मर्डर के बाद बंटी के हाथ का टैटू मिटाया:भारी चीज से सिर पर वार; पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर बोले- बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या हुई
पटना में 6 जुलाई को पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास से बंटी किडनैप हुआ था। किडनैपिंक के 5वें दिन यानी 11 जुलाई को उसका शव 60 किमी दूर अथमलगोला में मिला। बंटी का चेहरा कूचा था। आंख-नाक का कुछ पता नहीं चल रहा था। बाएं हाथ ठीक थे, लेकिन दाहिने हाथ की सिर्फ हड्डी बची थी। पूरे शरीर पर चोट के काले निशान थे। बॉडी गलनी शुरू हो चुकी थी। बंटी के दांय हाथ पर टैटू था। मर्डर के बाद बदमाशों ने उस टैटू को भी नुकीले चीज से गोदकर हटा दिया। बंटी के हाथ में एक कड़ा भी था। जो पोस्टमार्टम के दौरान नहीं मिला। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई। पोस्टमॉर्टम में गोली लगने या शरीर में छर्रे मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हत्या के मुख्य आरोपी समेत नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर ही है। हत्या के बाद की 2 तस्वीरें देखिए… ‘चेहरे और शरीर को बेरहमी से कुचला गया’ पोस्टमर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के शरीर पर ईंट-पत्थर जैसे भारी चीजों से वार किया गया, जिससे उसका चेहरे, हाथ और कुचला था। प्रारंभिक जांच से स्पष्ट होता है कि हत्या बेरहमी से की गई। शव काफी हद तक सड़-गल (डिकम्पोज्ड) चुका था, जिसके कारण कुछ चोटें किस हथियार के वार से आई हैं, उसकी स्पष्ट पुष्टि करना कठिन है। DNA जांच के लिए विसरा और बोन मैरो का नमूना सुरक्षित रख लिया गया है। गुलाबी घाट पर किया गया अंतिम संस्कार हत्या की सूचना मिलने के बाद से घर में मातम पसरा है। परिजन रोते-बिलखते कह रहे हैं- पुलिस ने कोताही बरती है। बंटी के छोटे भाई मयंक ने बताया कि बाढ़ सदर अनुमंडल अस्पताल में बंटी का पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी को न्यू करबिगहिया स्थित आवास पर लाया गया। इसके बाद पटना के गुलबी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने हाथ में पहने कड़े से शव की पहचान की SDPO-1 रामकृष्ण ने बताया, "शनिवार शाम करीब 5 बजे शव की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि शव काफी हद तक डिकंपोज हो चुका है। परिजनों ने हाथ में पहने कड़े से शव की पहचान की। FSL टीम को मौके पर बुलाया गया और सभी सबूत जुटाए गए। उन्होंने बताया कि शव मिलने की सूचना कोतवाली थाने की पुलिस को दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंचीं। शव मिलने के बाद आसपास के सभी संभावित रूट के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शव पर मारपीट के निशान मिले। SDPO के मुताबिक, पुलिस नियमित गश्त करती है, लेकिन आशंका है कि आरोपियों ने रात के अंधेरे और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर शव को वहां ठिकाने लगाया। दोस्त ने कहा- 7-8 युवक बंटी को अपने साथ ले गए थे मृतक के दोस्त राजीव ने बताया कि स्थानीय लोगों ने खेत में शव पड़ा होने की सूचना दी थी। देखने से ही लग रहा था कि शव 4-5 दिन पुराना है। खेत में शव मिलने से साफ है कि यह हत्या का मामला है। राजीव ने बताया, “बंटी ने इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट का विरोध करता था। इसी मामले में सोमवार रात करीब 11.30 बजे किसी का फोन आया और उसे महावीर मंदिर के पास मिलने बुलाया। इसी दौरान 7-8 युवक उसे जबरन अपने साथ ले गए।” अब जानिए पूरा मामला… मारपीट के बाद दुकान के बाहर से अपहरण 6 जुलाई को राजधानी पटना के न्यू करबिगहिया के युवक बंटी कुमार को देर रात अगवा किया गया। वह फास्ट फूड की दुकान चलाता था। देर रात बंटी पटना जंक्शन के पास स्थित एक दुकान पर दही खरीदने पहुंचा था। तभी कुछ लड़के पहुंचे और उसके साथ मारपीट करने लगे। उसके बाद उसका अपहरण कर उसे ब्लैक रंग की स्कॉर्पियो में बैठाकर ले गए। इसका CCTV भी सामने आया था। CCTV में अपहरण की तस्वीर… बंटी के घर वालों ने थाने में काटा था बवाल 7 जुलाई यानी मंगलवार को परिजनों ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में की। बंटी की बरामदगी नहीं होने से नाराज परिजनों ने मंगलवार की देर शाम कोतवाली थाने में जमकर बवाल काटा था। परिजन का आरोप था कि यदि पुलिस शुरुआत से तेजी से कार्रवाई करती तो अब तक बंटी का पता लगाया जा सकता था। थाना में हंगामे की तस्वीरें… घटना को लेकर पीके ने दी थी चेतावनी 8 जुलाई यानी बुधवार को भी युवक के घर वालों ने सड़क जामकर आगजनी की। स्थानीय लोगों ने न्यू करबिगहिया में 3 घंटे तक सड़क जाम कर दिया। बंटी की बहन गुड़िया देवी ने कहा, ‘देह व्यापार के खिलाफ मेरे भाई ने आवाज उठाई थी, इसलिए उसे उठाकर ले गए हैं।’ वहीं, मौके पर प्रशांत किशोर भी पहुंचे। उन्होंने कहा था कि 2 दिन में बंटी बरामद नहीं होता तो वो भी प्रदर्शन में स्थानीय लोगों का साथ देंगे। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए सेक्स रैकेट का विरोध करता था बंटी, 15 दिन पहले हुआ था विवाद स्थानीय लोगों की बातचीत में ये बात सामने आया कि बंटी इस अवैध कामों का विरोध कर रहा था। वह स्थानीय लोगों के साथ बैठकों और विरोध प्रदर्शन में में भी शामिल होता था आनंद कुमार बताते हैं कि करीब 15 दिन पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान बंटी का रवीश उर्फ बीसी से विवाद हुआ था। इस दौरान बंटी को देख लेने की धमकी दी थी। सोमवार की रात बंटी दही खरीदने के लिए पटना जंक्शन के पास गया था। वहीं कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे ऑटो में बैठाकर ले जाया गया। इस मामले में पुलिस ने ऑटो चालक रवि उर्फ चंदू को पुलिस ने अरेस्ट किया है। चंदू ने बताया कि बंटी को ले जाने की एवज में उसे 10 हजार दिए गए थे। बंटी की बहन गुड़िया देवी ने बताया कि बंटी की किसी से लड़ाई नहीं थी। वह मोहल्ले के लोगों के साथ खड़ा था। इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया। अब तक परिवार कई बार कोतवाली थाने जा चुका है। 70 से 80 CCTV कैमरे खंगाले, फिर भी जिंदा नहीं ढूंढ पाई पुलिस घटना 48 घंटे बाद भी बंटी का कुछ पता नहीं चला है। जांच में पुलिस ने पटना जंक्शन और उसके आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। अब तक करीब 70 से 80 कैमरों की रिकॉर्ड
पटना में 6 जुलाई को पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास से बंटी किडनैप हुआ था। किडनैपिंक के 5वें दिन यानी 11 जुलाई को उसका शव 60 किमी दूर अथमलगोला में मिला। बंटी का चेहरा कूचा था। आंख-नाक का कुछ पता नहीं चल रहा था। बाएं हाथ ठीक थे, लेकिन दाहिने हाथ की सिर्फ हड्डी बची थी। पूरे शरीर पर चोट के काले निशान थे। बॉडी गलनी शुरू हो चुकी थी। बंटी के दांय हाथ पर टैटू था। मर्डर के बाद बदमाशों ने उस टैटू को भी नुकीले चीज से गोदकर हटा दिया। बंटी के हाथ में एक कड़ा भी था। जो पोस्टमार्टम के दौरान नहीं मिला। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई। पोस्टमॉर्टम में गोली लगने या शरीर में छर्रे मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हत्या के मुख्य आरोपी समेत नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर ही है। हत्या के बाद की 2 तस्वीरें देखिए… ‘चेहरे और शरीर को बेरहमी से कुचला गया’ पोस्टमर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के शरीर पर ईंट-पत्थर जैसे भारी चीजों से वार किया गया, जिससे उसका चेहरे, हाथ और कुचला था। प्रारंभिक जांच से स्पष्ट होता है कि हत्या बेरहमी से की गई। शव काफी हद तक सड़-गल (डिकम्पोज्ड) चुका था, जिसके कारण कुछ चोटें किस हथियार के वार से आई हैं, उसकी स्पष्ट पुष्टि करना कठिन है। DNA जांच के लिए विसरा और बोन मैरो का नमूना सुरक्षित रख लिया गया है। गुलाबी घाट पर किया गया अंतिम संस्कार हत्या की सूचना मिलने के बाद से घर में मातम पसरा है। परिजन रोते-बिलखते कह रहे हैं- पुलिस ने कोताही बरती है। बंटी के छोटे भाई मयंक ने बताया कि बाढ़ सदर अनुमंडल अस्पताल में बंटी का पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी को न्यू करबिगहिया स्थित आवास पर लाया गया। इसके बाद पटना के गुलबी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने हाथ में पहने कड़े से शव की पहचान की SDPO-1 रामकृष्ण ने बताया, "शनिवार शाम करीब 5 बजे शव की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि शव काफी हद तक डिकंपोज हो चुका है। परिजनों ने हाथ में पहने कड़े से शव की पहचान की। FSL टीम को मौके पर बुलाया गया और सभी सबूत जुटाए गए। उन्होंने बताया कि शव मिलने की सूचना कोतवाली थाने की पुलिस को दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंचीं। शव मिलने के बाद आसपास के सभी संभावित रूट के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शव