करनाल में तीनों आरोपियों का रिमांड पूरा:नहर में गोवंशों के कटे सिर मिलने का मामला, नेटवर्क की तलाश जारी
करनाल जिला के इंद्री थाना क्षेत्र में नहर से गोवंश के कटे सिर मिलने के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों का रिमांड बीती रात पूरा हो गया। पुलिस ने देर रात ही आरोपियों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया। आज इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। धमनहेड़ी के पास पहली बार मिले अवशेष घटनाक्रम की शुरुआत 18 मार्च, बुधवार को हुई थी। धमनहेड़ी गांव के पास नहर किनारे लोगों को 7 गोवंश के अवशेष दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेष बाहर निकलवाए। इसके बाद उन्हें उचानी स्थित पशुधन केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर कटे हुए सिर पड़े थे, जबकि कुछ पैर नहर के अंदर मिले। आसपास हड्डियों का ढांचा और खाल भी पड़ी हुई थी। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। 19 मार्च को फिर मिले कटे सिर पहली घटना के अगले ही दिन 19 मार्च, गुरुवार को उसी नहर के पास 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिलने से माहौल गर्म हो गया। गोरक्षक मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने कटे सिर अपने साथ लेकर इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर रख दिए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। जाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस ने समझा-बुझाकर गोरक्षकों को शांत किया और कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। धनौरा के पास तीसरी घटना तीसरी घटना 21 मार्च, शनिवार को सामने आई। धनौरा गांव के पास नहर में फिर से गोवंश के कटे हुए सिर मिले। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने बताया कि अवशेष काफी पुराने और गली-सड़ी हालत में थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। 22 मार्च को अल्टीमेटम, महापंचायत और प्रदर्शन गोरक्षा दल ने पुलिस को 22 मार्च, रविवार सुबह 11 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। तय समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर इंद्री में महापंचायत बुलाई गई और प्रशासन के साथ बैठक हुई। प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा, जिससे गोरक्षा दल के सेवादारों में रोष फैल गया। इसके बाद उन्होंने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। गोरक्षा दल के प्रधान मोनू राणा ने कहा कि नवरात्रि के दिनों में इस तरह की घटना हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 24 मार्च को तीनों आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, 24 मार्च की शाम को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये तीनों उत्तर प्रदेश के नकुड़ के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान नवाब, शहजाद और आजम के रूप में हुई है। इस मामले की जांच एसपी करनाल द्वारा सीआईए-1, सीआईए-2 और सीआईए-3 को सौंपी गई थी। तीनों टीमों ने मिलकर काम करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी पुलिस चार दिन के रिमांड के बाद अब पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की कड़ियों को जोड़कर पूरी साजिश का खुलासा करने की दिशा में जांच जारी है।
करनाल जिला के इंद्री थाना क्षेत्र में नहर से गोवंश के कटे सिर मिलने के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों का रिमांड बीती रात पूरा हो गया। पुलिस ने देर रात ही आरोपियों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया। आज इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। धमनहेड़ी के पास पहली बार मिले अवशेष घटनाक्रम की शुरुआत 18 मार्च, बुधवार को हुई थी। धमनहेड़ी गांव के पास नहर किनारे लोगों को 7 गोवंश के अवशेष दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेष बाहर निकलवाए। इसके बाद उन्हें उचानी स्थित पशुधन केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर कटे हुए सिर पड़े थे, जबकि कुछ पैर नहर के अंदर मिले। आसपास हड्डियों का ढांचा और खाल भी पड़ी हुई थी। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। 19 मार्च को फिर मिले कटे सिर पहली घटना के अगले ही दिन 19 मार्च, गुरुवार को उसी नहर के पास 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिलने से माहौल गर्म हो गया। गोरक्षक मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने कटे सिर अपने साथ लेकर इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर रख दिए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। जाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस ने समझा-बुझाकर गोरक्षकों को शांत किया और कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। धनौरा के पास तीसरी घटना तीसरी घटना 21 मार्च, शनिवार को सामने आई। धनौरा गांव के पास नहर में फिर से गोवंश के कटे हुए सिर मिले। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने बताया कि अवशेष काफी पुराने और गली-सड़ी हालत में थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। 22 मार्च को अल्टीमेटम, महापंचायत और प्रदर्शन गोरक्षा दल ने पुलिस को 22 मार्च, रविवार सुबह 11 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। तय समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर इंद्री में महापंचायत बुलाई गई और प्रशासन के साथ बैठक हुई। प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा, जिससे गोरक्षा दल के सेवादारों में रोष फैल गया। इसके बाद उन्होंने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। गोरक्षा दल के प्रधान मोनू राणा ने कहा कि नवरात्रि के दिनों में इस तरह की घटना हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 24 मार्च को तीनों आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, 24 मार्च की शाम को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये तीनों उत्तर प्रदेश के नकुड़ के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान नवाब, शहजाद और आजम के रूप में हुई है। इस मामले की जांच एसपी करनाल द्वारा सीआईए-1, सीआईए-2 और सीआईए-3 को सौंपी गई थी। तीनों टीमों ने मिलकर काम करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी पुलिस चार दिन के रिमांड के बाद अब पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की कड़ियों को जोड़कर पूरी साजिश का खुलासा करने की दिशा में जांच जारी है।