हर श्रमिक परिवार को मिलेगी स्वास्थ्य सुरक्षा : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का विकास तभी ...

May 1, 2026 - 22:07
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हर श्रमिक परिवार को मिलेगी स्वास्थ्य सुरक्षा : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath's Statement Regarding Labor Families in State - मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 12.26 लाख निर्माण श्रमिकों को दी आयुष्मान कार्ड सुविधा, शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी शीघ्र मिलेगा लाभ 

- 41 जनपदों में 116 ईएसआईसी औषधालय संचालित, शेष 34 जनपदों में भी जल्द एक-एक ईएसआईसी औषधालय स्थापित करने का प्रस्ताव

- औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में नहीं होने देनी है, जहां औद्योगिक अशांति होती है वहां खंडहर के सिवाय कुछ नहीं बचता

- योगी ने कहा- जो लोग समृद्धि और विकास के विरोधी हैं वे उद्योग नहीं चलने देना चाहते, हमें बहकावे में नहीं आना

- काम किया है तो दाम भी मिलना चाहिए, अगर कोई मजदूरी नहीं देगा तो सरकार उसका काम तमाम करेगी

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित 'श्रमवीर गौरव समारोह 2026' का किया शुभारंभ

- श्रमिकों को मिलेगी ठहरने के लिए डॉरमेट्री और सस्ता-पौष्टिक भोजन देने वाली कैंटीन की सुविधा

- मुख्यमंत्री योगी ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का विकास तभी सार्थक है, जब श्रमिक वर्ग सशक्त और सुरक्षित हो। इसी दृष्टि से राज्य सरकार श्रमिक परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ने का अभियान तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक 12 लाख 26 हजार निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड सुविधा दी जा चुकी है, जिससे उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध हो रहा है। शेष 15 लाख 83 हजार श्रमिकों को भी शीघ्र इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है।

औसतन एक परिवार में 5 सदस्यों के आधार पर, यह पहल 75 से 80 लाख लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देगी। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कम से कम 1 करोड़ श्रमिक परिवारों, यानी लगभग 5 करोड़ लोगों तक इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाना है, जो प्रदेश के इतिहास में श्रमिक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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श्रमिकों के पसीने से ही नए भारत का निर्माण हो रहा

अटल आवासीय विद्यालय के पहले बैच के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना एक नई मिसाल बनी। इन बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता के अथक श्रम व पसीने की लाज रखी है। नए भारत के निर्माण में आप सभी श्रमिक भाई-बहन प्रधानमंत्री जी के विजन के वास्तविक शिल्पकार हैं।

सर्दी-गर्मी, आंधी-तूफान की परवाह किए बिना आप जो पसीना बहाते हैं, उसकी एक-एक बूंद धरती माता को सोना उगलने की शक्ति देती है। पहले विडंबना यह थी कि जो श्रमिक दूसरों को छत, अन्न और अस्पताल देते थे, स्वयं उनके पास आवास नहीं होता था, उनके बच्चे भूख से तड़पते थे और उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिलती थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘श्रममेव जयते’ मंत्र के साथ श्रमिकों को सम्मान और गौरव मिल रहा है।

Chief Minister Yogi Adityanath's Statement Regarding Labor Families in State

श्रमिक अब सम्मान और सुविधाओं का हकदार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने महाकुंभ के दौरान श्रमिकों के पैर धोकर और अयोध्या-काशी में पुष्पवर्षा कर उनके श्रम और समर्पण का अनुपम सम्मान किया। इसी संवेदनशीलता के कारण आज श्रमिक किसी सरकार के एजेंडे का हिस्सा बन सका है। कभी कोई सोच भी नहीं सकता था कि श्रमिक के पास भी अपना पक्का घर होगा। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश में 4 करोड़ से अधिक लोगों को आवास मिला है, जिनमें उत्तर प्रदेश में 65 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही देश में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 61 लाख परिवार शामिल हैं।

अब गरीब भी उस अस्पताल में इलाज करा सकता है, जिसके निर्माण में श्रमिक का पसीना लगा है, क्योंकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध है। साथ ही श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं और आज जेवर में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी गई है। अब श्रमिक परिवारों को गैस, राशन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उज्ज्वला योजना, निःशुल्क राशन और अन्य योजनाओं से गरीब के हक की रक्षा हो रही है और उनकी मेहनत को सच्चा सम्मान मिल रहा है।

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डबल इंजन सरकार श्रमिकों की हर विपदा में साथ

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आपदा आने पर बटाईदार और खेतिहर श्रमिक कर्ज के बोझ तले दब जाते थे, लेकिन अब हमारी सरकार ने व्यवस्था की है कि आपदा में मुआवजा केवल भूमि स्वामी को नहीं, बल्कि बटाईदार और खेत पर काम करने वाले श्रमिक को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत उन्हें 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया गया है और हर वर्ष 700 से 1000 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रभावित श्रमिक परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही है।
 