पर मारपीट के निशान मिले। SDPO के मुताबिक, पुलिस नियमित गश्त करती है, लेकिन आशंका है कि आरोपियों ने रात के अंधेरे और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर शव को वहां ठिकाने लगाया। दोस्त ने कहा- 7-8 युवक बंटी को अपने साथ ले गए थे मृतक के दोस्त राजीव ने बताया कि स्थानीय लोगों ने खेत में शव पड़ा होने की सूचना दी थी। देखने से ही लग रहा था कि शव 4-5 दिन पुराना है। खेत में शव मिलने से साफ है कि यह हत्या का मामला है। राजीव ने बताया, “बंटी ने इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट का विरोध करता था। इसी मामले में सोमवार रात करीब 11.30 बजे किसी का फोन आया और उसे महावीर मंदिर के पास मिलने बुलाया। इसी दौरान 7-8 युवक उसे जबरन अपने साथ ले गए।” अब जानिए पूरा मामला… मारपीट के बाद दुकान के बाहर से अपहरण 6 जुलाई को राजधानी पटना के न्यू करबिगहिया के युवक बंटी कुमार को देर रात अगवा किया गया। वह फास्ट फूड की दुकान चलाता था। देर रात बंटी पटना जंक्शन के पास स्थित एक दुकान पर दही खरीदने पहुंचा था। तभी कुछ लड़के पहुंचे और उसके साथ मारपीट करने लगे। उसके बाद उसका अपहरण कर उसे ब्लैक रंग की स्कॉर्पियो में बैठाकर ले गए। इसका CCTV भी सामने आया था। CCTV में अपहरण की तस्वीर… बंटी के घर वालों ने थाने में काटा था बवाल 7 जुलाई यानी मंगलवार को परिजनों ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में की। बंटी की बरामदगी नहीं होने से नाराज परिजनों ने मंगलवार की देर शाम कोतवाली थाने में जमकर बवाल काटा था। परिजन का आरोप था कि यदि पुलिस शुरुआत से तेजी से कार्रवाई करती तो अब तक बंटी का पता लगाया जा सकता था। थाना में हंगामे की तस्वीरें… घटना को लेकर पीके ने दी थी चेतावनी 8 जुलाई यानी बुधवार को भी युवक के घर वालों ने सड़क जामकर आगजनी की। स्थानीय लोगों ने न्यू करबिगहिया में 3 घंटे तक सड़क जाम कर दिया। बंटी की बहन गुड़िया देवी ने कहा, ‘देह व्यापार के खिलाफ मेरे भाई ने आवाज उठाई थी, इसलिए उसे उठाकर ले गए हैं।’ वहीं, मौके पर प्रशांत किशोर भी पहुंचे। उन्होंने कहा था कि 2 दिन में बंटी बरामद नहीं होता तो वो भी प्रदर्शन में स्थानीय लोगों का साथ देंगे। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए सेक्स रैकेट का विरोध करता था बंटी, 15 दिन पहले हुआ था विवाद स्थानीय लोगों की बातचीत में ये बात सामने आया कि बंटी इस अवैध कामों का विरोध कर रहा था। वह स्थानीय लोगों के साथ बैठकों और विरोध प्रदर्शन में में भी शामिल होता था आनंद कुमार बताते हैं कि करीब 15 दिन पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान बंटी का रवीश उर्फ बीसी से विवाद हुआ था। इस दौरान बंटी को देख लेने की धमकी दी थी। सोमवार की रात बंटी दही खरीदने के लिए पटना जंक्शन के पास गया था। वहीं कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे ऑटो में बैठाकर ले जाया गया। इस मामले में पुलिस ने ऑटो चालक रवि उर्फ चंदू को पुलिस ने अरेस्ट किया है। चंदू ने बताया कि बंटी को ले जाने की एवज में उसे 10 हजार दिए गए थे। बंटी की बहन गुड़िया देवी ने बताया कि बंटी की किसी से लड़ाई नहीं थी। वह मोहल्ले के लोगों के साथ खड़ा था। इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया। अब तक परिवार कई बार कोतवाली थाने जा चुका है। 70 से 80 CCTV कैमरे खंगाले, फिर भी जिंदा नहीं ढूंढ पाई पुलिस घटना 48 घंटे बाद भी बंटी का कुछ पता नहीं चला है। जांच में पुलिस ने पटना जंक्शन और उसके आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। अब तक करीब 70 से 80 कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा चुकी है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, मुख्य सड़कों, प्रमुख चौराहों और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की फुटेज भी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही हैं। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ पुलिस ने इस मामले में बजरंगी और रोहित नामक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। दोनों से घटना के संबंध में लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य संदिग्धों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी भी जारी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अपराधियों की पहचान के लिए SIT का गठन किया गया है।