अमेरिका के हारने तक दागते रहेंगे मिसाइल, ईरान की खूंखार आर्मी ने हमले को न रोकने का किया ऐलान!

मीडिल ईस्ट  में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा और अब हालात पहले से कहीं ज्यादा गंभीर हो चुके हैं। ईरान की तरफ से एक बड़ा ऐलान सामने आया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ईरान की सेना ने साफ कह दिया है कि उनका जवाबी हमला नहीं रुकने वाला है। उनका कहना है कि जब तक अमेरिका और इजराइल को निर्णायक रूप से हरा नहीं दिया जाएगा तब तक यह अभियान जारी रहेगा। यह बयान ऐसे समय में सामने आया जब क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ तनाव चरम पर है। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉप्स ने दावा किया कि उन्होंने इजराइली और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों से हमला कर दिया है। इसे भी पढ़ें: अमेरिका-इजरायल को मिलेगी इसकी कड़ी सजा, खामनेई की मौत के बाद बौखलाया ईरानईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है। उनका कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई उन सैन्य अभियान के जवाब में है जिसमें हाल ही में ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले हुए थे। ईरान का साफ संदेश है कि अब यह संघर्ष नहीं रुकेगा। ईरानी सैन्य नेतृत्व का साफ कहना है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने अवैध लक्ष्य माने जाएंगे और उन पर मिसाइलें दागी जाएगी। यानी जहां भी अमेरिका के सैन्य संसाधन बेस या रणनीतिक हित मौजूद होंगे, वहां मिसाइलों से हमला किया जाएगा। यह बयान पूरे मधुपुर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है। इसे भी पढ़ें: इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच दुबई के बुर्ज खलीफा के पास विस्फोट, जानिए कैसा है इसका बीमा इंतजामपूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो लगातार सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं उनका स्टेटमेंट एक बार फिर सामने आया। वह कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ कारवाई अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी थी। लेकिन अब ईरान की चेतावनी के बाद हालात और ज्यादा जटिल हो गए हैं। ईरान के इस ऐलान के बाद इजराइल भी हाई अलर्ट पर है। इजराइल की सेना पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर चुकी है और संभावित हमलों के लिए तैयारी कर रही है। वहीं अमेरिका भी इसस्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यूएस ने पहले ही अपने सैनिकों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है।  दरअसल ईरान लंबे समय से यह कहता आया कि उस पर लगातार दबाव डाला जा रहा। चाहे वह आर्थिक प्रतिबंध हो, सैन्य कारवाई हो, ईरान इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ कदम मानता है और यह सच्चाई भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने साफ कह दिया है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संसाधन, सैन्य ठिकाने और हित अब वैध लक्ष्य होंगे। इसे भी पढ़ें: खामनेई की मौत के बाद ईरान में नए खलीफा को लेकर बड़ी खबर! हिली दुनियाइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि वह इजरायल और अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ सशस्त्र बलों के इतिहास में सबसे बड़ा हमला "कुछ ही क्षणों में" शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर, आईआरजीसी ने एक "महान नेता" के खोने का शोक व्यक्त किया और उन्हें आध्यात्मिक पवित्रता, आस्था की दृढ़ता, नेतृत्व में निर्णायकता, "अहंकारी" लोगों के खिलाफ साहस और ईश्वर के मार्ग में जिहाद के प्रति प्रतिबद्धता में अद्वितीय बताया।

Mar 1, 2026 - 10:15
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अमेरिका के हारने तक दागते रहेंगे मिसाइल, ईरान की खूंखार आर्मी ने हमले को न रोकने का किया ऐलान!
मीडिल ईस्ट  में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा और अब हालात पहले से कहीं ज्यादा गंभीर हो चुके हैं। ईरान की तरफ से एक बड़ा ऐलान सामने आया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ईरान की सेना ने साफ कह दिया है कि उनका जवाबी हमला नहीं रुकने वाला है। उनका कहना है कि जब तक अमेरिका और इजराइल को निर्णायक रूप से हरा नहीं दिया जाएगा तब तक यह अभियान जारी रहेगा। यह बयान ऐसे समय में सामने आया जब क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ तनाव चरम पर है। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉप्स ने दावा किया कि उन्होंने इजराइली और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों से हमला कर दिया है। 

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ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है। उनका कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई उन सैन्य अभियान के जवाब में है जिसमें हाल ही में ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले हुए थे। ईरान का साफ संदेश है कि अब यह संघर्ष नहीं रुकेगा। ईरानी सैन्य नेतृत्व का साफ कहना है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने अवैध लक्ष्य माने जाएंगे और उन पर मिसाइलें दागी जाएगी। यानी जहां भी अमेरिका के सैन्य संसाधन बेस या रणनीतिक हित मौजूद होंगे, वहां मिसाइलों से हमला किया जाएगा। यह बयान पूरे मधुपुर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है। 

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पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो लगातार सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं उनका स्टेटमेंट एक बार फिर सामने आया। वह कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ कारवाई अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी थी। लेकिन अब ईरान की चेतावनी के बाद हालात और ज्यादा जटिल हो गए हैं। ईरान के इस ऐलान के बाद इजराइल भी हाई अलर्ट पर है। इजराइल की सेना पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर चुकी है और संभावित हमलों के लिए तैयारी कर रही है। वहीं अमेरिका भी इस
स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यूएस ने पहले ही अपने सैनिकों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है।  दरअसल ईरान लंबे समय से यह कहता आया कि उस पर लगातार दबाव डाला जा रहा। चाहे वह आर्थिक प्रतिबंध हो, सैन्य कारवाई हो, ईरान इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ कदम मानता है और यह सच्चाई भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने साफ कह दिया है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संसाधन, सैन्य ठिकाने और हित अब वैध लक्ष्य होंगे। 

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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि वह इजरायल और अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ सशस्त्र बलों के इतिहास में सबसे बड़ा हमला "कुछ ही क्षणों में" शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर, आईआरजीसी ने एक "महान नेता" के खोने का शोक व्यक्त किया और उन्हें आध्यात्मिक पवित्रता, आस्था की दृढ़ता, नेतृत्व में निर्णायकता, "अहंकारी" लोगों के खिलाफ साहस और ईश्वर के मार्ग में जिहाद के प्रति प्रतिबद्धता में अद्वितीय बताया।