अमेरिका-इसराइल हमले के बीच आज होगी CCS की बैठक, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे अध्यक्षता, इन मुद्दों पर हो सकती चर्चा
PM Modi called a meeting of CCS today : अमेरिका-इसराइल हमले के बीच तमिलनाडु से दिल्ली लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात सीसीएस यानी की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार, सीसीएस की इस इमरजेंसी बैठक में ...
PM Modi called a meeting of CCS today : अमेरिका-इसराइल हमले के बीच तमिलनाडु से दिल्ली लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात सीसीएस यानी की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार, सीसीएस की इस इमरजेंसी बैठक में अमेरिका-इसराइल हमले के बाद ईरान और खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। इसके अलावा तेल सप्लाई और चाबहार पोर्ट निवेश पर भी चर्चा हो सकती है। मिडिल ईस्ट एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच मोदी सरकार भी पूरी तरह अलर्ट नजर आ रही है।
बैठक में हो सकते हैं ये मुद्दे
अमेरिका-इसराइल हमले के बीच तमिलनाडु से दिल्ली लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात सीसीएस यानी की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार, सीसीएस की इस इमरजेंसी बैठक में अमेरिका-इसराइल हमले के बाद ईरान और खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। इसके अलावा तेल सप्लाई और चाबहार पोर्ट निवेश पर भी चर्चा हो सकती है।
मोदी सरकार भी पूरी तरह अलर्ट
मिडिल ईस्ट एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच मोदी सरकार भी पूरी तरह अलर्ट नजर आ रही है। इलाके में चल रहे संघर्ष और मिलिट्री एक्टिविटीज ने ग्लोबल लेवल पर चिंता बढ़ा दी है। सीसीएस की मीटिंग में रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
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मुमकिन है कि भारतीय दूतावासों को अलर्ट रहने और जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकालने की तैयारी रखने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं। भारत सरकार का प्रयास होगा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए ग्लोबल लेवल पर संवाद और कूटनीतिक कोशिशों को बढ़ावा दिया जाए।
सबसे शक्तिशाली समिति है CCS
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी सरकार की वह सर्वोच्च और सबसे शक्तिशाली समिति है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, कूटनीति और विदेशी मामलों से जुड़े सबसे बड़े और संवेदनशील फैसले लेती है। इस समिति की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री करते हैं। इसमें रक्षामंत्री, गृहमंत्री, विदेश मंत्री और वित्तमंत्री शामिल होते हैं।
मध्य पूर्व में काम करते हैं 80 से 90 लाख भारतीय
भारत के लिए सबसे बड़ी और तात्कालिक चिंता वहां फंसे अपने नागरिक हैं। खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कतर, ओमान, बहरीन, कुवैत) और मध्य पूर्व में करीब 80 से 90 लाख भारतीय नागरिक काम करते हैं। अगर ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच युद्ध भड़कता है और यह पूरे क्षेत्र में फैलता है, तो इन लाखों भारतीयों की जान खतरे में पड़ सकती है।
गौरतलब है कि शनिवार की दोपहर को इसराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या हो गई है। इसके जवाब में ईरान, इसराइल और खाड़ी के तमाम देशों पर हमले कर रहा है।
Edited By : Chetan Gour



