KGMU मजारों को चंद्रशेखर का समर्थन:अनिकेत धानुक पार्टी का समर्थन पत्र लेकर सज्जादा नशीन से मिले , राशिद मिनाई बोले- दरगाह 500 साल पुरानी धरोहर
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में मजारों को हटाने के नोटिस पर आजाद समाज पार्टी ने नाराजगी जताया । नगीना सांसद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने पत्र लिखकर समर्थन दिया। कार्रवाई को धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। 'मजारों पर कार्रवाई शर्मनाक' आजाद समाज पार्टी के महामंत्री अनिकेत धानुक पत्र लेकर शाहमीना दरगाह पहुंचे। दरगाह के सज्जादानशीन राशिद अली मिनाई और सैय्यद बाबर अशरफ को पत्र सौंपा । अनिकेत ने कहा कि मजारों पर की जाने वाली कार्रवाई बेहद शर्मनाक है। KGMU प्रशासन द्वारा हजरत हाजी हरमैन शाह की माजरा में तोड़फोड़ की गई । अब हजरत मखदूम शाह मीना के परिसर में स्थित 500 वर्ष से अधिक पुरानी मजारों के खिलाफ ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किया गया ये शर्मनाक है। उन्होंने कहा KGMU प्रशासन वक्फ संपत्तियों से जुड़े कानूनों की अनदेखी करके तानाशाही कर रहा है। 'बिना आदेश ध्वस्तीकरण गैर-कानूनी' अनिकेत ने कहा कि इससे पहले भी KGMU प्रशासन की मनमानी देखने को मिली थी। पिछले साल प्रो. डॉ. के. के. सिंह की निगरानी में आस्ताना-ए-हज़रत हाजी हरमैन शाह की सीमा में स्थित वुज़ूख़ाना, इबादतगाह और ज़ायरीनों की सुविधाओं को ध्वस्त कर दिया गया था। की जाने वाली कार्रवाई पूरी तरह एकतरफ़ा और गैर-कानूनी थी। उसके बाद लगातार मनमानी का सिलसिला जारी है। वक्फ अधिनियम का उल्लंघन दरगाह शाहमीना के सज्जादा नशीन राशिद मिनाई ने बताया कि संबंधित भूमि वक्फ अधिनियम 1995 के तहत पंजीकृत वक्फ संपत्ति है । सुन्नी वक्फ बोर्ड में दर्ज है। वक्फ कानून के अनुसार किसी भी विवाद या कार्रवाई का अधिकार केवल न्यायालय को है, न कि किसी शैक्षणिक संस्था या उसके अधिकारियों को। KGMU प्रशासन लगातार मनमाने ढंग से कार्रवाई करके लखनवी तहजीब और गंगा जमुना संस्कृति को धूमिल कर रहा है।



