गुरुग्राम पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया:अवैध सिम बॉक्स चलाने वाला गिरफ्तार; फिलीपींस से किए जा रहे संचालित
गुरुग्राम पुलिस ने साइबर अपराध पर कार्रवाई करते हुए अवैध सिम बॉक्स (GSM गेटवे) संचालित करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में अवैध उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस को दो मकान मालिकों ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उनके किरायेदार डीएलएफ फेज-3 के ब्लॉक-यू स्थित मकानों में अवैध रूप से सिम बॉक्स चला रहे थे। इन उपकरणों का उपयोग अनधिकृत दूरसंचार गतिविधियों और साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। शिकायतों के आधार पर साइबर अपराध थाना पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए। पुलिस ने मौके पर मारे छापे मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने 17 मार्च को शिकायतकर्ताओं के साथ मौके पर छापेमारी की। इस दौरान दो अलग-अलग कमरों से पांच अवैध सिम बॉक्स बरामद किए गए। प्रत्येक सिम बॉक्स में 32-32 सिम पोर्ट और एंटीना लगे हुए थे। छापेमारी में पुलिस ने 8 राउटर, 18 बैटरियां, 3 यूपीएस (इनवर्टर) और एयरटेल व वोडाफोन आइडिया के कुल 504 सिम कार्ड भी जब्त किए। यूपी से गिरोह का एक सदस्य काबू किया था सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में थाना प्रभारी संदीप कुमार और उनकी टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर 18 मार्च को उत्तर प्रदेश के कासगंज में छापेमारी कर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान कासगंज निवासी राहुल कुमार (30) के रूप में हुई है। फिलीपींस के व्यक्ति राहुल को दिए उपकरण पूछताछ में आरोपी राहुल कुमार ने खुलासा किया कि वह नोएडा में कार ड्राइवर के रूप में काम करता है। उसके एक साथी के माध्यम से उसका संपर्क फिलीपींस के एक व्यक्ति से हुआ था, जिसने उसे सिम बॉक्स, राउटर और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए थे। आरोपी ने वीडियो कॉल के जरिए इन उपकरणों को स्थापित किया और बाद में इन्हें गुरुग्राम के यू-ब्लॉक में पहुंचाया, जिसके लिए उसे 15 हजार रुपए मिले थे।
गुरुग्राम पुलिस ने साइबर अपराध पर कार्रवाई करते हुए अवैध सिम बॉक्स (GSM गेटवे) संचालित करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में अवैध उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस को दो मकान मालिकों ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उनके किरायेदार डीएलएफ फेज-3 के ब्लॉक-यू स्थित मकानों में अवैध रूप से सिम बॉक्स चला रहे थे। इन उपकरणों का उपयोग अनधिकृत दूरसंचार गतिविधियों और साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। शिकायतों के आधार पर साइबर अपराध थाना पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए। पुलिस ने मौके पर मारे छापे मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने 17 मार्च को शिकायतकर्ताओं के साथ मौके पर छापेमारी की। इस दौरान दो अलग-अलग कमरों से पांच अवैध सिम बॉक्स बरामद किए गए। प्रत्येक सिम बॉक्स में 32-32 सिम पोर्ट और एंटीना लगे हुए थे। छापेमारी में पुलिस ने 8 राउटर, 18 बैटरियां, 3 यूपीएस (इनवर्टर) और एयरटेल व वोडाफोन आइडिया के कुल 504 सिम कार्ड भी जब्त किए। यूपी से गिरोह का एक सदस्य काबू किया था सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में थाना प्रभारी संदीप कुमार और उनकी टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर 18 मार्च को उत्तर प्रदेश के कासगंज में छापेमारी कर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान कासगंज निवासी राहुल कुमार (30) के रूप में हुई है। फिलीपींस के व्यक्ति राहुल को दिए उपकरण पूछताछ में आरोपी राहुल कुमार ने खुलासा किया कि वह नोएडा में कार ड्राइवर के रूप में काम करता है। उसके एक साथी के माध्यम से उसका संपर्क फिलीपींस के एक व्यक्ति से हुआ था, जिसने उसे सिम बॉक्स, राउटर और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए थे। आरोपी ने वीडियो कॉल के जरिए इन उपकरणों को स्थापित किया और बाद में इन्हें गुरुग्राम के यू-ब्लॉक में पहुंचाया, जिसके लिए उसे 15 हजार रुपए मिले थे।