सीएम योगी ने कहा कि संकट के समय जो आपके साथ खड़ा होता है, वही सच्चा हितैषी है। कोरोना काल की सबसे बड़ी त्रासदी के दौरान जब विपक्षी नेता अपने घरों में छिप गए थे, तब डबल इंजन सरकार पूरी ताकत से श्रमिकों के साथ खड़ी थी। हम 14,000 बसों से लाखों श्रमिकों को वापस लाए, एक करोड़ श्रमिकों के रहने-खाने की व्यवस्था की और निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया। डबल इंजन की सरकार किसी भी संकट में खेतिहर मजदूर से लेकर औद्योगिक श्रमिक तक,  हर वर्ग के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।

 

श्रमिक का बच्चा भी अब अधिकारी बनेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम के बाद श्रम मंत्री अनिल राजभर जी गोरखपुर जा रहे हैं, जहां 200 श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह में स्वयं मंत्री जी मेहमानों का सम्मान और आवभगत करेंगे। श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। इसका एक उदाहरण है- पूरे प्रदेश में 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय, जहां श्रमिकों के बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ बेहतरीन शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों में अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की गई है, ताकि श्रमिक का बच्चा भविष्य में अधिकारी बने।

ALSO READ: योगी सरकार में महिला सुरक्षा सिर्फ दावा नहीं, जमीनी स्तर पर दिख रहा बदलाव पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 18,000 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। पहले बीमारू राज्य कहलाने वाला उत्तर प्रदेश आज भारत का ग्रोथ इंजन और उद्यम प्रदेश बनकर उभरा है। यह श्रमिकों की अथक मेहनत, सुरक्षा के बेहतर माहौल और सरकार के संकल्प का परिणाम है।

Chief Minister Yogi Adityanath's Statement Regarding Labor Families in State

अगर कोई मजदूरी नहीं देगा, तो सरकार उसका काम तमाम करेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ की सुविधा दी है। यानी, किसी भी राज्य/जिले में रहने वाला श्रमिक देश में कहीं भी अपना राशन ले सकता है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में 7 लाख से अधिक श्रमिकों को पेंशन कवर दिया गया है। अटल पेंशन योजना में प्रदेश के 93 लाख लाभार्थी जुड़े हैं। ई-श्रम पोर्टल पर सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश के हैं। निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले श्रमिकों के परिवार को अब 5 लाख रुपए, दिव्यांग होने पर 2 लाख रुपये तक की सहायता इस सरकार ने गारंटी के रूप में दी है, जबकि 2014 से पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बचपन से देखते आए हैं कि बड़े-बड़े शहरों में श्रमिक अड्डे बनते थे, जिनकी कोई सुध नहीं लेता था। काम करने के बाद ठेकेदार या मालिक मजदूरी देने से मना कर देते थे या कम देते थे। अब सरकार ने साफ कहा है कि काम किया है तो उसका दाम भी मिलना चाहिए। अगर कोई मजदूरी नहीं देगा, तो सरकार उसका काम तमाम करेगी। 

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सभी 75 जनपदों में स्थापित होंगे ईएसआईसी औषधालय

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत भी हम श्रमिक परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें 6 लाख से अधिक लाभार्थी जुड़ चुके हैं। इसके अलावा, ठहरने की बेहतर सुविधा के लिए हम श्रमिक डॉरमेट्री बना रहे हैं। इनमें सस्ती और गुणवत्तापूर्ण कैंटीन भी होंगी, ताकि श्रमिकों को सस्ता, स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके। साफ-सुथरे शौचालय, स्नानघर तथा मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध हों। सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा, कॉमन एरिया, गार्ड की व्यवस्था, ये सब भी श्रमिक डॉरमेट्री में सुनिश्चित की जा रही हैं।

इसके साथ ही ईएसआईसी औषधालयों का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में 41 जनपदों में 116 ईएसआईसी औषधालय संचालित हैं। शेष 34 जनपदों में भी जल्द ही एक-एक ईएसआईसी औषधालय स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्थापित किया जाएगा, ताकि श्रमिकों को अपने क्षेत्र में ही निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।

 

जहां भी औद्योगिक क्षेत्र, वहां होगा ईएसआईसी हॉस्पिटल

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में हमने 7 एकड़ भूमि आवंटित की है, जहां 300 बेड का एक ईएसआईसी हॉस्पिटल बनाया जाएगा। यह हॉस्पिटल विशेष रूप से श्रमिकों के लिए समर्पित होगा, चाहे वे निर्माण श्रमिक हों या औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक। इसी प्रकार, गीडा गोरखपुर में 5 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां ईएसआईसी हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा।

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औद्योगिक अशांति में खंडहर के सिवाय कुछ नहीं बचता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के मानदेय में वृद्धि की है। हमने उद्यमियों से बातचीत कर इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया है। उद्योग और श्रमिक एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योग है तो श्रमिक है। उद्योग का उन्नयन होगा तो श्रमिक का उन्नयन होगा। श्रमिक खुशहाल होगा तो उद्योग तेजी से आगे बढ़ेगा।

औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में नहीं होने देनी है। जहां औद्योगिक अशांति होती है, वहां अंत में खंडहर के सिवाय कुछ नहीं बचता। जो लोग समृद्धि और विकास के विरोधी हैं, वे उद्योग नहीं चलने देना चाहते। वे लोगों को बहकाने का काम करेंगे, लेकिन हमें बहकना नहीं है। उद्योग और श्रमिकों को मिलकर आगे बढ़ना है।
Edited By : Chetan Gour