विधानसभा चुनावों में हुआ भारी मतदान, पुरुषों से ज्यादा रही महिलाओं की भागीदारी : निर्वाचन आयोग
Assembly Elections : हाल ही में 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में संपन्न हुए विधानासभा चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बेहद अधिक रही और मतदान प्रतिशत के मामले में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। निर्वाचन आयोग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में ...
Assembly Elections : हाल ही में 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में संपन्न हुए विधानासभा चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बेहद अधिक रही और मतदान प्रतिशत के मामले में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। निर्वाचन आयोग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया। जिन 293 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना पूरी हो चुकी है, वहां 93.71 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में डाक मतपत्रों सहित 6.38 करोड़ से अधिक वोट डाले गए, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या 6.81 करोड़ से अधिक थी।
हाल ही में 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में संपन्न हुए विधानासभा चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बेहद अधिक रही और मतदान प्रतिशत के मामले में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। निर्वाचन आयोग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया। जिन 293 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना पूरी हो चुकी है, वहां 93.71 प्रतिशत मतदान हुआ।
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राज्य में डाक मतपत्रों सहित 6.38 करोड़ से अधिक वोट डाले गए, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या 6.81 करोड़ से अधिक थी। केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों ने भारतीय चुनावी राजनीति की एक स्थापित विशेषता को फिर से साबित किया है यानी बड़ी संख्या में सक्रिय और मतदाताओं का सबसे प्रभावी हिस्सा महिलाएं हैं। इसकी वजह से चुनावी नतीजों में उनकी हिस्सेदारी केंद्रीय भूमिका में उभरकर सामने आई।
असम, पुडुचेरी और केरल में रिकॉर्ड मतदान को देखते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इन दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे लोकतांत्रिक जगत के लिए एक ऐतिहासिक प्रमाण हैं। पिछले 50 वर्षों में अब तक की सबसे अधिक मतदान संख्या का मतलब है कि मतदाताओं को ईसीआई पर बहुत अधिक भरोसा है।
Edited By : Chetan Gour



