चीनी कंपनी की धमकी पर झुका पा‍किस्‍तान, गधे के मांस निर्यात को दी मंजूरी, चीन को इस व्यापार में दिलचस्पी क्यों?

Approval Granted for Donkey Meat Exports : पाकिस्तान ने आखिरकार चीन को गधे के मांस के निर्यात को मंजूरी दे दी है। यह फैसला एक चीनी कंपनी द्वारा अपना परिचालन बंद करने की चेतावनी दिए जाने के बाद लिया गया है। चीनी कंपनी ने मंजूरी में लेटलतीफी पर गुस्सा ...

May 4, 2026 - 14:13
 0
चीनी कंपनी की धमकी पर झुका पा‍किस्‍तान, गधे के मांस निर्यात को दी मंजूरी, चीन को इस व्यापार में दिलचस्पी क्यों?

Pakistan Approves Donkey Meat Exports Following Threat from Chinese Company Approval Granted for Donkey Meat Exports : पाकिस्तान ने आखिरकार चीन को गधे के मांस के निर्यात को मंजूरी दे दी है। यह फैसला एक चीनी कंपनी द्वारा अपना परिचालन बंद करने की चेतावनी दिए जाने के बाद लिया गया है। चीनी कंपनी ने मंजूरी में लेटलतीफी पर गुस्सा जताते हुए घोषणा की थी कि ऐसा चलता रहा तो वह पाकिस्तान में अपना काम बंद कर देगी। कंपनी की इस घोषणा से पाकिस्तान के बाजार जगत में हलचल मच गई। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को आनन-फानन में इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। यह विवाद ग्वादर में सक्रिय 'हानगेंग ट्रेड कंपनी' से संबंधित है।

 

चीनी कंपनी ने दी थी यह चेतावनी

पाकिस्तान ने आखिरकार चीन को गधे के मांस के निर्यात को मंजूरी दे दी है। यह फैसला एक चीनी कंपनी द्वारा अपना परिचालन बंद करने की चेतावनी दिए जाने के बाद लिया गया है। चीनी कंपनी ने मंजूरी में लेटलतीफी पर गुस्सा जताते हुए घोषणा की थी कि ऐसा चलता रहा तो वह पाकिस्तान में अपना काम बंद कर देगी। कंपनी की इस घोषणा से पाकिस्तान के बाजार जगत में हलचल मच गई। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को आनन-फानन में इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।

ALSO READ: हार्मुज में तनाव: अमेरिकी नाकेबंदी के बीच कैसे निकले 20 जहाज? चीनी टैंकर ने उड़ाई अमेरिका की नींद

किस काम आता है गधे का मांस? 

यह विवाद ग्वादर में सक्रिय 'हानगेंग ट्रेड कंपनी' से संबंधित है। चीन में गधे के मांस का उपयोग एक पारंपरिक औषधि बनाने में किया जाता है। यह औषधि आमतौर पर रक्तवर्धक और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बेची जाती है। इस फैसले को आर्थिक और कूटनीतिक दबाव के बीच लिया गया कदम माना जा रहा है, क्योंकि चीन पाकिस्तान का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। स्थिति को संभालने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय को खुद दखल देना पड़ा।

ALSO READ: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच चीन का मास्टरस्ट्रोक: दुनिया तेल के लिए तरसी, बीजिंग ने लगा दिया जैकपॉट!

महीनों से अटकी हुई थी यह मंजूरी

इस महीने के आखिर में शहबाज शरीफ को चीन जाना है। ये मुद्दा वहां उनके सामने उठ सकता था, ऐसे में इसे इमरजेंसी लेवल पर सुलझाया गया। यह मामला शुक्रवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय के दखल के बाद सुलझा है। पीएम ऑफिस से मैसेज मिलने के कुछ ही घंटों में कैबिनेट की मंजूरी हुई और फिर पशु क्वारंटाइन विभाग ने भी इजाजत दे दी। गधों के मांस को चीन में एक्सपोर्ट की यह मंजूरी महीनों से अटकी हुई थी।

 

इसलिए भड़की थी चीनी कंपनी

चीनी कंपनी तब भड़क गई, जब कैबिनेट डिवीजन ने आर्थिक समन्वय समिति (ECC) के 27 अप्रैल के फैसले को 29 अप्रैल की बैठक में मंज़ूरी के लिए संघीय कैबिनेट के पास नहीं भेजा। हैंगेंग ट्रेड ग्वादर नॉर्थ फ्री जोन में काम कर रही है, जो कृषि तथा पशु उत्पादों के चीन को निर्यात पर केंद्रित है। इसके पास गधे के मांस और खाल के निर्यात के लिए एक बूचड़खाना है। पाकिस्तान चाहता है कि चीन के साथ इस मुद्दे पर अच्छे संपर्क रखे जाएं क्योंकि इससे व्यापार बढ़ेगा और पाकिस्तानी लोगों को रोजगार मिलेगा।

ALSO READ: तनाव के बीच ट्रंप का दावा- शी मुझे गले लगाएंगे, चीन ने ईरान को हथियार न देने का वादा किया, Strait of Hormuz को लेकर दिया बड़ा अपडेट

प्रतिवर्ष 216000 गधों का होता है निर्यात

पाकिस्तान मांस और चमड़े के लिए मुख्य रूप से चीन को प्रतिवर्ष लगभग 216000 गधों का निर्यात करता है। सरकारी अनुमानों के अनुसार, इससे प्रति वर्ष लगभग 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर का राजस्व मिलता है। पाकिस्तान सरकार का यह फैसला इस महीने के अंत में एक निवेश मंच की बैठक में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की होने वाली चीन यात्रा पर चर्चाओं के बीच आया है।
Edited By : Chetan Gour