई नहीं की जाए, क्योंकि खाली जमीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। धरने में यह भी मांग उठाई गई कि प्रखंड मुख्यालय में जिस मॉडल को स्वीकृति मिली है, उसी मॉडल के अनुसार भवन का निर्माण कराया जाए और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ न की जाए। इसके अलावा चरपोखरी प्रखंड के अंतर्गत स्थित एकमात्र बालिका टेन प्लस टू प्रोजेक्ट माध्यमिक विद्यालय के बगल में गलत तरीके से की गई जमाबंदी को तत्काल रद्द कर कब्जा मुक्त कराया जाए और छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धरनार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे भी चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय में प्रस्तावित नए प्रखंड और अंचल कार्यालय भवन के निर्माण को लेकर आज जनआक्रोश देखने को मिला। अंचल कार्यालय की ओर से एनओसी वाली जगह मिली है। यहां भवन निर्माण कराने और कन्या प्रोजेक्ट 10+2 उच्च विद्यालय से सटे गलत तरीके से किए गए जमाबंदी को रद्द कर कब्जा मुक्त कराने की मांग है। इसको लेकर प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरने में अगिआंव के पूर्व विधायक शिव प्रकाश रंजन सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान बिहार सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कहा- कुछ लोग बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं धरने को संबोधित करते हुए चरपोखरी प्रखंड के पूर्व प्रमुख मनोज यादव ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय में नए भवन के निर्माण के लिए प्रखंड से अंचल कार्यालय को राशि आवंटित हो चुकी है और भवन निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध है। बावजूद इसके राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर कुछ लोग बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं, जिससे विकास काम बाधित हो रहा है। यह धरना लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम है और उम्मीद है कि जनहित से जुड़ी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। किसी भी पुराने भवन को नहीं तोड़ने की मांग धरनास्थल से वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांग है कि चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय भवन का निर्माण उसी स्थल पर किया जाए, जहां के लिए विधिवत एनओसी हासिल है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नए भवन निर्माण के बाद किसी भी पुराने भवन को नहीं तोड़ा जाए। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि भवन निर्माण के दौरान किसी भी हरे पेड़ की कटाई नहीं की जाए, क्योंकि खाली जमीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। धरने में यह भी मांग उठाई गई कि प्रखंड मुख्यालय में जिस मॉडल को स्वीकृति मिली है, उसी मॉडल के अनुसार भवन का निर्माण कराया जाए और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ न की जाए। इसके अलावा चरपोखरी प्रखंड के अंतर्गत स्थित एकमात्र बालिका टेन प्लस टू प्रोजेक्ट माध्यमिक विद्यालय के बगल में गलत तरीके से की गई जमाबंदी को तत्काल रद्द कर कब्जा मुक्त कराया जाए और छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धरनार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे भी चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।