गैस संकट- केंद्र सरकार की केरोसिन बांटने की तैयारी:राजस्थान को 29 लाख लीटर का आवंटन, एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें

राजस्थान में गैस सप्लाई प्रभावित होने से रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। कई शहरों में रेस्टोरेंट ने मेन्यू में कटौती कर दी है। जयपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों और ग्रामीण इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है। रसोई गैस की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने केरोसिन का वितरण करने का प्लान किया है। सभी राज्यों को केरोसिन का आवंटन किया है। राजस्थान की बात करें तो यहां करीब 29 लाख लीटर का आवंटन किया गया है। तेल कंपनियों ने ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडर का 45 दिन का बुकिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है। शहरी क्षेत्र में 25 दिन का टाइम पीरियड है। सरकार तय करेगी बांटना है या नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूरे देश में 48 हजार 240 किलोलीटर केरोसिन का आवंटन अलग-अलग राज्यों को किया है। राजस्थान में अब सरकार विचार करेगी कि उसे केरोसिन का स्टॉक उठाकर वितरण करना है या नहीं। अगर करना है तो कैसे, किन कैटेगरी के लोगों को कितना लीटर आवंटित किया जाएगा। केंद्र सरकार की जो गाइडलाइन है, उसमें ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता से आवंटन के लिए कहा है। राजस्थान की बात करें तो यहां 2928 किलोलीटर केरोसिन आवंटित ​हुआ है। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 7932, जबकि सबसे कम 12 किलोलीटर लक्षद्वीप में आवंटित किया है। केंद्र सरकार से करना होगा कॉर्डिनेशन केरोसिन के वितरण के लिए केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों से राज्यों को कॉर्डिनेशन करना होगा। उनको ग्रामीण इलाकों में कुछ जगह चिह्नित करनी होगी और बताना होगा कि सरकार इन एरिया में केरोसिन का वितरण करेगी। राज्य सरकारों को इस केरोसिन के स्टॉक का उठाव 45 दिवस के अंदर करने का समय दिया है। पेट्रोल-डीजल में मिलावट न हो केंद्र सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसमें राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि इस केरोसिन का आवंटन सावधानीपूर्वक निगरानी में करवाना होगा। कहीं ऐसा न हो कि ये बाजार में गलत जगह वितरित हो और उसका उपयोग पेट्रोल-डीजल में मिलावट करने में हो जाए। 2013 से शुरू हुआ केरोसिन फ्री का अभियान राजस्थान में केरोसिन फ्री स्टेट का अभियान साल 2013 से शुरू हुआ, जब सरकार ने अलवर जिले के कोटकासिम से इसकी शुरुआत की। उस समय केंद्र सरकार की गाइडलाइन थी कि जिन परिवारों के पास एलपीजी कनेक्शन है, वे केरोसिन लेने के पात्र नहीं होंगे। राज्य सरकार ने जब कोटकासिम इलाके के सभी परिवारों का सर्वे किया तो पता चला कि वहां 100 फीसदी परिवारों के पास एलपीजी कनेक्शन है। साल 2013 में कोटकासिम को पहला केरोसिन फ्री एरिया घोषित किया गया। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सरकार ने पूरे प्रदेश को केरोसिन फ्री घोषित किया।

Mar 13, 2026 - 10:25
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गैस संकट- केंद्र सरकार की केरोसिन बांटने की तैयारी:राजस्थान को 29 लाख लीटर का आवंटन, एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें
राजस्थान में गैस सप्लाई प्रभावित होने से रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। कई शहरों में रेस्टोरेंट ने मेन्यू में कटौती कर दी है। जयपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों और ग्रामीण इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है। रसोई गैस की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने केरोसिन का वितरण करने का प्लान किया है। सभी राज्यों को केरोसिन का आवंटन किया है। राजस्थान की बात करें तो यहां करीब 29 लाख लीटर का आवंटन किया गया है। तेल कंपनियों ने ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडर का 45 दिन का बुकिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है। शहरी क्षेत्र में 25 दिन का टाइम पीरियड है। सरकार तय करेगी बांटना है या नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूरे देश में 48 हजार 240 किलोलीटर केरोसिन का आवंटन अलग-अलग राज्यों को किया है। राजस्थान में अब सरकार विचार करेगी कि उसे केरोसिन का स्टॉक उठाकर वितरण करना है या नहीं। अगर करना है तो कैसे, किन कैटेगरी के लोगों को कितना लीटर आवंटित किया जाएगा। केंद्र सरकार की जो गाइडलाइन है, उसमें ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता से आवंटन के लिए कहा है। राजस्थान की बात करें तो यहां 2928 किलोलीटर केरोसिन आवंटित ​हुआ है। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 7932, जबकि सबसे कम 12 किलोलीटर लक्षद्वीप में आवंटित किया है। केंद्र सरकार से करना होगा कॉर्डिनेशन केरोसिन के वितरण के लिए केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों से राज्यों को कॉर्डिनेशन करना होगा। उनको ग्रामीण इलाकों में कुछ जगह चिह्नित करनी होगी और बताना होगा कि सरकार इन एरिया में केरोसिन का वितरण करेगी। राज्य सरकारों को इस केरोसिन के स्टॉक का उठाव 45 दिवस के अंदर करने का समय दिया है। पेट्रोल-डीजल में मिलावट न हो केंद्र सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसमें राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि इस केरोसिन का आवंटन सावधानीपूर्वक निगरानी में करवाना होगा। कहीं ऐसा न हो कि ये बाजार में गलत जगह वितरित हो और उसका उपयोग पेट्रोल-डीजल में मिलावट करने में हो जाए। 2013 से शुरू हुआ केरोसिन फ्री का अभियान राजस्थान में केरोसिन फ्री स्टेट का अभियान साल 2013 से शुरू हुआ, जब सरकार ने अलवर जिले के कोटकासिम से इसकी शुरुआत की। उस समय केंद्र सरकार की गाइडलाइन थी कि जिन परिवारों के पास एलपीजी कनेक्शन है, वे केरोसिन लेने के पात्र नहीं होंगे। राज्य सरकार ने जब कोटकासिम इलाके के सभी परिवारों का सर्वे किया तो पता चला कि वहां 100 फीसदी परिवारों के पास एलपीजी कनेक्शन है। साल 2013 में कोटकासिम को पहला केरोसिन फ्री एरिया घोषित किया गया। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सरकार ने पूरे प्रदेश को केरोसिन फ्री घोषित किया।